ट्रेड डील को लेकर कांग्रेस का हमला, शशि थरूर बोले– ट्वीट से नहीं चलता देश

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि समझौते की पूरी जानकारी सामने आए बिना जश्न मनाना जल्दबाजी होगी।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर शशि थरूर ने सरकार से पारदर्शिता की मांग की है। उनका कहना है कि टैरिफ घटने के दावों से पहले यह बताना जरूरी है कि समझौते में भारत ने क्या रियायतें दी हैं।

New Delhi: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील (Trade Deal) को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। इस डील को सरकार एक बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक सफलता के तौर पर पेश कर रही है, लेकिन विपक्ष की ओर से अब इस पर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस समझौते को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है और सरकार से साफ शब्दों में पारदर्शिता (Transparency) की मांग की है।

थरूर का कहना है कि अगर भारतीय उत्पादों पर टैरिफ (Tariff) में कमी आई है तो यह स्वागत योग्य हो सकता है, लेकिन जब तक देश को यह नहीं बताया जाता कि समझौते में वास्तव में क्या तय हुआ है, तब तक जश्न मनाना जल्दबाजी होगी।

टैरिफ घटने का दावा

भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर दावा किया जा रहा है कि इस समझौते के बाद अमेरिका में भारतीय सामानों पर लगने वाला टैरिफ लगभग 18 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। इसे भारतीय निर्यात (Export) के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। खासतौर पर मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल और कुछ अन्य सेक्टर्स को इससे फायदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

हालांकि शशि थरूर ने इस दावे पर सीधा सवाल खड़ा किया है। उनका कहना है कि टैरिफ कम होना अपने आप में अच्छी बात हो सकती है, लेकिन असली मुद्दा यह है कि इसके बदले भारत ने क्या दिया है। जब तक इस सवाल का जवाब सामने नहीं आता, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा।

ट्वीट से देश नहीं चलता: थरूर की दो टूक

शशि थरूर ने सरकार की कम्युनिकेशन रणनीति पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक इस ट्रेड डील को लेकर जो जानकारी सामने आई है, वह सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्वीट्स तक सीमित है।

थरूर के शब्दों में, क्या संसदीय लोकतंत्र (Parliamentary Democracy) में इतने बड़े आर्थिक समझौते की जानकारी केवल सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सिर्फ इतना चाहता है कि सरकार संसद में आकर बताए कि इस डील में क्या शर्तें हैं, किन सेक्टर्स को फायदा मिलेगा और किन क्षेत्रों पर इसका असर पड़ेगा।

विपक्ष की मांग: डील की पूरी डिटेल सामने आए

ट्रेड डील को लेकर कांग्रेस का हमला, शशि थरूर बोले– ट्वीट से नहीं चलता देश

कांग्रेस सांसद ने साफ किया कि विपक्ष इस डील का विरोध नहीं कर रहा है, बल्कि वह सिर्फ स्पष्टता और जानकारी चाहता है। उनका कहना है कि जब कोई अंतरराष्ट्रीय समझौता देश की अर्थव्यवस्था, किसानों और उद्योगों को प्रभावित करता है, तो उसे गोपनीय नहीं रखा जा सकता।

थरूर ने कहा कि देश के लोगों को यह जानने का अधिकार है कि सरकार किस तरह के कमिटमेंट्स कर रही है। सिर्फ यह कहना कि यह डील भारत के हित में है, पर्याप्त नहीं है। हित कैसे सुरक्षित किए गए हैं, यह भी बताया जाना चाहिए।

भारतीय किसानों की चिंता

भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर एक बड़ा मुद्दा कृषि (Agriculture) से जुड़ा हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से यह दावा किया गया है कि इस समझौते के जरिए अमेरिका अपने कृषि उत्पादों को भारत में ज्यादा मात्रा में एक्सपोर्ट कर पाएगा।

यहीं से शशि थरूर की चिंता शुरू होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में बड़ी संख्या में आएंगे, तो इसका असर भारतीय किसानों पर क्या पड़ेगा। क्या सरकार ने किसानों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस व्यवस्था की है या नहीं, यह अब तक साफ नहीं है।

500 अरब डॉलर का दावा

शशि थरूर ने ट्रंप के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने 500 अरब डॉलर के व्यापार का जिक्र किया है। थरूर ने कहा कि भारत का कुल इम्पोर्ट बिल करीब 700 अरब डॉलर का है। ऐसे में यह मान लेना कि भारत अमेरिका से ही इतनी बड़ी मात्रा में सामान खरीदेगा, व्यावहारिक नहीं लगता।

उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में पूछा कि क्या इसका मतलब यह है कि भारत बाकी देशों से खरीदारी बंद कर देगा। उनके मुताबिक किसी एक देश के साथ व्यापार बढ़ाने का मतलब यह नहीं होना चाहिए कि भारत अपने विविध व्यापारिक संबंधों को नुकसान पहुंचाए।

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