बच्चों के कान में तेल डालना एक्सपर्ट के अनुसार सुरक्षित नहीं है। यह दर्द और संक्रमण बढ़ा सकता है। डॉ. रवि मेहर की सलाह है कि कान में किसी भी समस्या के मामले में घरेलू नुस्खों से बचें और तुरंत ईएनटी डॉक्टर या पीडियाट्रिशन से परामर्श लें। सही देखभाल और चिकित्सकीय सलाह से बच्चों की कान संबंधी समस्याओं का सुरक्षित समाधान किया जा सकता है।
Child Ear Care Tips: बच्चों के कान में तेल डालना स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है। भारत में कई माता-पिता सरसों या अन्य तेल का उपयोग करते हैं, लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि यह दर्द या इंफेक्शन को बढ़ा सकता है। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग के डॉ. रवि मेहर के अनुसार, कान में मवाद या पानी आने पर तेल डालना और भी खतरनाक है। ऐसे मामलों में तुरंत ईएनटी डॉक्टर या पीडियाट्रिशन से संपर्क करना चाहिए। बच्चों के कान को साफ करने और घरेलू उपाय अपनाने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
इंफेक्शन और कान की सुरक्षा
डॉ. मेहर का कहना है कि बच्चों के कान में तेज दर्द अक्सर इंफेक्शन के कारण होता है। तेल डालने से न तो दर्द कम होता है और न ही इंफेक्शन खत्म। इसके अलावा कान से मवाद या पानी आने की स्थिति में तेल डालना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। यदि बच्चे को जुकाम या बुखार है और कान में दर्द है, तो तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ या पीडियाट्रिशन से संपर्क करना चाहिए।

घरेलू नुस्खों से बचें
कई माता-पिता सरसों या अन्य तेल का उपयोग बच्चों के कान में ड्राईनेस या मैल हटाने के लिए करते हैं। हालांकि, यह उपाय जोखिम बढ़ा सकते हैं। कान की सफाई के लिए केवल ईयर बड का बाहरी इस्तेमाल करें और इसे अंदर तक न डालें। आवश्यक होने पर डॉक्टर की सलाह से ही मेडिकल ईयर ड्रॉप्स का प्रयोग किया जा सकता है।
बच्चों के कान की देखभाल के आसान उपाय
अगर बच्चे को कान में दर्द है तो वह बार-बार रोएगा और कान को पकड़ता रहेगा। सुनने में भी समस्या हो सकती है। नहाते समय ध्यान रखें कि पानी या साबुन कान में न जाए। ठंड के मौसम में कान को ढक कर रखें ताकि सर्द हवा से परेशानी न बढ़े। घरेलू उपाय के तौर पर गर्म कपड़े से हल्की सिकाई की जा सकती है, लेकिन यह भी डॉक्टर की सलाह के बाद ही करें।
बच्चों के कान में तेल डालना एक्सपर्ट के अनुसार सुरक्षित नहीं है और इससे गंभीर संक्रमण या दर्द बढ़ सकता है। सबसे बेहतर तरीका यह है कि किसी भी कान संबंधी समस्या में तुरंत डॉक्टर या पीडियाट्रिशन से परामर्श लें। सही देखभाल और चिकित्सकीय सलाह के माध्यम से बच्चों की कान से जुड़ी समस्याओं का सुरक्षित समाधान किया जा सकता है।











