त्रिपुरा सरकार ने NEET (UG) 2026 री-एग्जाम के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। 21 जून को होने वाली परीक्षा में 4,700 से अधिक उम्मीदवार शामिल होंगे। परीक्षा 10 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच आयोजित होगी।
अगरतला: त्रिपुरा सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) 2026 के री-कंडक्ट को लेकर सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। यह परीक्षा 21 जून 2026 को राज्य भर में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
इस संबंध में शुक्रवार को विभाग द्वारा एक आधिकारिक प्रेस नोट जारी किया गया, जिसमें बताया गया कि परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (National Testing Agency), जिला प्रशासन, त्रिपुरा पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।
4,700 से अधिक उम्मीदवार परीक्षा में होंगे शामिल
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार इस बार लगभग 4,700 से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें से करीब 4,500 उम्मीदवार पश्चिम त्रिपुरा जिले से और लगभग 200 उम्मीदवार धलाई जिले से परीक्षा देंगे।
परीक्षा के लिए कुल 10 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जिनमें से 9 केंद्र पश्चिम त्रिपुरा में और 1 केंद्र धलाई जिले में स्थित होगा। सभी केंद्रों पर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया है।
राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय समितियों का गठन
परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए त्रिपुरा सरकार ने एक मजबूत निगरानी ढांचा तैयार किया है। इसके तहत राज्य स्तरीय समन्वय समिति (SLCC) और जिला स्तरीय समन्वय समितियाँ (DLCC) गठित की गई हैं।
ये समितियाँ परीक्षा से जुड़े सभी कार्यों की निगरानी करेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि किसी भी स्तर पर कोई अनियमितता न हो। साथ ही, ये समितियाँ जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और परीक्षा केंद्रों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने का काम करेंगी।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली
उच्च शिक्षा विभाग के सचिव और राज्य नोडल अधिकारी रावल हेमेंद्र कुमार ने बताया कि परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी और अभ्यर्थियों की मल्टी-स्टेज फ्रिस्किंग (कई चरणों में तलाशी) की जाएगी। इसके अलावा, हर केंद्र पर सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है ताकि परीक्षा प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जा सके।

परीक्षा के दौरान राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (National Testing Agency) द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) भी मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों को भी सक्रिय रखा जाएगा, जो किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करेंगी।
जामर और सुरक्षित सामग्री प्रबंधन की व्यवस्था
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए जाएंगे, जिससे किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक संचार या नकल की संभावना को रोका जा सके।
इसके अलावा, प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय सामग्री के सुरक्षित परिवहन और हैंडलिंग के लिए विशेष प्रोटोकॉल लागू किया गया है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि परीक्षा सामग्री केवल अधिकृत अधिकारियों के माध्यम से ही केंद्रों तक पहुंचे।
केंद्रवार नोडल अधिकारियों की नियुक्ति
हर परीक्षा केंद्र पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जिनकी जिम्मेदारी परीक्षा से जुड़ी सभी गतिविधियों का समन्वय करना होगा।
ये अधिकारी जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, एनआईसी, केंद्र अधीक्षक और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (National Testing Agency) के अधिकारियों के बीच संपर्क बनाए रखेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो।
अभ्यर्थियों और अभिभावकों के लिए दिशा-निर्देश
उच्च शिक्षा विभाग ने सभी उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे अपने एडमिट कार्ड में दिए गए रिपोर्टिंग समय से काफी पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचें। देर से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
साथ ही, सभी उम्मीदवारों को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (National Testing Agency) द्वारा जारी सभी निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाएँ और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि परीक्षा का माहौल शांत और व्यवस्थित बना रहे।
परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सरकार का जोर
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि NEET (UG) 2026 की री-कंडक्ट परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आयोजित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उच्च शिक्षा विभाग के सचिव रावल हेमेंद्र कुमार ने कहा कि त्रिपुरा सरकार परीक्षा प्रणाली की शुचिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डिजिटल निगरानी और तकनीकी सहायता
परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और एनआईसी की सहायता ली जा रही है। सभी परीक्षा केंद्रों की डिजिटल निगरानी की जाएगी और डेटा को रीयल टाइम में ट्रैक किया जाएगा।
इससे न केवल परीक्षा की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।
राज्य में परीक्षा प्रबंधन की बड़ी पहल
त्रिपुरा में इस स्तर की परीक्षा का आयोजन राज्य प्रशासन के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि हर उम्मीदवार को समान और निष्पक्ष अवसर मिले।
इस पहल को राज्य में परीक्षा सुधार और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।










