राउरकेला रेल सेक्शन में 22 ट्रेनें रद्द कई ट्रेनों के रूट और समय में बदलाव; 5वीं लाइन के काम से 12 दिन प्रभावित रहेगा परिचालन

बंडामुंडा-राउरकेला सेक्शन में 5वीं रेल लाइन के काम से 4 से 15 अक्टूबर तक 22 ट्रेनें रद्द रहेंगी। राजधानी-उत्कल समेत कई ट्रेनों का रूट बदलेगा।
राउरकेला रेल सेक्शन में 22 ट्रेनें रद्द कई ट्रेनों के रूट और समय में बदलाव; 5वीं लाइन के काम से 12 दिन प्रभावित रहेगा परिचालन
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दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल में बंडामुंडा-राउरकेला रेल सेक्शन पर होने वाले बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य का असर अक्टूबर की शुरुआत में रेल यात्रियों पर पड़ेगा। बंडामुंडा ए केबिन से राउरकेला सेक्शन के बीच 5वीं रेल लाइन को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ने और उसे चालू करने की प्रक्रिया के तहत नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा। इस काम के चलते रेलवे ने अलग-अलग तारीखों में 22 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही कुछ ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है, जबकि राजधानी और उत्कल एक्सप्रेस समेत प्रमुख ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा।

रेलवे के मुताबिक, बंडामुंडा-राउरकेला सेक्शन में यह काम 4 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। यानी करीब 12 दिनों तक इस रेलखंड से गुजरने वाली कई ट्रेनों का परिचालन सामान्य नहीं रहेगा। इस दौरान रांची, हटिया, टाटानगर, राउरकेला, चक्रधरपुर, झारसुगुड़ा, संबलपुर और ओडिशा की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनानी होगी। कुछ ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया गया है, जबकि कुछ सेवाओं को केवल चुनिंदा तारीखों पर रद्द किया जाएगा।

रेलवे के इस फैसले के पीछे बंडामुंडा ए केबिन और राउरकेला के बीच 5वीं रेल लाइन को चालू करने का काम मुख्य कारण है। नई लाइन की कमिशनिंग के लिए बंडामुंडा डी केबिन में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाना है। नॉन-इंटरलॉकिंग के दौरान रेलवे के सिग्नल, ट्रैक और अन्य परिचालन व्यवस्थाओं को नई लाइन के अनुरूप जोड़ा जाता है। ऐसे काम के दौरान सुरक्षित रेल परिचालन के लिए ट्रेनों की संख्या को नियंत्रित करना पड़ता है। इसी वजह से कई ट्रेनों को रद्द करने और कुछ को दूसरे रास्तों से चलाने का निर्णय लिया गया है।

इस बदलाव का असर केवल लोकल या छोटी दूरी की ट्रेनों तक सीमित नहीं रहेगा। हटिया, टाटानगर, राउरकेला और अन्य प्रमुख स्टेशनों से चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। रेलवे की ओर से यात्रियों को सलाह दी गई है कि जिन तारीखों में यात्रा प्रस्तावित है, उन तारीखों पर अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें। क्योंकि कई ट्रेनों के रद्दीकरण की तारीखें अलग-अलग हैं, इसलिए केवल ट्रेन का नाम देखकर यात्रा की योजना बनाना पर्याप्त नहीं होगा।

इस दौरान 18451 हटिया-पुरी एक्सप्रेस के समय में भी बदलाव किया गया है। दी गई जानकारी के अनुसार यह ट्रेन 4 अक्टूबर से 7 अक्टूबर और फिर 11 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक हटिया से निर्धारित समय से दो घंटे की देरी से रवाना होगी। इसके अलावा 12860 हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस और 13351 धनबाद-अल्लाफूज एक्सप्रेस के समय में भी 13 अक्टूबर को दो घंटे का बदलाव किया गया है। ऐसे में इन ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले संशोधित समय की जानकारी लेना जरूरी होगा।

राजधानी एक्सप्रेस के रूट में भी बड़ा बदलाव किया गया है। 20818 नई दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस को 4 अक्टूबर और 11 अक्टूबर को अपने सामान्य गोमोह-पुरुलिया-चांडिल-चक्रधरपुर-राउरकेला-झारसुगुड़ा-कटक मार्ग के बजाय गोमोह-आद्रा-मिदनापुर-हिजली-भद्रक-कटक होकर चलाया जाएगा। यानी इन तारीखों में ट्रेन अपने नियमित मार्ग से अलग रास्ते से भुवनेश्वर की ओर जाएगी। इससे ट्रेन के कुछ नियमित ठहराव और यात्रा समय पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए यात्रियों को टिकट और ट्रेन स्टेटस के साथ संशोधित रूट की जानकारी भी देखनी चाहिए।

