उत्तर प्रदेश में मानसून का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ और बढ़ती नमी के कारण 22-23 जून तक मानसून राज्य में दस्तक दे सकता है, जिससे गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और उमस के बीच मानसून को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य में प्रवेश कर सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और नमी बढ़ने से मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है, जिससे प्रदेश के कई इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक का इंतजार खत्म होने के आसार
उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए राहत की खबर है। लंबे समय से भीषण गर्मी और उमस का सामना कर रहे प्रदेशवासियों का मानसून का इंतजार अब जल्द खत्म हो सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 से 23 जून के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। यदि मौसम की वर्तमान परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं तो अगले कुछ दिनों में राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
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मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून की प्रगति पिछले कुछ दिनों से धीमी जरूर हुई है, लेकिन अब वातावरण में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। इसके चलते मानसून के आगे बढ़ने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
पश्चिमी विक्षोभ बदल सकता है मौसम का मिजाज
लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार, हाल के दिनों में अरब सागर से आने वाली नमी कमजोर पड़ने के कारण मानसून की रफ्तार धीमी हो गई थी। वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में चल रही गर्म और शुष्क हवाओं ने भी मानसून की प्रगति को प्रभावित किया।
अब एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जो मौसम की दिशा बदल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस सिस्टम के प्रभाव से उत्तर भारत में नमी बढ़ेगी और शुष्क हवाओं का असर कम होगा। इससे मानसून को आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां मिलेंगी।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में इसका प्रभाव साफ दिखाई देने लगेगा। प्रदेश के कई जिलों में बादल छाने, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं।
नमी बढ़ने से बारिश की संभावना मजबूत
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में चक्रवाती परिसंचरण विकसित हो सकता है। इससे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर से नमी वाली हवाएं उत्तर भारत की तरफ बढ़ेंगी।
इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों में नमी बढ़ने से बारिश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा। यही वजह है कि मौसम विभाग आगामी दिनों में उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में वर्षा की संभावना जता रहा है। किसानों और आम लोगों के लिए यह खबर राहत लेकर आई है, क्योंकि लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण गर्मी लगातार बढ़ रही है।
मानसून के आगे बढ़ने के लिए बने अनुकूल हालात
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुकी है। अगले चार से पांच दिनों में इसके और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बताई जा रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वर्तमान मौसम प्रणाली सक्रिय बनी रहती है तो उत्तर प्रदेश में मानसून समय पर दस्तक दे सकता है। इसके बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला शुरू होने की संभावना है।
लू और उमस से बेहाल हैं लोग
मानसून की देरी का असर प्रदेश के तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और उमस लोगों को परेशान कर रही है। वहीं प्रयागराज लगातार दूसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया, जहां तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
वाराणसी भी देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के प्रवेश के बाद तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को लू तथा उमस से राहत मिलेगी।
फिलहाल प्रदेशभर के लोग आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। यदि मौसम विभाग का अनुमान सही साबित होता है तो अगले सप्ताह की शुरुआत तक उत्तर प्रदेश में मानसून की पहली बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।









