West Bengal: ERO पश्चिम बंगाल में शुरू करेंगे SIR नोटिस वितरण, मतदाता सूची होगी अपडेट

West Bengal: ERO पश्चिम बंगाल में शुरू करेंगे SIR नोटिस वितरण, मतदाता सूची होगी अपडेट

पश्चिम बंगाल में चुनाव अधिकारियों ने SIR प्रक्रिया के तहत सुनवाई नोटिस जारी करना शुरू किया। प्रारंभिक चरण में 32 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजा जाएगा। यह कदम मतदाता सूची को सटीक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

West Bengal: पश्चिम बंगाल में चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ERO) विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के अगले चरण के तहत आज से सुनवाई नोटिस जारी करना शुरू करेंगे। यह प्रक्रिया राज्य में मतदाता सूची को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक चरण में लगभग 32 लाख ऐसे मतदाताओं को नोटिस भेजा जाएगा, जिनका विवरण 2002 के SIR डेटा के साथ मिलाया नहीं जा सका, लेकिन उनके नाम 2026 के मसौदा मतदाता सूची में शामिल हैं।

अधिकारी ने बताया कि मसौदा मतदाता सूची में नाम होने का अर्थ यह नहीं है कि मतदाता को सुनवाई के लिए बुलाया नहीं जाएगा। हालांकि, उनके मामले में प्रक्रिया तुलनात्मक रूप से सरल हो सकती है। ERO 18 दिसंबर की सुबह से सुनवाई नोटिस जारी करना शुरू करेंगे।

नोटिस की प्रक्रिया

सुनवाई नोटिस की दो प्रतियां जारी की जाएंगी। एक प्रति सीधे संबंधित मतदाता को दी जाएगी, जबकि दूसरी प्रति बूथ स्तरीय अधिकारी के पास रखी जाएगी। बूथ अधिकारी मतदाता के हस्ताक्षर प्राप्त करने के बाद इसे अपने रिकॉर्ड में सुरक्षित रखेंगे। नोटिस मिलने के बाद मतदाताओं को सुनवाई के लिए उपस्थित होने के लिए कुछ समय दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने की संभावना है।

सुनवाई जिला मजिस्ट्रेट, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट और खंड विकास अधिकारियों सहित विभिन्न सरकारी कार्यालयों में आयोजित की जाएगी। इस दौरान मतदाताओं को अपने दस्तावेज सत्यापन के लिए तैयार रखने की सलाह दी जा रही है। चुनाव आयोग द्वारा निर्दिष्ट कुल 11 दस्तावेजों को तैयार रखना जरूरी होगा, ताकि सत्यापन प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई न आए।

मतदाता सूची को सटीक बनाने का उद्देश्य

SIR की यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि यह विशेष गहन पुनरीक्षण उन मतदाताओं के लिए विशेष रूप से जरूरी है, जिनके विवरण पुराने डेटा से मेल नहीं खाते। यह सुनवाई प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि केवल योग्य और वास्तविक मतदाता ही मतदाता सूची में शामिल हों।

SIR प्रक्रिया से मतदाता सूची की विश्वसनीयता बढ़ती है और भविष्य में चुनावों में धोखाधड़ी की संभावना कम होती है। इसके साथ ही मतदाताओं को भी अपने विवरणों की पुष्टि करने का अवसर मिलेगा।

उत्तर बंगाल में निरीक्षण की योजना

राज्य के विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता क्रिसमस से पहले उत्तर बंगाल का दौरा कर SIR कार्य की समीक्षा करने की संभावना रखते हैं। इसका उद्देश्य प्रक्रिया की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की विसंगति को तुरंत सुधारना है। अधिकारियों का कहना है कि यह निरीक्षण सुनवाई प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को बनाए रखने में मदद करेगा।

मतदाताओं के लिए जरूरी निर्देश

अधिकारी मतदाताओं से आग्रह कर रहे हैं कि वे नोटिस मिलने के बाद समय पर अपने संबंधित सरकारी कार्यालयों में उपस्थित हों। साथ ही, सभी आवश्यक दस्तावेज लेकर आएं ताकि सत्यापन में किसी प्रकार की समस्या न आए। 11 आवश्यक दस्तावेजों में पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र और अन्य प्रमाणपत्र शामिल हैं, जिन्हें चुनाव आयोग द्वारा निर्दिष्ट किया गया है।

मतदाता सूची में शामिल होना और SIR प्रक्रिया में भाग लेना प्रत्येक नागरिक का अधिकार और जिम्मेदारी दोनों है। इस प्रक्रिया से मतदाता सूची को मजबूत और सटीक बनाया जाता है, जिससे भविष्य के चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी रह सकें।

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