अयोध्या दीपोत्सव के चलते गोरखपुर में दो दिन रूट डायवर्जन, कुशीनगर-देवरिया और बिहार की गाड़ियां एक्सप्रेसवे से गुजरेंगी

दीपोत्सव को लेकर गोरखपुर में 6 नवंबर रात 11 बजे से 8 नवंबर रात 8 बजे तक भारी वाहनों का रूट बदलेगा। कुशीनगर, देवरिया और बिहार के वाहन एक्सप्रेसवे से जाएंगे।
अयोध्या दीपोत्सव के चलते गोरखपुर में दो दिन रूट डायवर्जन, कुशीनगर-देवरिया और बिहार की गाड़ियां एक्सप्रेसवे से गुजरेंगी
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गोरखपुर। अयोध्या में सात नवंबर को श्रीराम मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले दीपोत्सव कार्यक्रम का असर गोरखपुर की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ेगा। कार्यक्रम के दौरान अयोध्या की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ने और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए गोरखपुर में दो दिनों तक रूट डायवर्जन लागू किया गया है। इस दौरान खास तौर पर भारी वाहनों के आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्ते तय किए गए हैं। यातायात पुलिस के निर्देश के अनुसार छह नवंबर की रात 11 बजे से आठ नवंबर की रात आठ बजे तक या भीड़ समाप्त होने तक यह व्यवस्था प्रभावी रहेगी।

डायवर्जन के दौरान कुशीनगर, देवरिया और बिहार की ओर से आने वाले भारी वाहनों को विशेष रूप से निर्धारित मार्ग से गुजरना होगा। जिन वाहनों को लखनऊ, कानपुर, दिल्ली या इनसे आगे के शहरों की ओर जाना है, उन्हें बाघागाड़ा के आगे से गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भेजा जाएगा। इसके बाद वाहन पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य अयोध्या की ओर जाने वाले रास्तों पर भारी वाहनों की भीड़ कम करना और दीपोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं तथा आम यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाए रखना है।

डायवर्जन के दायरे में ट्रक, डीसीएम और बस जैसे भारी वाहन शामिल हैं। इन वाहनों के चालकों को सलाह दी गई है कि वे पुराने मार्ग से जाने की कोशिश न करें और यातायात पुलिस की ओर से निर्धारित वैकल्पिक रास्तों का ही इस्तेमाल करें। खासकर बिहार से लखनऊ, कानपुर और दिल्ली की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को यात्रा शुरू करने से पहले रूट की जानकारी कर लेनी चाहिए, ताकि रास्ते में अनावश्यक परेशानी और समय की बर्बादी से बचा जा सके।

हालांकि इस व्यवस्था में कुछ वाहनों को राहत भी दी गई है। गोरखपुर जिले और शहर क्षेत्र से गीडा, सहजनवां, संतकबीरनगर तथा बस्ती की ओर जाने वाले भारी वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट रहेगी। इसके अलावा हल्के वाहन और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों का आवागमन भी प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। यानी एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं के वाहनों को आवाजाही में बाधा नहीं होगी।

अयोध्या में दीपोत्सव को लेकर प्रशासन और यातायात पुलिस ने सुरक्षा तथा भीड़ नियंत्रण की व्यापक तैयारी की है। सात नवंबर को श्रीराम मंदिर परिसर में होने वाले आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और अतिथियों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में अयोध्या के साथ-साथ आसपास के जिलों में भी यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। गोरखपुर से होकर गुजरने वाले वाहनों के लिए डायवर्जन इसी तैयारी का हिस्सा है।

यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्जन का पालन करें और रास्ते में तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों को नजरअंदाज न करें। जिन लोगों को इन दो दिनों में बिहार, कुशीनगर या देवरिया से लखनऊ, कानपुर और दिल्ली की ओर यात्रा करनी है, उन्हें लिंक एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के वैकल्पिक मार्ग को ध्यान में रखकर निकलना चाहिए। इससे दीपोत्सव के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी और यात्रियों को भी जाम से बचने में सहूलियत होगी।

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