Vivah Lagan 2025: आज से शुरू, 6 दिसंबर तक 13 शुभ मुहूर्त

विवाह लग्न 2025 में 18 नवंबर से 6 दिसंबर तक 13 शुभ मुहूर्त, ज्योतिषियों के अनुसार दंपति के जीवन में सुख, समृद्धि और पारिवारिक स्थिरता।

विवाह लग्न 2025 में 18 नवंबर से शुरू हो रहा है और 6 दिसंबर तक कुल 13 शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। ज्योतिषियों के अनुसार इन तिथियों में विवाह करने से दंपति के जीवन में सुख, समृद्धि और पारिवारिक स्थिरता बनी रहती है। विशेष मुहूर्त 4 दिसंबर तक के लिए अति शुभ माने गए हैं। विवाह योजना में ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का पालन करना आवश्यक है।

Vivah Lagan: भारत में विवाह का शुभ समय 18 नवंबर, मंगलवार से शुरू हो रहा है, जो 6 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान कुल 13 शुभ मुहूर्त उपलब्ध होंगे, जिनमें से 4 दिसंबर तक के मुहूर्त अति शुभ माने गए हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, इन तिथियों में बृहस्पति, शुक्र और सूर्य ग्रह की अनुकूल स्थिति विवाह के लिए आदर्श मानी जाती है। यह समय चातुर्मास के समाप्त होने के बाद दंपति और परिवारों के लिए विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों की योजना बनाने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।

चार महीने बाद विवाह का शुभ समय

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी 1 नवंबर शनिवार को श्रीहरि विष्णु के चार महीने बाद जागने के बाद से ही शुभ मांगलिक कार्य चल रहे हैं। इसके बाद 16 नवंबर, रविवार को सूर्य के तुला राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में गोचर करने के बाद आज से शादी-ब्याह का दौर औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। चातुर्मास की समाप्ति के साथ ही 18 नवंबर, मंगलवार से लग्न शुरू हो रहा है।

18 नवंबर से लेकर 6 दिसंबर तक कुल 13 शुभ विवाहित मुहूर्त मिलेंगे। इनमें से 4 दिसंबर तक के मुहूर्त को अति शुभ माना गया है। बनारसी पंचांग के अनुसार, नवंबर में 9 और दिसंबर में 4 शुभ विवाह लग्न हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, 11 दिसंबर को पूर्व दिशा में शुक्र ग्रह के अस्त होने और वृद्धत्व दोष के कारण 8 दिसंबर से विवाह आदि मांगलिक कार्य रुक जाएंगे। इसके बाद नए साल 2026 में जनवरी तक शुक्र ग्रह के अस्त रहने की वजह से विवाह पर रोक रहेगी। फरवरी 2026 में 1 फरवरी शाम 6 बजे से पश्चिम दिशा में शुक्र ग्रह के उदय के साथ शादी-ब्याह का सिलसिला फिर से शुरू होगा।

विवाह में ग्रहों की शुभता का महत्व

धर्म शास्त्रों के अनुसार विवाह के लिए शुभ मुहूर्त होना अनिवार्य है। ज्योतिष के अनुसार शादी में बृहस्पति, शुक्र और सूर्य ग्रह की स्थिति का शुभ होना आवश्यक है। यह तीनों ग्रह दांपत्य जीवन की सफलता और खुशहाली के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इसके अलावा विवाह के शुभ लग्न में वृष, मिथुन, कन्या, तुला, धनु और मीन लग्न होना चाहिए। नक्षत्रों में अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, मूल, मघा, चित्रा, स्वाति, श्रवण, हस्त, अनुराधा, उत्तरा फाल्गुन, उत्तरा भद्र और उत्तरा आषाढ़ नक्षत्र को शुभ माना गया है। सबसे उपयुक्त मुहूर्त के लिए रोहिणी, मृगशिरा और हस्त नक्षत्र का होना विशेष लाभकारी माना जाता है।

नवंबर 2025 में विवाह के लिए शुभ तिथियां

18, 19, 21, 22, 23, 24, 25, 29, 30 नवंबर

दिसंबर 2025 में शुभ तिथियां

1, 4, 5, 6 दिसंबर

यह तिथियां सभी इच्छुक जोड़ों के लिए विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए सर्वोत्तम मानी जा रही हैं। इन मुहूर्तों में विवाह करने से दंपति के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है और जीवनसाथी के साथ संबंध मजबूत होते हैं।

फरवरी और मार्च 2026 के शुभ विवाह मुहूर्त

  • फरवरी: 4, 5, 6, 7, 8, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 19, 20, 21, 24, 25, 26
  • मार्च: 2, 4, 5, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इन तिथियों में विवाह करने से दंपति के जीवन में समृद्धि, सुख और परिवारिक स्थिरता बनी रहती है। साथ ही, इन दिनों किए गए विवाह में घर और समाज में मान-सम्मान बढ़ता है।

विवाह योजना के लिए तैयारी

विवाह तय करने से पहले ग्रहों की स्थिति और मुहूर्त की पुष्टि करना बेहद जरूरी है। इसके अलावा विवाह में शामिल होने वाले परिवारजन और मेहमानों की सुविधा, स्थल की व्यवस्था और अन्य आयोजन की योजनाओं को भी सही समय पर सुनिश्चित करना चाहिए। विशेष रूप से चातुर्मास और खरमास के दौरान विवाह और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते, इसलिए इन अवधि की जानकारी रखना आवश्यक है।

ज्योतिषियों का कहना है कि विवाह का शुभ समय देखकर शादी करने से न केवल दांपत्य जीवन में संतुलन और खुशहाली आती है, बल्कि बच्चों, माता-पिता और परिवार में भी सुख और सौहार्द बढ़ता है। इसीलिए विवाह मुहूर्त का पालन करना परंपरा के साथ-साथ एक विवेकपूर्ण निर्णय भी माना जाता है।

विशेषज्ञों की सलाह

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार विवाह के लिए शुभ मुहूर्त के अलावा स्थान और परिवारिक वातावरण भी महत्वपूर्ण है। विवाह स्थल का शुभ दिशा में होना, वर-वधू का स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति, और वधू-विवाह दोनों पक्षों के लिए अनुकूल समय का चयन करने से विवाह सफल और मंगलमय होता है।

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