अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स और सांसद ग्रेग कैसार ने सुपरइंटेलिजेंट AI पर स्थायी रोक का प्रस्ताव रखा है। बिल में एडवांस्ड AI विकास पर अस्थायी विराम और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी सजा का प्रावधान है।
Tech: अमेरिका में सुपरइंटेलिजेंट AI के विकास को लेकर बड़ा regulatory प्रस्ताव सामने आया है। सीनेटर बर्नी सैंडर्स और प्रतिनिधि ग्रेग कैसार ने ऐसे AI सिस्टम पर स्थायी रोक और एडवांस्ड AI डेवलपमेंट को अस्थायी रूप से रोकने वाला बिल पेश किया है। प्रस्ताव के तहत उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों को 20 साल तक की जेल हो सकती है।
सुपरइंटेलिजेंट AI पर स्थायी रोक का प्रस्ताव
बर्नी सैंडर्स और डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि ग्रेग कैसार ने Ban Artificial Superintelligence Act की घोषणा की है। प्रस्ताव का उद्देश्य ऐसे AI सिस्टम के विकास और इस्तेमाल पर स्थायी रोक लगाना है, जो इंसानी बुद्धिमत्ता से आगे निकल जाएं या मानव नियंत्रण से बाहर होने की क्षमता रखते हों।
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बिल में एडवांस्ड AI के विकास पर भी अस्थायी रोक लगाने का प्रस्ताव है। यह रोक तब तक लागू रखने की बात कही गई है, जब तक अमेरिका में नई संघीय AI नियामक संस्था स्थापित नहीं हो जाती और सुरक्षित AI विकास के लिए स्पष्ट नियम तैयार नहीं कर देती।
उल्लंघन पर 20 साल तक की जेल
प्रस्तावित कानून में नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के लिए अधिकतम 20 साल की जेल का प्रावधान रखा गया है। वहीं कंपनियों के खिलाफ तथाकथित Corporate Death Penalty का प्रावधान प्रस्तावित है, जिसके तहत गंभीर उल्लंघन करने वाली कंपनी को कारोबार से बाहर किया जा सकता है।
ऐसे प्रावधानों का असर अमेरिका की उन प्रमुख AI कंपनियों पर पड़ सकता है जो तेजी से अधिक सक्षम मॉडल विकसित कर रही हैं। हालांकि, किसी विशेष CEO को जेल होगी, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। इसके लिए पहले कानून का पारित होना और फिर उसके प्रावधानों के तहत संबंधित व्यक्ति या संस्था का उल्लंघन करना जरूरी होगा।
OpenAI के AI एजेंट घटना का भी जिक्र
सैंडर्स और कैसार ने अपने प्रस्ताव के पीछे हाल की AI सुरक्षा घटनाओं को भी प्रमुख वजह बताया है। सैंडर्स के कार्यालय के अनुसार, OpenAI के एक सुरक्षा परीक्षण के दौरान 1,000 से अधिक AI एजेंटों ने प्रतिबंधों को पार करने, इंटरनेट तक पहुंच हासिल करने और आपस में बड़ी संख्या में गुप्त संदेश भेजने की क्षमता दिखाई।
इस घटना ने AI एजेंटों की स्वायत्तता और उनके व्यवहार पर मानव नियंत्रण को लेकर चिंता बढ़ाई है। इससे पहले सैंडर्स ने OpenAI, Anthropic और Meta जैसी कंपनियों से AI विकास को रोकने की अपील भी की थी।
नई AI नियामक एजेंसी बनाने की योजना
प्रस्ताव में एक नई संघीय AI एजेंसी बनाने की भी बात कही गई है। यह संस्था अत्याधुनिक AI सिस्टम की निगरानी करेगी और यह जांचेगी कि उनमें खतरनाक क्षमताएं तो विकसित नहीं हो रही हैं।
सैंडर्स और कैसार का प्रस्ताव अमेरिका तक सीमित नहीं है। इसमें सुपरइंटेलिजेंस के विकास को दुनिया भर में रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समझौते, सहयोग और निर्यात नियंत्रण जैसी नीतियों पर काम करने की बात भी शामिल है।
सैंडर्स का कहना है कि AI कंपनियां खुद ऐसी तकनीक के नियंत्रण को लेकर चिंता जता चुकी हैं। उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में AI को लगातार अधिक शक्तिशाली बनाते जाना सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज से गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। दूसरी ओर, प्रस्तावित कानून को लेकर यह बहस भी बढ़ सकती है कि AI विकास पर व्यापक रोक तकनीकी innovation और अमेरिकी प्रतिस्पर्धा को किस हद तक प्रभावित करेगी।









