गोल्फ ग्राउंड बचाने सैकड़ों बच्चे सड़क पर उतरे रणधीर वर्मा चौक तक निकाला पैदल मार्च; मेले से खेल प्रभावित होने का आरोप

धनबाद में गोल्फ ग्राउंड में मेले के विरोध में सैकड़ों बच्चों और युवाओं ने पैदल मार्च निकाला। खिलाड़ियों ने मैदान को खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखने की मांग की।
गोल्फ ग्राउंड बचाने सैकड़ों बच्चे सड़क पर उतरे रणधीर वर्मा चौक तक निकाला पैदल मार्च; मेले से खेल प्रभावित होने का आरोप
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धनबाद के रणधीर वर्मा स्टेडियम यानी गोल्फ ग्राउंड में प्रस्तावित मेले को लेकर खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का विरोध अब सड़क तक पहुंच गया है। मंगलवार को सैकड़ों बच्चे और युवा गोल्फ ग्राउंड को खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखने की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए। बच्चों और युवाओं ने गोल्फ ग्राउंड से रणधीर वर्मा चौक तक पैदल मार्च निकाला और मेले के आयोजन के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराई। प्रदर्शन में शामिल बच्चों के हाथों में मैदान को मेला मुक्त रखने और खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित करने से संबंधित पोस्टर और तख्तियां थीं। 

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गोल्फ ग्राउंड धनबाद के उन प्रमुख स्थानों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में बच्चे और युवा रोजाना अलग-अलग खेलों की तैयारी करते हैं। यहां क्रिकेट, फुटबॉल के साथ-साथ दौड़, फिटनेस ट्रेनिंग और अन्य खेल गतिविधियों का अभ्यास किया जाता है। खिलाड़ियों के मुताबिक जब मैदान के बड़े हिस्से में मेला या प्रदर्शनी जैसे आयोजन होते हैं, तो उन्हें नियमित अभ्यास के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती। इसी समस्या को लेकर खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने पहले भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी मांग रखी थी। 

मंगलवार के पैदल मार्च के दौरान बच्चों और युवाओं ने मैदान को खेल के लिए प्राथमिकता देने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मेले का आयोजन कुछ समय के लिए होता है, लेकिन इसकी तैयारियों, आयोजन और बाद की गतिविधियों के कारण खिलाड़ियों का अभ्यास लंबे समय तक प्रभावित हो सकता है। उनका कहना है कि मैदान का इस्तेमाल अगर खेल गतिविधियों के लिए होता रहे तो स्थानीय स्तर पर तैयार हो रहे खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास का बेहतर अवसर मिल सकता है।

खिलाड़ियों की सबसे बड़ी चिंता नियमित अभ्यास को लेकर है। उनका कहना है कि कई बच्चे और युवा प्रतियोगिताओं तथा अन्य खेल गतिविधियों के लिए तैयारी करते हैं। इसके लिए उन्हें प्रतिदिन मैदान की जरूरत होती है। यदि मैदान का एक बड़ा हिस्सा किसी दूसरे आयोजन के लिए इस्तेमाल होता है तो अभ्यास की जगह कम हो जाती है और खिलाड़ियों को वैकल्पिक स्थान तलाशना पड़ता है। प्रदर्शनकारियों ने इसी वजह से प्रशासन से मैदान के उपयोग को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनाने की मांग की है।

गोल्फ ग्राउंड में मेले और प्रदर्शनी के आयोजन का विरोध पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी सितंबर में खिलाड़ियों और स्थानीय युवाओं ने मैदान को खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखने की मांग को लेकर विरोध जताया था। 19 सितंबर को खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने काला बिल्ला लगाकर भी प्रदर्शन किया था। उस समय प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया था कि बार-बार होने वाले मेलों और व्यावसायिक गतिविधियों से खेल अभ्यास के साथ मैदान की साफ-सफाई और खेल का वातावरण भी प्रभावित होता है। 

खिलाड़ियों ने यह भी कहा था कि गोल्फ ग्राउंड में बड़ी संख्या में धावक, खिलाड़ी और फिटनेस की तैयारी करने वाले युवा पहुंचते हैं। ऐसे में मैदान को लंबे समय तक अन्य गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने से उन लोगों की दिनचर्या प्रभावित होती है, जो नियमित रूप से यहां अभ्यास करते हैं। प्रदर्शनकारियों ने मैदान के रखरखाव और स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देने की मांग की है। 

