रूस के साथ युद्ध के बीच यूक्रेन एडल्ट कंटेंट कारोबार को कानूनी दायरे में लाकर टैक्स लगाने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे सालाना करीब 236 करोड़ रुपये राजस्व मिल सकता है, जिसका इस्तेमाल ड्रोन और अन्य रक्षा जरूरतों में हो सकता है।
कीव: रूस के साथ जारी युद्ध के बीच यूक्रेन सरकार देश में एडल्ट कंटेंट के कारोबार को कानूनी दायरे में लाने और उस पर टैक्स लगाने के प्रस्ताव पर आगे बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस कदम से सरकार को हर साल करीब 2.5 करोड़ डॉलर यानी लगभग 236 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हो सकती है। एक सांसद के अनुसार, इस रकम से करीब 30 हजार ड्रोन खरीदे जा सकते हैं। यूक्रेन में एडल्ट कंटेंट से जुड़ी गतिविधियां अभी पूरी तरह कानूनी नहीं हैं। ऐसे में प्रस्तावित कानून का उद्देश्य केवल अतिरिक्त राजस्व जुटाना नहीं, बल्कि इस कारोबार को औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनाकर उससे जुड़े कानूनी विवाद और कथित भ्रष्टाचार को कम करना भी बताया जा रहा है।
संसद की पहली रीडिंग में बिल को मंजूरी
यूक्रेन की संसद ने जुलाई में इस प्रस्ताव से जुड़े विधेयक को पहली रीडिंग में मंजूरी दी थी। मतदान के दौरान 231 सांसदों ने बिल के पक्ष में वोट दिया, जबकि 8 सांसदों ने इसका विरोध किया। वहीं, 3 सांसद मतदान से दूर रहे।
अब विधेयक को दूसरी रीडिंग के लिए संसद में पेश किया जाना है। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रस्तावित व्यवस्था किस स्वरूप में लागू होगी और एडल्ट कंटेंट से जुड़े कारोबार के लिए किस तरह के कानूनी और कर संबंधी नियम बनाए जाएंगे।
इस बिल के सह-लेखकों में सांसद यारोस्लाव झेलेजनियाक भी शामिल हैं। वह वित्त, टैक्स और बजट से संबंधित संसदीय समिति के प्रमुख हैं। प्रस्ताव के समर्थकों का तर्क है कि मौजूदा व्यवस्था में कारोबार के एक बड़े हिस्से के अनौपचारिक या छिपे तरीके से संचालित होने के कारण सरकार को संभावित कर राजस्व नहीं मिल पा रहा है।
कानूनी स्थिति के कारण टैक्स देना भी मुश्किल
रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन में पोर्नोग्राफिक कंटेंट बनाना और वितरित करना मौजूदा कानून के तहत गैरकानूनी है। इस वजह से एडल्ट कंटेंट क्रिएटर्स के लिए अपनी आय को आधिकारिक तौर पर घोषित करना आसान नहीं है।
अगर कोई क्रिएटर अपनी कमाई सरकार को बताता है और उस पर टैक्स चुकाता है, तो उसकी आय और गतिविधियों की जानकारी अधिकारियों के सामने आ सकती है। इसके साथ ही उसे मौजूदा पोर्नोग्राफी कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई का सामना करने का जोखिम भी बना रहता है।
प्रस्ताव के समर्थकों का कहना है कि स्पष्ट कानूनी व्यवस्था बनने के बाद यह समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। कारोबार को नियमन के दायरे में लाने से सरकार के पास आय की निगरानी और उस पर टैक्स लगाने का स्पष्ट आधार होगा।
ओनलीफैन्स पर हजारों यूक्रेनी क्रिएटर्स
यूक्रेन में ऑनलाइन एडल्ट कंटेंट का कारोबार पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। सब्सक्रिप्शन आधारित प्लेटफॉर्म ओनलीफैन्स पर बड़ी संख्या में यूक्रेनी क्रिएटर्स सक्रिय हैं।
रिपोर्ट में द वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से बताया गया है कि 2023 में करीब 8 हजार यूक्रेनियों ने ओनलीफैन्स के जरिए 13.1 करोड़ डॉलर से अधिक कमाई की थी। भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 1,237 करोड़ रुपये बताई गई है।
हालांकि, यह आंकड़ा केवल ओनलीफैन्स के जरिए हुई कमाई से संबंधित है। इसमें यूक्रेन के पूरे एडल्ट कंटेंट कारोबार से होने वाली आय शामिल नहीं है।
ओनलीफैन्स की शुरुआत सितंबर 2016 में हुई थी। यह एक सब्सक्रिप्शन आधारित प्लेटफॉर्म है, जहां क्रिएटर्स अपने कंटेंट के बदले सीधे यूजर्स से भुगतान प्राप्त कर सकते हैं।
टैक्स देने वाले क्रिएटर्स को भी जांच का डर
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ एडल्ट कंटेंट क्रिएटर्स ने अपनी आय को आधिकारिक रूप से घोषित कर टैक्स चुकाने की कोशिश की। हालांकि, इसके बाद कुछ लोगों को केवल टैक्स संबंधी मामलों में ही नहीं, बल्कि पोर्नोग्राफी से जुड़े मौजूदा कानूनों के तहत भी जांच का सामना करना पड़ा।
