राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में AEN जगनलाल बैरवा ने विधायक जयदीप बिहाणी पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं विधायक ने भी अधिकारियों पर हमला करने की शिकायत दी थी। विवाद के बाद इंजीनियर्स संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
श्री गंगानगर: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में RUIDP (राजस्थान अरबन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट) के एक सहायक अभियंता (AEN) और स्थानीय भाजपा विधायक के बीच विवाद ने बड़ा रूप ले लिया है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में तनाव बढ़ गया है।
एईएन जगनलाल बैरवा ने आरोप लगाया है कि विधायक और उनके समर्थकों ने उनके साथ न केवल मारपीट की, बल्कि उन्हें अपमानित भी किया गया। वहीं दूसरी ओर विधायक पक्ष ने भी अधिकारियों पर मारपीट का आरोप लगाया था, जिसके बाद तीन अधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
एईएन का आरोप: बैठक के नाम पर बुलाकर की गई मारपीट
एईएन जगनलाल बैरवा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें एक बैठक के लिए बुलाया गया था, लेकिन वहां पहुंचते ही उनके साथ दुर्व्यवहार शुरू हो गया। उनके अनुसार, विधायक ने उन्हें थप्पड़ मारे, गालियां दीं और समर्थकों के साथ मिलकर लात-घूंसे और पाइप से हमला किया।
बैरवा ने दावा किया कि घटना के दौरान उनके साथ मौजूद अन्य दो अधिकारी भी घायल हुए। उन्होंने कहा कि उन्हें गंभीर चोटें आई हैं, एक आंख से देखने में परेशानी हो रही है और पैर का अंगूठा भी टूट गया है।
कपड़े बदलकर पुलिस को सौंपने का आरोप
एईएन ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के बाद उन्हें नई शर्ट पहनाकर पुलिस के सामने पेश किया गया, ताकि घटना के निशान छिपाए जा सकें। उन्होंने कहा कि उनका मोबाइल भी छीन लिया गया, जिससे घटना का कोई वीडियो रिकॉर्ड न हो सके।
उनका कहना है कि यह घटना केवल शारीरिक हमला नहीं, बल्कि प्रशासनिक दबाव और भय पैदा करने का प्रयास था।
अधिकारियों की ओर से कड़ा रुख, आंदोलन की चेतावनी
राजस्थान कौंसिल ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। संगठन के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित अधिकारी को न्याय नहीं मिला तो पूरे राज्य में कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
अधिकारियों ने इसे प्रशासनिक स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है और इससे पूरे सिस्टम में असुरक्षा का माहौल बनता है।
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विधायक पक्ष का आरोप: पहले अधिकारियों ने की मारपीट
इस पूरे मामले में विधायक पक्ष का दावा है कि जनसुनवाई के दौरान पहले अधिकारियों ने उनके साथ मारपीट की थी। विधायक ने आरोप लगाया कि उन्हें चोटें आईं और उनका चश्मा भी टूट गया।
विधायक की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए RUIDP के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई।
जमानत के बाद भावुक हुआ परिवार
जमानत मिलने के बाद जब अधिकारी बाहर आए तो माहौल भावुक हो गया। एईएन की बेटी अपने पिता से गले लगकर रो पड़ी। यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज व गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
प्रशासनिक सिस्टम पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं शासन व्यवस्था की छवि को प्रभावित करती हैं और इससे जनता के बीच गलत संदेश जाता है।
फिलहाल मामला जांच के अधीन है और सभी की नजरें पुलिस और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।