मंगलवार को निकाले गए मार्च के पीछे भी यही मांग प्रमुख रही कि गोल्फ ग्राउंड का इस्तेमाल खेल गतिविधियों के लिए किया जाए। बच्चों और युवाओं ने अपने हाथों में पोस्टर लेकर मैदान को मेला मुक्त रखने की मांग की। गोल्फ ग्राउंड से रणधीर वर्मा चौक तक निकाले गए पैदल मार्च के जरिए प्रदर्शनकारियों ने अपनी बात प्रशासन और आम लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि धनबाद में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन खिलाड़ियों को नियमित और पर्याप्त अभ्यास के लिए मैदान की जरूरत होती है। यदि उपलब्ध मैदानों का इस्तेमाल बार-बार खेल के अलावा दूसरे बड़े आयोजनों के लिए किया जाएगा तो खिलाड़ियों की तैयारी प्रभावित हो सकती है। खासकर बच्चों और किशोर खिलाड़ियों के लिए नियमित अभ्यास का स्थान उपलब्ध रहना महत्वपूर्ण है।

गोल्फ ग्राउंड को लेकर खिलाड़ियों की चिंता का एक पुराना संदर्भ भी रहा है। वर्षों से धनबाद में खेल मैदानों के सीमित होते जाने और उपलब्ध मैदानों पर दूसरे प्रकार की गतिविधियां बढ़ने को लेकर चर्चा होती रही है। एक पुराने अध्ययन में भी गोल्फ ग्राउंड को धनबाद के प्रमुख मैदानों में शामिल बताते हुए क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों के अभ्यास का उल्लेख किया गया था। हालांकि समय के साथ मैदान के इस्तेमाल और उसके स्वरूप को लेकर अलग-अलग गतिविधियां होती रही हैं। 

खेल प्रेमियों का तर्क है कि किसी भी शहर में खेल के मैदान बच्चों और युवाओं के विकास के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। उनका कहना है कि खेल मैदान केवल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए नहीं, बल्कि रोजाना अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों के लिए भी जरूरी हैं। धनबाद के गोल्फ ग्राउंड को लेकर प्रदर्शन कर रहे बच्चों और युवाओं ने इसी आधार पर प्रशासन से मैदान के उपयोग की प्राथमिकता तय करने की मांग की है।

विरोध कर रहे खिलाड़ियों के अनुसार, मैदान में मेला लगने से केवल आयोजन के दिनों में ही परेशानी नहीं होती। मेला लगाने से पहले तैयारी, संरचना खड़ी करने और अन्य व्यवस्थाओं के लिए भी मैदान का इस्तेमाल किया जाता है। आयोजन खत्म होने के बाद मैदान को फिर से सामान्य स्थिति में लाने में समय लग सकता है। खिलाड़ियों का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया का असर उनके नियमित अभ्यास पर पड़ता है।

हालांकि मेले के आयोजन से जुड़े पक्षों का उद्देश्य मनोरंजन और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देना हो सकता है, लेकिन खिलाड़ियों की ओर से यह मांग सामने आई है कि ऐसे आयोजनों के लिए शहर में वैकल्पिक स्थानों पर भी विचार किया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि अन्य स्थान उपलब्ध हों तो उनका इस्तेमाल किया जा सकता है, जबकि गोल्फ ग्राउंड को खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए। यह मांग फिलहाल खिलाड़ियों और प्रशासन के बीच विचार-विमर्श का विषय बनी हुई है।

गोल्फ ग्राउंड में इससे पहले बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम भी आयोजित होते रहे हैं। सितंबर की शुरुआत में यहां सोशल मीडिया क्रिएटर आर्यन केल्विन का फैन मीटअप भी आयोजित हुआ था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। उस कार्यक्रम के दौरान भी मैदान में भारी भीड़ जुटने की खबर सामने आई थी। 

अब खिलाड़ियों और बच्चों के ताजा विरोध के बाद गोल्फ ग्राउंड के इस्तेमाल को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि मैदान को मुख्य रूप से खेल गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाए और ऐसे आयोजनों के लिए वैकल्पिक जगह तलाशने पर विचार किया जाए। उनका कहना है कि खेल मैदान उपलब्ध रहेंगे तो बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलता रहेगा।

मंगलवार को निकाले गए पैदल मार्च में शामिल बच्चों और युवाओं ने अपनी मांगों को लेकर आगे भी शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने की बात कही। उनका कहना है कि वे मैदान को किसी आयोजन के खिलाफ नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के अभ्यास के अधिकार और खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित स्थान की मांग को लेकर बचाना चाहते हैं। दूसरी ओर, अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन और संबंधित निकाय इस मांग पर क्या निर्णय लेते हैं और प्रस्तावित मेले के लिए क्या व्यवस्था तय की जाती है।

फिलहाल गोल्फ ग्राउंड को लेकर बच्चों, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का विरोध यह दिखाता है कि शहर में उपलब्ध खेल मैदानों के इस्तेमाल को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर चर्चा चल रही है। खिलाड़ियों की मांग है कि मैदान का उपयोग इस तरह हो जिससे मनोरंजन और अन्य आयोजनों के साथ-साथ नियमित खेल गतिविधियां भी प्रभावित न हों। प्रदर्शन के बाद गेंद अब प्रशासन के पाले में है कि वह खिलाड़ियों की चिंताओं और आयोजन से जुड़ी जरूरतों के बीच किस तरह व्यवस्था तय करता है।

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