यही स्थिति इस प्रस्ताव के पीछे दिए जा रहे प्रमुख तर्कों में शामिल है। समर्थकों का कहना है कि जब कारोबार पहले से मौजूद है और उससे बड़ी मात्रा में पैसा पैदा हो रहा है, तो उसे स्पष्ट नियमों के तहत लाकर टैक्स व्यवस्था में शामिल किया जाना अधिक व्यावहारिक हो सकता है।
भ्रष्टाचार कम करने का भी दावा
प्रस्ताव के समर्थक इस बदलाव को भ्रष्टाचार रोकने से भी जोड़ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन के तीन क्षेत्रों में अधिकारियों पर एडल्ट कंटेंट कारोबार से जुड़े लोगों से रिश्वत लेने के आरोप सामने आए हैं।
बिल के समर्थकों का तर्क है कि जब कोई कारोबार गैरकानूनी स्थिति में संचालित होता है, तो उससे जुड़े लोगों पर कानूनी कार्रवाई का डर बना रहता है। ऐसी परिस्थितियों में कथित तौर पर रिश्वत और दबाव की गुंजाइश बढ़ सकती है।
उनका मानना है कि कारोबार को कानूनी मान्यता देकर स्पष्ट नियम और कर व्यवस्था लागू करने से अधिकारियों और क्रिएटर्स के बीच अनौपचारिक लेनदेन की संभावना कम की जा सकती है।
एक क्रिएटर ने दिया करीब ₹8.5 करोड़ टैक्स
रिपोर्ट में एडल्ट कंटेंट क्रिएटर स्वितलाना द्वोर्निकोवा का भी उल्लेख किया गया है। उनका दावा है कि वह अब तक करीब 9 लाख डॉलर यानी लगभग 8.5 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में चुका चुकी हैं।
द्वोर्निकोवा का कहना है कि अगर सरकार एडल्ट कंटेंट कारोबार को कानूनी मान्यता देती है और व्यवस्थित तरीके से टैक्स वसूलती है, तो इससे युद्ध के दौरान सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि इस पैसे का इस्तेमाल ड्रोन और अन्य सैन्य जरूरतों को पूरा करने में किया जा सकता है।
वह पहले भी एडल्ट कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के मुद्दे को उठा चुकी हैं। उन्होंने इस विषय पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की वेबसाइट पर एक याचिका भी दायर की थी, जिसे 25 हजार से अधिक लोगों का समर्थन मिला था।
वयस्क कंटेंट को राहत, बच्चों से जुड़े मामलों में सख्ती
प्रस्तावित व्यवस्था में वयस्कों के बीच सहमति से बनाए गए एडल्ट कंटेंट और बच्चों से जुड़े यौन शोषण सामग्री के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखने की बात कही गई है।
संसद में रखे गए प्रस्ताव के अनुसार, वयस्कों के बीच बनाए गए एडल्ट कंटेंट को अपराध की श्रेणी से बाहर करने पर विचार किया जा रहा है। वहीं, बच्चों से जुड़ी पोर्नोग्राफी को अपराध बनाए रखने और ऐसे मामलों में सजा को और सख्त करने की दिशा में प्रावधान प्रस्तावित हैं।
सांसद यारोस्लाव झेलेजनियाक का तर्क है कि पुलिस और जांच एजेंसियों के संसाधनों का इस्तेमाल बच्चों के यौन शोषण तथा अन्य गंभीर अपराधों की जांच पर अधिक किया जाना चाहिए।
युद्ध के बीच अतिरिक्त राजस्व की तलाश
यूक्रेन फरवरी 2022 से रूस के साथ युद्ध में है। युद्ध के दौरान देश के सरकारी खर्च का बड़ा हिस्सा रक्षा और सुरक्षा पर जा रहा है।
विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, यूक्रेन ने 2024 तक युद्ध से संबंधित करीब 171 अरब डॉलर यानी लगभग 16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए थे। वहीं, 2025 में सुरक्षा और रक्षा पर करीब 3.83 ट्रिलियन ह्रीव्निया खर्च किए गए, जो देश की GDP का लगभग 42.9 प्रतिशत था।
अगस्त 2026 में यूक्रेन के नए रक्षा मंत्री ने बताया था कि 2026 के सैन्य बजट में देश को करीब 27 अरब डॉलर की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसे में एडल्ट कंटेंट कारोबार से संभावित 236 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व यूक्रेन की कुल सैन्य जरूरतों की तुलना में बहुत छोटा है। फिर भी, सरकार के लिए यह पहले से मौजूद आर्थिक गतिविधि से अतिरिक्त टैक्स जुटाने का एक नया माध्यम बन सकता है।
फिलहाल इस प्रस्ताव को संसद की दूसरी रीडिंग से गुजरना है। इसके बाद ही तय होगा कि यूक्रेन एडल्ट कंटेंट कारोबार के नियमन और कराधान को किस रूप में लागू करता है। युद्ध के बीच राजस्व बढ़ाने की यह पहल देश की व्यापक वित्तीय जरूरतों और आर्थिक दबाव के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।









