असम के कछार जिले में संयुक्त अभियान के दौरान करीब 1.5 लाख याबा टैबलेट जब्त की गईं। इनकी अनुमानित कीमत 45 करोड़ रुपये बताई गई है। असम राइफल्स, कस्टम्स और पुलिस की कार्रवाई में एक व्यक्ति पकड़ा गया।
कछार: असम के कछार जिले में मादक पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में करीब 1.5 लाख याबा टैबलेट जब्त की गई हैं। सुरक्षा और जांच एजेंसियों के संयुक्त अभियान में बरामद इन टैबलेट की अनुमानित कीमत करीब 45 करोड़ रुपये बताई गई है। मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई 8 सितंबर को असम राइफल्स ने कस्टम्स विभाग और कछार पुलिस के साथ मिलकर की। खुफिया सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने कछार के लालपानी इलाके के पास एक टाटा ट्रक को रोका। अधिकारियों के अनुसार, वाहन चालक कथित तौर पर अंधेरे की आड़ में इलाके से निकलने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सुरक्षा बलों ने अभियान के दौरान ट्रक को रोक लिया।
खुफिया सूचना पर संयुक्त कार्रवाई
अधिकारियों को मादक पदार्थों की संभावित आवाजाही के संबंध में खुफिया जानकारी मिली थी। इसके आधार पर असम राइफल्स, कस्टम्स अधिकारियों और कछार पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में निगरानी और जांच अभियान शुरू किया।
इसी अभियान के दौरान लालपानी के पास एक टाटा ट्रक को रोका गया। तलाशी के बाद वाहन से बड़ी मात्रा में याबा टैबलेट बरामद होने की जानकारी सामने आई।
संयुक्त कार्रवाई में करीब 1,50,000 याबा टैबलेट जब्त की गईं। इसके अलावा ट्रक और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया।
45 करोड़ रुपये की बताई गई कीमत
बरामद याबा टैबलेट की अनुमानित कीमत करीब 45 करोड़ रुपये बताई गई है। इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थ की बरामदगी को एजेंसियों ने अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया है।
याबा टैबलेट की इतनी बड़ी खेप पकड़े जाने से उन नेटवर्क पर असर पड़ने की संभावना है, जो कथित तौर पर विभिन्न राज्यों के बीच अवैध मादक पदार्थों की आवाजाही और वितरण में शामिल हैं।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि बरामद खेप कहां से लाई गई थी और इसे अंतिम रूप से किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। इन पहलुओं की जांच आगे की कार्रवाई का हिस्सा होगी।
टाटा ट्रक और मोबाइल फोन भी जब्त
कार्रवाई के दौरान जिस वाहन को रोका गया, वह MN-03 T0981 रजिस्ट्रेशन नंबर वाला टाटा ट्रक था। पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने ट्रक के साथ एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
जांच एजेंसियां जब्त मोबाइल फोन और वाहन से मिलने वाली जानकारी का इस्तेमाल कथित तस्करी नेटवर्क की कड़ियों का पता लगाने के लिए कर सकती हैं।
वाहन और मोबाइल फोन की जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि खेप की आवाजाही में किन लोगों की भूमिका थी और आरोपी का कथित तौर पर किन लोगों से संपर्क था।
एक व्यक्ति हिरासत में
इस अभियान के दौरान एक व्यक्ति को पकड़ा गया। कार्रवाई के बाद उसे और बरामद सामान को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए कस्टम्स विभाग को सौंप दिया गया।
कस्टम्स विभाग अब मामले की आगे जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगा। जांच में आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ बरामद मादक पदार्थ, वाहन और मोबाइल फोन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिलहाल इस मामले में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी या हिरासत की पुष्टि की गई है। अन्य संभावित आरोपियों या नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में जांच के परिणाम सामने आना बाकी है।
अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क पर बड़ा प्रहार
असम राइफल्स, कस्टम्स विभाग और कछार पुलिस के बीच समन्वय से हुई इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में याबा टैबलेट की जब्ती अवैध मादक पदार्थों के परिवहन और वितरण में शामिल नेटवर्क के लिए बड़ा झटका है।
संयुक्त अभियान यह भी दर्शाता है कि सुरक्षा बल और नागरिक जांच एजेंसियां खुफिया सूचनाओं के आधार पर मिलकर कार्रवाई कर रही हैं। ऐसी कार्रवाइयों में स्थानीय पुलिस के साथ केंद्रीय या अर्धसैनिक एजेंसियों का समन्वय तस्करी के संभावित मार्गों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अंधेरे की आड़ में निकलने की कोशिश का आरोप
अभियान से जुड़ी जानकारी के अनुसार, जिस टाटा ट्रक को रोका गया, उसका चालक कथित तौर पर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर इलाके से आगे निकलने की कोशिश कर रहा था।
हालांकि, सुरक्षा कर्मियों ने वाहन को रोक लिया। इसके बाद तलाशी में याबा टैबलेट की बड़ी खेप बरामद होने का दावा किया गया।
पुलिस और कस्टम्स की जांच अब इस बात पर केंद्रित होगी कि वाहन की आवाजाही किस उद्देश्य से की जा रही थी और इसमें शामिल व्यक्ति की भूमिका क्या थी।
आगे की जांच में सामने आएंगी तस्करी की कड़ियां
कस्टम्स विभाग को आरोपी और जब्त सामान सौंपे जाने के बाद जांच का अगला चरण शुरू होगा। एजेंसी बरामद टैबलेट के स्रोत, संभावित गंतव्य और तस्करी से जुड़े संपर्कों की जांच कर सकती है।
मोबाइल फोन की जांच भी अहम हो सकती है, क्योंकि इससे कथित तौर पर तस्करी से जुड़े संचार और संपर्कों के बारे में जानकारी मिल सकती है। इसी तरह वाहन के रिकॉर्ड और उसकी आवाजाही से जुड़े विवरण भी जांच का हिस्सा बन सकते हैं।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन जांचों के परिणाम या संभावित नेटवर्क के अन्य सदस्यों के नाम सामने नहीं आए हैं।
8 सितंबर को हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई 8 सितंबर 2026 को कछार जिले में की गई थी। संयुक्त टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर अभियान चलाया और लालपानी के पास टाटा ट्रक को रोका।
कार्रवाई के दौरान करीब 1.5 लाख याबा टैबलेट, एक वाहन और मोबाइल फोन बरामद किए गए। एक व्यक्ति को भी पकड़ा गया। इसके बाद आरोपी और जब्त सामान को कस्टम्स विभाग को सौंप दिया गया।
अधिकारियों के लिए अब मुख्य चुनौती इस खेप के पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क की पहचान करना होगी।
तस्करी रोकने के लिए समन्वित कार्रवाई पर जोर
कछार में हुई यह बरामदगी मादक पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी के खिलाफ एजेंसियों के बीच समन्वय के महत्व को रेखांकित करती है। असम राइफल्स, कस्टम्स और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के जरिए बड़ी मात्रा में कथित अवैध मादक पदार्थ को आगे पहुंचने से पहले रोक लिया गया।
करीब 45 करोड़ रुपये मूल्य की याबा टैबलेट की जब्ती इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और कस्टम्स विभाग यह पता लगाने में जुटेगा कि इस खेप के पीछे कौन लोग या नेटवर्क सक्रिय थे।
मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।