इसी तरह 18477 पुरी-योग नगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस के मार्ग में भी परिवर्तन किया गया है। सामान्य तौर पर यह ट्रेन कटक, भद्रक, हिजली, टाटानगर, राउरकेला और झारसुगुड़ा होते हुए आगे जाती है, लेकिन काम के दौरान इसे कटक से संबलपुर सिटी और झारसुगुड़ा के रास्ते चलाने का निर्णय लिया गया है। इस परिवर्तन का उद्देश्य निर्माण कार्य के दौरान प्रभावित रेलखंड से ट्रेनों को सुरक्षित रूप से निकालना है।

रेलवे की ओर से जारी कार्यक्रम में कई पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों को भी अलग-अलग तारीखों पर रद्द किया गया है। रांची रेल मंडल से जुड़ी प्रमुख प्रभावित ट्रेनों में 58659 हटिया-राउरकेला पैसेंजर और 58660 राउरकेला-हटिया पैसेंजर शामिल हैं। इनके अलावा 18175 हटिया-झारसुगुड़ा एक्सप्रेस और 18176 झारसुगुड़ा-हटिया एक्सप्रेस की सेवाएं भी निर्धारित तारीखों में प्रभावित रहेंगी।

टाटानगर और हटिया के बीच चलने वाली 18601 टाटानगर-हटिया एक्सप्रेस तथा 18602 हटिया-टाटानगर एक्सप्रेस को भी कुछ तारीखों में रद्द किया गया है। इसी क्रम में राउरकेला-जयनगर और जयनगर-राउरकेला एक्सप्रेस, हटिया-मुंबई एलटीटी एक्सप्रेस, एलटीटी मुंबई-हटिया एक्सप्रेस, गोरखपुर-संबलपुर और संबलपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस की सेवाओं पर भी असर पड़ेगा।

इसके अलावा हटिया-दुर्ग और दुर्ग-हटिया एक्सप्रेस, एसएमवीटी बेंगलुरु-हटिया तथा हटिया-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन में भी निर्धारित तारीखों पर बदलाव रहेगा। पुरी-हटिया-पुरी एक्सप्रेस को भी प्रभावित ट्रेनों की सूची में रखा गया है। अलग-अलग ट्रेनों के लिए रद्दीकरण की तारीख अलग है, इसलिए यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख के हिसाब से रेलवे की ताजा जानकारी देखनी चाहिए।

रेलवे के इस कार्य से झारखंड और ओडिशा के बीच नियमित यात्रा करने वाले लोगों पर खास असर पड़ सकता है। राउरकेला, बंडामुंडा और चक्रधरपुर के अलावा टाटानगर, हटिया और झारसुगुड़ा से जुड़े यात्रियों को भी अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करना पड़ सकता है। नौकरी, शिक्षा, इलाज और कारोबार के लिए रोजाना रेल से यात्रा करने वाले लोगों के लिए ट्रेन रद्द होने या रूट बदलने की जानकारी पहले से होना महत्वपूर्ण है।

रेलवे प्रशासन का कहना है कि 5वीं रेल लाइन को चालू करने का काम रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने से जुड़ा है। नई लाइन के कमीशन होने के बाद इस सेक्शन में भविष्य में ट्रेनों के संचालन को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि निर्माण और इंटरलॉकिंग के दौरान सुरक्षा कारणों से ट्रेनों का परिचालन सीमित करना आवश्यक होता है। इसी वजह से रेलवे ने पहले से प्रभावित ट्रेनों की सूची जारी कर यात्रियों को जानकारी देने की कोशिश की है।

यात्रियों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि सभी 22 ट्रेनें पूरे 12 दिनों के लिए लगातार रद्द नहीं रहेंगी। रेलवे ने अलग-अलग ट्रेनों के लिए अलग-अलग तारीखें निर्धारित की हैं। कुछ ट्रेनें कई दिनों तक रद्द रहेंगी, जबकि कुछ का परिचालन केवल एक या दो निर्धारित तारीखों पर प्रभावित होगा। इसलिए टिकट बुक करा चुके यात्रियों को अपनी ट्रेन संख्या, यात्रा की तारीख और संबंधित स्टेशन के आधार पर स्थिति जांचनी चाहिए।

रेलवे के इस ब्लॉक का असर राजधानी और उत्कल जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों के रूट पर भी पड़ने के कारण यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। रूट बदलने वाली ट्रेनें अपने नियमित रास्ते के बजाय वैकल्पिक मार्ग से चलेंगी। ऐसे में यात्रियों को टिकट पर दर्ज ट्रेन के समय के साथ-साथ रेलवे की ओर से जारी नवीनतम परिचालन सूचना भी देखनी चाहिए।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन के रद्द होने, समय बदलने या रूट डायवर्ट होने की जानकारी जरूर जांच लें। विशेष रूप से 4 अक्टूबर से 15 अक्टूबर के बीच बंडामुंडा-राउरकेला सेक्शन से होकर यात्रा करने वाले लोगों को अपनी यात्रा के लिए पर्याप्त समय रखते हुए योजना बनाने की जरूरत होगी। निर्माण कार्य पूरा होने और रेल परिचालन सामान्य होने के बाद इन मार्गों पर सेवाएं निर्धारित व्यवस्था के अनुसार संचालित होने की उम्मीद है।

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