पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। भारतीय निर्वाचन आयोग ने डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों के कुल 15 मतदान केंद्रों पर पुनः मतदान कराने का आदेश दिया है।
कोलकाता: Election Commission of India ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान सामने आई अनियमितताओं के मद्देनज़र बड़ा कदम उठाते हुए 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान (री-पोलिंग) कराने का आदेश दिया है। यह निर्णय डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों के उन बूथों के लिए लिया गया है, जहां इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में कथित गड़बड़ी और प्रक्रिया संबंधी शिकायतें सामने आई थीं।
किन बूथों पर हो रही है री-पोलिंग?
चुनाव आयोग के अनुसार, मगराहाट पश्चिम के 11 और डायमंड हार्बर के 4 मतदान केंद्रों पर पुनः मतदान कराया जा रहा है। इन बूथों पर 29 अप्रैल को हुए मतदान को रद्द कर दिया गया था। यह फैसला रिटर्निंग ऑफिसर और चुनाव पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया, जो Representation of the People Act, 1951 के तहत संभव है।
मगराहाट पश्चिम में जिन प्रमुख मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग हो रही है, उनमें उत्तर येरपुर एफपी स्कूल, नाजरा एफपी स्कूल, देउला एफपी स्कूल, घोला नोयपारा गर्ल्स हाई मदरसा और बहिरपुया कुरकुरिया एफपी स्कूल शामिल हैं। वहीं, डायमंड हार्बर में बागदा जूनियर हाई स्कूल, चंद्रा एफपी स्कूल, हरिदेवपुर एफपी स्कूल और रॉयनगर एफपी स्कूल के कुछ कमरों में री-पोलिंग हो रही है।
सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान
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इन सभी 15 बूथों पर मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। चुनाव आयोग ने सुनिश्चित किया है कि अधिक से अधिक मतदाता इस री-पोलिंग की जानकारी प्राप्त कर सकें। इसके लिए स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार, ढोल बजाकर घोषणा और उम्मीदवारों को लिखित सूचना देने जैसे कदम उठाए गए हैं।
मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या हिंसा को रोका जा सके। री-पोलिंग के फैसले पर सुवेंदु अधिकारी, जो राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं, ने चुनाव आयोग के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मगराहाट पश्चिम में जो हुआ, उसके बाद यह कदम जरूरी था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि डायमंड हार्बर और फाल्टा क्षेत्र में और अधिक बूथों पर पुनर्मतदान होना चाहिए था।
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने पहले मतगणना प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे। पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि उनके प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में बैलेट बॉक्स खोले गए। हालांकि, राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार पारदर्शी ढंग से की जा रही है।
रिकॉर्ड मतदान और सुरक्षा व्यवस्था
इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को संपन्न हुए। चुनाव आयोग के अनुसार, कुल 92.47% मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के चुनावी इतिहास में सबसे अधिक माना जा रहा है। उच्च मतदान प्रतिशत को लोकतांत्रिक भागीदारी का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। चुनाव परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।
मतगणना के दौरान किसी भी प्रकार की अशांति को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। Kolkata Police ने उन सात स्थानों पर लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया है, जहां वोटों की गिनती की जाएगी।










