Adani Energy Solutions Limited ने स्मार्ट मीटर बनाने वाली कंपनी IntelliSmart Infrastructure Private Limited को खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बिजनेस न्यूज़: भारत के पावर सेक्टर में एक बड़ा कॉर्पोरेट सौदा सामने आया है। Adani Energy Solutions Limited ने स्मार्ट मीटर बनाने वाली कंपनी IntelliSmart Infrastructure Private Limited को 100% हिस्सेदारी के साथ खरीदने का समझौता किया है। यह डील करीब ₹3050 करोड़ में पूरी होने की बात कही जा रही है।
इस अधिग्रहण के बाद अडाणी एनर्जी देश की सबसे बड़ी स्मार्ट मीटरिंग कंपनियों में शामिल हो जाएगी, जिसके पास 4.7 करोड़ से ज्यादा स्मार्ट मीटरों का नेटवर्क होगा।
क्या है पूरी डील?
मंगलवार को जारी बयान में अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने बताया कि उसने IntelliSmart में 100 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक फाइनल शेयर परचेज एग्रीमेंट (SPA) साइन किया है। इस डील की कुल वैल्यू ₹3050 करोड़ बताई जा रही है, जिसमें IntelliSmart की पूरी इक्विटी के साथ-साथ उसके कुछ वित्तीय दायित्व भी शामिल हैं। हालांकि यह अधिग्रहण अभी रेगुलेटरी और अन्य जरूरी मंजूरियों पर निर्भर है।
IntelliSmart क्या करती है?
IntelliSmart Infrastructure, स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल बिजली वितरण समाधान प्रदान करने वाली प्रमुख कंपनी है। यह कंपनी भारत सरकार की ऊर्जा दक्षता पहल से जुड़ी हुई है और इसका गठन National Investment and Infrastructure Fund (NIIF) और Energy Efficiency Services Limited (EESL) के जॉइंट वेंचर के रूप में हुआ था। कंपनी ने अब तक कई राज्यों में बड़े स्तर पर स्मार्ट मीटर लगाए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- उत्तर प्रदेश
- गुजरात
- मध्य प्रदेश
- बिहार
- असम
अब तक कंपनी 2.2 करोड़ से ज्यादा स्मार्ट मीटर इंस्टॉल कर चुकी है।
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अडाणी एनर्जी को क्या फायदा होगा?
इस अधिग्रहण से अडाणी एनर्जी का पावर डिस्ट्रीब्यूशन और स्मार्ट मीटरिंग सेक्टर में दायरा काफी बढ़ जाएगा। कंपनी के अनुसार, इस डील से:
- ऑपरेशन और मेंटेनेंस की लागत में सुधार होगा
- बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन आसान होगा
- स्मार्ट ग्रिड और डिजिटल पावर सिस्टम को मजबूती मिलेगी
- भारत के बिजली वितरण क्षेत्र के आधुनिकीकरण में तेजी आएगी
अडाणी एनर्जी के सीईओ कंदर्प पटेल ने कहा कि IntelliSmart का अधिग्रहण कंपनी की क्षमता को कई गुना बढ़ाएगा और देश के पावर सेक्टर को टेक्नोलॉजी आधारित समाधान देने में मदद करेगा।
भारत का स्मार्ट मीटर बाजार क्यों अहम है?
भारत सरकार लगातार बिजली वितरण प्रणाली को डिजिटल और स्मार्ट बनाने पर जोर दे रही है। स्मार्ट मीटर से बिजली की खपत का रियल-टाइम डेटा मिलता है. बिलिंग में पारदर्शिता बढ़ती है. बिजली चोरी और नुकसान कम होता है. डिस्कॉम कंपनियों की दक्षता सुधरती है. इसी वजह से यह सेक्टर तेजी से निवेश आकर्षित कर रहा है।
IntelliSmart के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ अनिल रावल ने कहा कि यह डील कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने अपने निवेशकों के लिए लगातार वैल्यू क्रिएशन किया है और यह अधिग्रहण उसी दिशा में एक और बड़ा कदम है।








