बिहार की प्राची हनी ने UPSC CSE 2025 में चौथे प्रयास में AIR 28 हासिल की। तीन बार असफल होने के बाद उन्होंने अपनी तैयारी का तरीका बदला, मानसिक चुनौतियों का सामना किया और सफलता के साथ UPSC अभ्यर्थियों को अहम सीख भी दी।
UPSC Success Story: बिहार की प्राची हनी की कहानी लगातार असफलताओं के बाद भी हार न मानने की मिसाल है। तीन प्रयासों में प्रीलिम्स तक पास नहीं कर पाने के बावजूद उन्होंने चौथे प्रयास में UPSC CSE 2025 में ऑल इंडिया रैंक 28 हासिल की। उनकी यात्रा मेहनत, आत्मविश्वास और सही रणनीति की अहमियत को दिखाती है।
तीन असफलताओं के बाद चौथे प्रयास में मिली बड़ी सफलता

मुजफ्फरपुर की रहने वाली प्राची हनी ने UPSC Civil Services Examination 2025 में ऑल इंडिया रैंक 28 हासिल कर अपनी मेहनत का शानदार परिणाम हासिल किया। हालांकि यह सफलता उन्हें पहली कोशिश में नहीं मिली। शुरुआती तीन प्रयासों में वह प्रीलिम्स परीक्षा भी पास नहीं कर सकीं। लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी, अपनी कमियों पर काम किया और चौथे प्रयास में न सिर्फ प्रीलिम्स बल्कि मेन्स और इंटरव्यू भी सफलतापूर्वक पास कर लिया। आज वह IAS अधिकारी बनने की ओर बढ़ रही हैं।
पिता के अधूरे सपने को बनाया अपना लक्ष्य
प्राची हनी का जन्म और शुरुआती शिक्षा बिहार के मुजफ्फरपुर में हुई। उनके पिता स्कूल के प्रिंसिपल और मां शिक्षिका हैं, इसलिए बचपन से ही घर में पढ़ाई का माहौल था। प्राची बताती हैं कि उनके पिता का सपना IAS अधिकारी बनने का था, लेकिन वह इसे पूरा नहीं कर सके। पिता के इसी अधूरे सपने को उन्होंने अपना लक्ष्य बनाया और पूरी मेहनत के साथ UPSC की तैयारी शुरू की।
12वीं के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कालिंदी कॉलेज से भूगोल विषय में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी और भूगोल को ही अपना वैकल्पिक विषय चुना।
मानसिक दबाव के दौर से भी गुजरना पड़ा
लगातार तीन बार असफल होने का असर प्राची की मानसिक स्थिति पर भी पड़ा। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि दूसरे और तीसरे प्रयास में असफल होने के बाद उनका आत्मविश्वास पूरी तरह टूट गया था। तनाव और ओवरथिंकिंग इतनी बढ़ गई कि उन्हें नींद नहीं आती थी। डॉक्टर की सलाह पर उन्होंने कुछ समय के लिए नींद की दवा भी ली। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि दवा केवल चिकित्सकीय सलाह पर और सीमित समय के लिए ही ली गई थी। बाद में उन्होंने मानसिक संतुलन बनाए रखने, अपनी गलतियों को समझने और नई रणनीति के साथ तैयारी जारी रखी।
UPSC अभ्यर्थियों को दी महत्वपूर्ण सलाह
प्राची हनी का मानना है कि UPSC की तैयारी में केवल ज्यादा पढ़ना ही काफी नहीं होता, बल्कि सही दिशा में पढ़ाई करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्होंने पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों (PYQs) का गहराई से विश्लेषण नहीं किया, जो उनकी बड़ी गलती थी। उनका कहना है कि अभ्यर्थियों को केवल प्रश्न याद करने के बजाय उनके पैटर्न और सोचने के तरीके को समझना चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने आत्मविश्वास बनाए रखने पर भी जोर दिया। उनके अनुसार लगातार असफलता मिलने पर खुद पर भरोसा खो देना सबसे बड़ी गलती होती है। उन्होंने यह भी सलाह दी कि UPSC की तैयारी के साथ एक वैकल्पिक योजना (Plan B) जरूर रखनी चाहिए। प्राची को BPSC परीक्षा में सफलता मिलने के बाद दोबारा आत्मविश्वास मिला, जिसने UPSC के चौथे प्रयास में उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की।
फिजिकल और मेंटल हेल्थ को नजरअंदाज न करें
प्राची हनी का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि लंबे समय तक पढ़ाई के दबाव में खुद को अकेला नहीं करना चाहिए। परिवार और दोस्तों के संपर्क में रहना, अपनी भावनाओं को साझा करना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। उनके अनुसार सफलता केवल मेहनत से नहीं, बल्कि सही रणनीति, धैर्य और स्वस्थ मानसिक स्थिति से भी हासिल होती है।













