उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में 4,543 नवनियुक्त सब-इंस्पेक्टरों और समकक्ष पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। पुलिस लाइन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की पिछली सरकारों की भर्ती व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले सरकारी नौकरियों में सैफई सिंडिकेट का दबदबा था, लेकिन अब भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई गई है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्तमान सरकार में युवाओं को बिना सिफारिश और बिना पैसे के योग्यता के आधार पर नौकरी मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक समय ऐसा था जब सरकारी नौकरी पाने के लिए युवाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। भर्ती प्रक्रिया में भाई-भतीजावाद, भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोप लगते थे। योग्य उम्मीदवारों को भी कई बार अवसर नहीं मिल पाता था। उन्होंने कहा कि सरकार ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने का प्रयास किया है। अब युवाओं को अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
इस भर्ती के तहत कुल 4,543 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। इनमें नागरिक पुलिस के 4,242 सब-इंस्पेक्टर, पीएसी के 135 प्लाटून कमांडर, विशेष सुरक्षा बल यानी एसएसएफ के 60 प्लाटून कमांडर और महिला बटालियनों के लिए 106 महिला सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं। नागरिक पुलिस में चयनित 4,242 अभ्यर्थियों में 3,394 पुरुष और 848 महिला अभ्यर्थी हैं। इन नियुक्तियों से प्रदेश पुलिस को नए अधिकारी मिलेंगे और अलग-अलग इकाइयों में पुलिसकर्मियों की उपलब्धता बढ़े
इस भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत 12 अगस्त 2025 को हुई थी। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने 4,543 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। इन पदों के लिए कुल 15,75,760 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने के बाद भर्ती बोर्ड ने लिखित परीक्षा आयोजित की। लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च 2026 को हुई थी। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को आगे की चयन प्रक्रिया के लिए बुलाया गया।
लिखित परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच और शारीरिक मानक परीक्षण की प्रक्रिया 15 से 17 जून तक आयोजित की गई। इसके बाद 29 जून से 4 जुलाई तक शारीरिक दक्षता परीक्षा कराई गई। सभी चरण पूरे होने के बाद भर्ती बोर्ड ने 14 जुलाई 2026 को अंतिम चयन परिणाम जारी किया। इस तरह लंबी चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुक्रवार को चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिस विभाग में भर्ती होने वाले युवाओं के कंधों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। पुलिस अधिकारी के रूप में उन्हें आम नागरिकों की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और कानून का पालन सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने नवनियुक्त सब-इंस्पेक्टरों से ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि आम लोगों के मन में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाना भी है।
योगी आदित्यनाथ ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने पिछली सरकारों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस समय सरकारी नौकरियों में योग्य उम्मीदवारों के बजाय सिफारिश और पैसे का प्रभाव चलता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने ऐसी व्यवस्था को बदलने का काम किया है। अब प्रदेश के युवाओं को अपनी योग्यता साबित करने के लिए किसी राजनीतिक पहुंच या सिफारिश की जरूरत नहीं है।
इस भर्ती से उत्तर प्रदेश पुलिस के नागरिक पुलिस, पीएसी और विशेष सुरक्षा बल को नए अधिकारी मिलेंगे। खास बात यह है कि चयनित अभ्यर्थियों में महिलाओं की भी अच्छी भागीदारी है। नागरिक पुलिस में 848 महिला सब-इंस्पेक्टरों के अलावा महिला बटालियनों के लिए भी 106 महिला सब-इंस्पेक्टरों का चयन किया गया है। इससे पुलिस विभाग में महिला अधिकारियों की संख्या बढ़ेगी और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में उनकी भागीदारी को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र पाने वाले सभी अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि सरकारी नौकरी युवाओं के लिए केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और प्रदेश की सेवा करने का अवसर भी है। नए पुलिस अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और जनता की समस्याओं का समाधान करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।







