पाइपलाइन बिछीं, पानी कभी आया ही नहीं वार्ड-102 बेगमपुरवा के लोग बोले-कागजों पर बहा बजट हमें तो कुछ मिला नहीं

कानपुर के वार्ड-102 बेगमपुरवा में पाइपलाइन बिछने के बावजूद लोगों को पानी नहीं मिल रहा। रहवासियों ने बजट खर्च होने पर सवाल उठाए हैं।
पाइपलाइन बिछीं, पानी कभी आया ही नहीं  वार्ड-102 बेगमपुरवा के लोग बोले-कागजों पर बहा बजट हमें तो कुछ मिला नहीं
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कानपुर। शहर के वार्ड-102 बेगमपुरवा में पेयजल संकट लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके में वर्षों पहले पानी की पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन आज तक नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। लोगों का आरोप है कि योजनाओं पर बजट खर्च होने के दावे तो किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिला।

रहवासियों के मुताबिक, पाइपलाइन डालने के दौरान सड़कें खोदी गईं, काम हुआ और अधिकारियों ने कई बार जल्द पानी मिलने का आश्वासन दिया। लेकिन समय बीतने के बावजूद घरों के नलों में पानी नहीं पहुंचा। मजबूरी में लोग हैंडपंप, निजी बोरिंग या पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं।

स्थानीय महिलाओं का कहना है कि रोजाना पानी की व्यवस्था करना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। कई परिवारों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है, जबकि गर्मी और बरसात के मौसम में समस्या और बढ़ जाती है। उनका कहना है कि अगर पाइपलाइन से पानी की सप्लाई शुरू हो जाए तो हजारों लोगों को राहत मिल सकती है।

इलाके के लोगों ने आरोप लगाया कि पेयजल परियोजना पर खर्च हुए बजट का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंचा। एक निवासी ने कहा, "कागजों में सब कुछ हो गया, लेकिन हमारे घरों तक पानी आज तक नहीं आया। पाइपलाइन तो बिछ गई, मगर सप्लाई शुरू नहीं हुई।"

निवासियों का यह भी कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। लोगों की मांग है कि परियोजना की जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि पाइपलाइन बिछने के बावजूद जलापूर्ति क्यों शुरू नहीं हुई।

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि पानी जैसी बुनियादी सुविधा हर नागरिक का अधिकार है। यदि किसी योजना पर सरकारी धन खर्च हुआ है, तो उसकी समीक्षा होनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उसका लाभ लोगों तक पहुंचे।

जलकल विभाग और नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी इलाके में पाइपलाइन होने के बावजूद पानी की सप्लाई नहीं हो रही है, तो तकनीकी कारणों की जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। विभागीय स्तर पर शिकायत मिलने पर टीम भेजकर स्थिति का आकलन किया जा सकता है।

फिलहाल बेगमपुरवा के लोग इस उम्मीद में हैं कि वर्षों पुरानी उनकी समस्या का समाधान होगा। उनका कहना है कि उन्हें घोषणाएं नहीं, बल्कि घरों तक साफ और नियमित पानी चाहिए, ताकि रोजमर्रा की जिंदगी की सबसे बुनियादी जरूरत पूरी हो सके।

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