अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव की भव्य शुरुआत हो गई है। दीपों के पर्व को लेकर पूरी नगरी में उत्साह और उल्लास का माहौल है। धार्मिक कार्यक्रमों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भक्ति संगीत के जरिए भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को जीवंत किया जा रहा है। दीपोत्सव के शुरुआती कार्यक्रम में कलाकारों ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, उनके जीवन संघर्ष और मर्यादा के संदेश को लोगों तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालु और दर्शक धार्मिक प्रस्तुतियों को देखकर भावविभोर नजर आए।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान रामायण के प्रसंगों पर आधारित मंचन आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। कलाकारों ने अपनी अभिनय कला और संवादों के माध्यम से रामकथा के महत्वपूर्ण दृश्यों को मंच पर प्रस्तुत किया। इन दृश्यों में भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को दिखाया गया। मंचन के जरिए दर्शकों को रामायण की कथा और उससे मिलने वाली सीख से जोड़ने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया और भगवान श्रीराम के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
दीपोत्सव के कार्यक्रम में भक्ति संगीत ने भी खास रंग जमाया। बदायूं की डॉ. सविता चौहान ने अपनी प्रस्तुति में 'रामा रामा रटते-रटते' भजन सुनाया। उनकी आवाज में भक्ति से सराबोर इस भजन ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजन की प्रस्तुति के दौरान पूरा माहौल राममय हो गया। श्रद्धालु भक्ति गीत के साथ जुड़ते नजर आए। डॉ. सविता चौहान की प्रस्तुति ने सांस्कृतिक आयोजन में आध्यात्मिक रंग भर दिया।
अयोध्या का दीपोत्सव केवल दीप जलाने का आयोजन नहीं है, बल्कि यह भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों को याद करने का अवसर भी है। इस आयोजन के माध्यम से रामायण की परंपरा, भारतीय संस्कृति और धार्मिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। रामलीला, भजन, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस उत्सव को विशेष बनाती हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के जरिए रामनगरी की सांस्कृतिक पहचान को और समृद्ध करते हैं।
दीपोत्सव को लेकर अयोध्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच खास उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास उत्सव जैसा माहौल है। भगवान श्रीराम की नगरी को सजाया गया है और विभिन्न स्थानों पर धार्मिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रामायण के प्रसंगों का मंचन और भक्ति गीतों की प्रस्तुति ने आयोजन की शुरुआत को यादगार बना दिया है। आने वाले कार्यक्रमों में दीप प्रज्ज्वलन और अन्य धार्मिक गतिविधियों के साथ दीपोत्सव का उल्लास और बढ़ने की उम्मीद है।









