बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर भारत सख्त, लोकसभा में सरकार का बड़ा बयान

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार ने लोकसभा में सख्त रुख अपनाया है। जानिए सरकार ने क्या कहा और इस मुद्दे पर भारत की आगे की

सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत और बांग्लादेश के संबंध किसी तीसरे देश के प्रभाव से संचालित नहीं होते और दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्ते स्वतंत्र व मजबूत आधार पर टिके हुए हैं। 

नई दिल्ली: भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश में हिंदुओं समेत अन्य धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर वह हर स्तर पर लगातार हस्तक्षेप कर रही है और इस मुद्दे को ढाका के समक्ष नियमित रूप से उठा रही है। साथ ही सरकार ने दोहराया कि भारत–बांग्लादेश संबंध किसी भी “तीसरे देश” से प्रभावित नहीं होते और दोनों देशों के रिश्ते स्वतंत्र, ऐतिहासिक और रणनीतिक आधार पर टिके हैं। यह जानकारी लोकसभा में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने एक लिखित जवाब में दी।

द्विपक्षीय संबंधों पर भारत का स्पष्ट रुख

लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि भारत अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है, और बांग्लादेश के साथ संबंध बहुआयामी हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच संस्थागत तंत्र के तहत नियमित उच्च-स्तरीय संवाद, कूटनीतिक संपर्क और द्विपक्षीय बैठकें जारी हैं।

मंत्री ने कहा कि भारत–बांग्लादेश संबंध साझा इतिहास, संस्कृति, भूगोल और आर्थिक परस्पर निर्भरता पर आधारित हैं, इसलिए ये किसी तीसरे देश के दबाव या प्रभाव से संचालित नहीं होते। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत का प्रयास हमेशा रिश्तों को स्थिर, रचनात्मक और पारस्परिक सम्मान पर आधारित बनाए रखना रहा है।

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर भारत की सक्रिय भूमिका

सरकार ने संसद को बताया कि बांग्लादेश में धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों—विशेष रूप से हिंदू समुदाय—की सुरक्षा का मुद्दा भारत द्वारा “हर उपयुक्त अवसर” पर उठाया गया है। यह मामला राजनयिक बैठकों, उच्च-स्तरीय वार्ताओं और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से लगातार बांग्लादेशी अधिकारियों के सामने रखा गया है।

विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि भारत बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों से जुड़े घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहा है और जहां भी आवश्यक हुआ, वहां कूटनीतिक स्तर पर हस्तक्षेप किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय हितों और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में सरकार कोई समझौता नहीं करती।

पाकिस्तान फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है? - सरकार का जवाब

लोकसभा में यह भी सवाल पूछा गया कि क्या भारत–बांग्लादेश संबंध वर्तमान में संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं और क्या पाकिस्तान इस स्थिति का लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है। इस पर सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते गहरे ऐतिहासिक और सामाजिक आधार पर टिके हैं और ये किसी तीसरे देश चाहे वह पाकिस्तान हो या कोई और से प्रभावित नहीं होते। मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच संवाद का रास्ता खुला है और मतभेदों को कूटनीतिक रूप से सुलझाने की प्रक्रिया जारी है।

विदेशों में भारतीय छात्रों की मौत के आंकड़े

सरकार ने लोकसभा में 2018 से 2025 के बीच विदेशों में हिंसक घटनाओं में मारे गए भारतीय छात्रों के आंकड़े भी साझा किए।

  • कनाडा: 17 छात्रों की मौत
  • अमेरिका: 9 छात्रों की मौत
  • ऑस्ट्रेलिया: 3 छात्रों की मौत
  • किर्गिस्तान: 2 छात्रों की मौत
  • ब्रिटेन, चीन, जर्मनी, डेनमार्क और ग्रेनेडा: प्रत्येक में 1 छात्र की मौत

मंत्री ने कहा कि सरकार इन मामलों में स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ संपर्क में रही है और पीड़ित परिवारों को आवश्यक कांसुलर सहायता प्रदान की गई है।

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