भागलपुर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को रुक-रुककर हो रही बारिश से राहत मिली है। आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने से तापमान में भी नरमी आई है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार भागलपुर में अगले तीन दिनों तक बादल छाए रहने के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। 31 अगस्त और 1 सितंबर को एक-दो दौर की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जबकि 2 सितंबर को मध्यम बारिश के आसार हैं।
भागलपुर में 30 अगस्त को 24 घंटे के दौरान 23 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इस दौरान अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश के बाद हवा में नमी बढ़ी, जिससे दिन के समय बनी रहने वाली उमस में लोगों को कुछ राहत महसूस हुई।
मौसम में आए इस बदलाव का असर शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। दिनभर बादलों की आवाजाही और बीच-बीच में बारिश के कारण धूप की तपिश कम हुई है। कई जगहों पर बारिश हल्की रही, जबकि कुछ इलाकों में अपेक्षाकृत तेज बौछारें भी पड़ीं। बारिश रुकने के बाद फिर से उमस बढ़ने की स्थिति बनी, लेकिन लगातार बादल छाए रहने से मौसम पहले की तुलना में राहत देने वाला रहा।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 31 अगस्त को भागलपुर में सामान्य रूप से बादल छाए रहने और एक-दो दौर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। 1 सितंबर को भी मौसम का यही मिजाज बने रहने की उम्मीद है। 2 सितंबर को मध्यम बारिश का अनुमान है। इसके बाद 3 सितंबर को गरज के साथ बारिश हो सकती है।
भागलपुर के लिए मौसम का यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जिले में गंगा का जलस्तर पहले से चिंता का विषय बना हुआ है। मौसम की बारिश के साथ-साथ नदी के जलस्तर पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है। मौसम संबंधी ताजा आंकड़ों के अनुसार कहलगांव में गंगा गंभीर बाढ़ की स्थिति में बह रही है। वहीं भागलपुर में भी नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर बताया गया है।
ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश का असर निचले इलाकों में दिखाई दे सकता है। जिन क्षेत्रों में पहले से जलजमाव या बाढ़ की स्थिति है, वहां अतिरिक्त बारिश से लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। दूसरी तरफ सामान्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश से गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग की जानकारी के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बने मौसम सिस्टम का प्रभाव पूर्वी भारत के कई हिस्सों पर पड़ रहा है। IMD ने 30 और 31 अगस्त को गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके प्रभाव से बिहार के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
भागलपुर पूर्वी बिहार में स्थित होने के कारण आसपास के मौसम तंत्र का असर यहां भी देखने को मिल सकता है। यही वजह है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह साफ होने की संभावना कम है। बादल और बारिश का दौर बीच-बीच में जारी रह सकता है।
बारिश से किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। जिन इलाकों में खेतों में पर्याप्त नमी की जरूरत है, वहां बारिश फसलों के लिए उपयोगी हो सकती है। हालांकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त बारिश किसानों के लिए परेशानी भी बढ़ा सकती है। निचले इलाकों में खेतों में पहले से पानी जमा होने की स्थिति में लगातार बारिश से फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ सकता है।
शहर में बारिश का असर यातायात व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। तेज बारिश होने पर सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन सकती है। खासकर निचले इलाकों और उन सड़कों पर जहां जल निकासी की व्यवस्था कमजोर है, वहां लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वाहन चालकों को बारिश के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
बारिश के साथ बिजली चमकने और गरजने की स्थिति भी बन सकती है। IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में 1 सितंबर को गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए।
भागलपुर में मौसम का तापमान भी फिलहाल बहुत ज्यादा नहीं है। अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान करीब 32 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री के आसपास रह सकता है। इससे दिन में गर्मी की तीव्रता कम रहने की संभावना है, हालांकि बारिश के बाद हवा में नमी बढ़ने से उमस महसूस हो सकती है।
बारिश के बाद मौसम में एक खास तरह का बदलाव महसूस किया जा रहा है। दोपहर की तेज धूप की जगह बादलों ने ले ली है। कई इलाकों में अचानक बारिश शुरू होने और कुछ देर बाद रुक जाने का सिलसिला देखा जा रहा है। ऐसे में लोगों को बाहर निकलते समय मौसम के बदलते मिजाज को ध्यान में रखना होगा।
स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और बाजार जाने वाले लोगों के लिए भी अगले तीन दिन मौसम महत्वपूर्ण रहेंगे। बारिश के समय सड़कों पर यातायात धीमा हो सकता है। यदि कहीं तेज बारिश होती है तो जलजमाव के कारण आवागमन प्रभावित होने की संभावना रहेगी।
प्रशासन के लिए भी अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण हैं। भागलपुर में गंगा के जलस्तर को देखते हुए बारिश और नदी की स्थिति पर लगातार निगरानी जरूरी है। बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत और बचाव से जुड़े इंतजामों को सक्रिय रखना होगा। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम और नदी के जलस्तर से संबंधित अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जा सकती है।
मौसम विभाग के आंकड़ों से यह भी स्पष्ट है कि बारिश का दौर केवल एक दिन तक सीमित रहने वाला नहीं है। 3 सितंबर को भी गरज के साथ बारिश की संभावना है और 4 सितंबर को हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। यानी भागलपुर में अगले कई दिनों तक मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना नहीं है।
इस मौसम में सबसे ज्यादा राहत उन लोगों को मिली है जो लगातार उमस से परेशान थे। बारिश के बाद तापमान में गिरावट और हवा में ठंडक महसूस होने से लोगों को कुछ समय के लिए राहत मिली। हालांकि बारिश रुकते ही नमी बढ़ने से उमस दोबारा महसूस हो सकती है। इसलिए मौसम में राहत और उमस दोनों का मिला-जुला असर बना रह सकता है।
कुल मिलाकर भागलपुर में मानसून फिर सक्रिय नजर आ रहा है। रुक-रुककर हो रही बारिश ने गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत दी है, लेकिन गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए अतिरिक्त बारिश चिंता बढ़ा सकती है। IMD के अनुसार 31 अगस्त से 2 सितंबर तक बारिश का दौर बना रह सकता है और 1 सितंबर को गरज-बिजली की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में शहर में रहने वाले लोगों को जहां बारिश से राहत मिलेगी, वहीं नदी और निचले इलाकों में रहने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।









