Trump के शांति संकेत से बाजार में जोरदार तेजी, Nifty-Sensex उछले, Crude Oil फिसला

ट्रंप के ईरान शांति संकेत से बाजार में तेजी लौटी। सेंसेक्स-निफ्टी उछले, कच्चे तेल की कीमतें गिरीं और निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।

ईरान के साथ संभावित शांति समझौते और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई टलने के संकेतों से वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना है। भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुले, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली।

New Delhi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर दिए गए ताजा बयान के बाद वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। संभावित शांति समझौते और सैन्य तनाव कम होने की उम्मीद से भारतीय शेयर बाजार में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी निवेशकों की धारणा को समर्थन दिया है।

ट्रंप के बयान से वैश्विक बाजारों में लौटी तेजी

Trump के शांति संकेत से बाजार में जोरदार तेजी, Nifty-Sensex उछले, Crude Oil फिसला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर दिए गए ताजा बयान के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ शांति समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल रोक दिया गया है। इस बयान के बाद निवेशकों की चिंता कम हुई और दुनिया भर के शेयर बाजारों में खरीदारी बढ़ गई। पिछले कुछ महीनों से पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों में अनिश्चितता बनी हुई थी, लेकिन अब हालात सामान्य होने की उम्मीद से बाजारों में भरोसा लौटा है।

भारतीय शेयर बाजार ने दिखाई मजबूत शुरुआत

सकारात्मक वैश्विक संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 876 अंकों की बढ़त के साथ 74,709 पर खुला, जबकि निफ्टी करीब 250 अंकों की तेजी के साथ 23,412 के स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, आईटी, ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव कम होने की उम्मीद और विदेशी निवेशकों की बेहतर धारणा के कारण भारतीय बाजारों को मजबूती मिली है। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट भी निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है।

ईरान के साथ समझौते की उम्मीद से बढ़ा भरोसा

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ संभावित समझौता इस सप्ताह के अंत तक हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों के बीच बातचीत शीर्ष नेतृत्व स्तर तक पहुंच चुकी है। इस बयान ने निवेशकों को यह संकेत दिया है कि लंबे समय से चल रहा तनाव जल्द समाप्त हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी चिंताएं काफी हद तक कम हो सकती हैं। बाजारों में तेजी का एक बड़ा कारण यही उम्मीद है कि कूटनीतिक प्रयासों के जरिए विवाद का समाधान निकाला जा सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की संभावना का असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार पर भी देखने को मिला। निवेशकों को उम्मीद है कि क्षेत्र में शांति बहाल होने पर तेल आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी और सप्लाई चेन सामान्य बनी रहेगी। इसी कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। भारत जैसे देशों के लिए यह सकारात्मक संकेत माना जाता है क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। तेल की कीमतें कम रहने से आयात बिल पर दबाव घट सकता है और महंगाई को नियंत्रित रखने में भी मदद मिल सकती है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर बनी हुई है नजर

विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ की स्थिति पर बनी रहेगी। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन रास्तों में शामिल है। यदि क्षेत्र में तनाव कम होता है और इस मार्ग पर सामान्य गतिविधियां बहाल रहती हैं तो वैश्विक ऊर्जा बाजार को बड़ी राहत मिल सकती है। इसका फायदा केवल तेल बाजार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शेयर बाजारों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। फिलहाल निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ता के अगले चरण का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इससे बाजारों की दिशा तय होने की संभावना है।

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