उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने शनिवार, 5 सितंबर को राज्य के आठ जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए चेतावनी जारी की है। इसके बाद पहाड़ी और मैदानी इलाकों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बारिश के कारण नदी-नालों और गधेरों का जलस्तर बढ़ने के साथ संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 5 सितंबर को हरिद्वार, देहरादून, उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। वहीं टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
भारी बारिश की आशंका को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। खासकर नैनीताल में जिला प्रशासन ने 5 सितंबर को कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी विद्यालयों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है। आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने यह फैसला विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है, क्योंकि लगातार बारिश के बीच नदियों और नालों में तेज बहाव तथा संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन की आशंका बनी हुई है।
नैनीताल में जारी आदेश के मुताबिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के साथ-साथ विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, शिक्षक और कार्यालय स्टाफ के लिए भी अवकाश रहेगा। हालांकि ऐसे आवासीय शिक्षण संस्थान, जहां विद्यार्थियों के रहने और पढ़ाई की व्यवस्था एक ही परिसर में है, इस आदेश के दायरे से बाहर रखे गए हैं। प्रशासन ने शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 5 सितंबर को हरिद्वार, देहरादून, उत्तरकाशी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और ऊधमसिंह नगर में बारिश का असर अधिक दिखाई दे सकता है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण सड़क यातायात प्रभावित होने, जलभराव होने और पहाड़ी क्षेत्रों में मलबा आने की आशंका रहती है। वहीं टिहरी गढ़वाल और रुद्रप्रयाग समेत कुछ अन्य पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश होने का अनुमान है।
उत्तराखंड में बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। कई स्थानों पर पहाड़ों से मलबा सड़क पर आने के कारण यातायात बाधित हो सकता है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की स्थिति को देखते हुए ही घर से निकलने की अपील की जा रही है। खासकर नदी-नालों, गधेरों और जलभराव वाले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
राज्य में पिछले दिनों हुई बारिश से कई पर्वतीय क्षेत्रों में पहले ही सड़क और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। पिथौरागढ़ में भारी बारिश के कारण भूस्खलन से महत्वपूर्ण मार्गों पर आवाजाही बाधित होने की खबरें सामने आई थीं। ऐसे में मौसम विभाग की नई चेतावनी ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है।
6 सितंबर को भी उत्तराखंड के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, चमोली, बागेश्वर और नैनीताल में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। यानी शनिवार के बाद रविवार को भी राज्य के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने की आशंका है।
बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दी है। पर्यटकों और यात्रियों को भी मौसम की स्थिति और सड़क की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है। पर्वतीय मार्गों पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने और मलबा आने वाले क्षेत्रों में रुकने से बचने की जरूरत है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच जिला प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। स्कूलों में छुट्टी का फैसला भी इसी एहतियाती रणनीति का हिस्सा है, ताकि बच्चों को बारिश, जलभराव, भूस्खलन और तेज बहाव वाले रास्तों से गुजरने के जोखिम से बचाया जा सके।
उत्तराखंड में इस समय मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। कहीं तेज बारिश हो रही है तो कुछ जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक लोगों को मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी पर नजर रखने की जरूरत है। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों के अभिभावकों को अपने जिले के प्रशासनिक आदेशों की जानकारी लेते रहना चाहिए, क्योंकि मौसम की स्थिति के अनुसार स्थानीय स्तर पर छुट्टी या अन्य सुरक्षा संबंधी निर्णय लिए जा सकते हैं।








