मानसून महाराष्ट्र सहित 7 राज्यों में पहुंच चुका है और तेजी से आगे बढ़ रहा है। केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश हो रही है, जबकि कई राज्यों में आंधी-तूफान और ओले गिरे हैं। उत्तर भारत में गर्मी और लू का असर अभी भी बना हुआ है।
तिरवंतपुरम/चेन्नई/दिल्ली/जयपुर/लखनऊ: भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब यह महाराष्ट्र समेत देश के 7 राज्यों में पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून ने पिछले चार दिनों में तेज गति पकड़ते हुए कई राज्यों को कवर किया है, जबकि दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का दौर जारी है। दूसरी ओर, उत्तर भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और हीटवेव की स्थिति फिर से बन गई है।
महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर में मानसून की एंट्री
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) के अनुसार मानसून महाराष्ट्र के तटीय शहर देवगढ़ तक पहुंच चुका है और अगले दो दिनों में पूरे राज्य को कवर करने की संभावना है।
इसके साथ ही मिजोरम और मणिपुर जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून ने दस्तक दे दी है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मानसून कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और अन्य पूर्वोत्तर क्षेत्रों में भी तेजी से फैल सकता है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश, कई राज्यों में जलभराव
केरल, कर्नाटक, गोवा और तमिलनाडु के कई हिस्सों में लगातार भारी बारिश दर्ज की जा रही है। बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव और यातायात बाधित होने की स्थिति बनी हुई है।
केरल के तिरुवनंतपुरम, कर्नाटक के हुबली और चिकमंगलूर, तथा तेलंगाना के हैदराबाद में तेज बारिश और आंधी-तूफान देखने को मिला है। कई जगह पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की भी खबरें आई हैं।
तमिलनाडु में बारिश के बीच चेन्नई में भीषण गर्मी
जहां एक ओर राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, वहीं चेन्नई में लगातार पांचवें दिन तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। यह स्थिति मौसम में असमानता को दर्शाती है, जहां एक ही राज्य में भारी बारिश और भीषण गर्मी दोनों देखने को मिल रहे हैं।
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उत्तर भारत में फिर लौटी गर्मी और लू का असर
मानसून की धीमी रफ्तार के चलते उत्तर भारत के राज्यों में गर्मी फिर से बढ़ गई है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और चंडीगढ़ में तापमान बढ़ने के साथ कई इलाकों में लू का अलर्ट जारी किया गया है।
दिल्ली में तापमान एक बार फिर 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में हल्की बारिश की संभावना जताई है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में आंधी-तूफान
मध्य प्रदेश और राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियों के तहत तेज हवाओं और आंधी-तूफान का असर देखने को मिला है। भोपाल समेत कई जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।
राजस्थान के बीकानेर में बारिश के साथ ओले भी गिरे, जिससे मौसम अचानक बदल गया। कई इलाकों में पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की घटनाएं सामने आई हैं।
मानसून की प्रगति और आगे का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार मानसून अगले दो से तीन दिनों में कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बाकी हिस्सों तक पहुंच सकता है। इसके बाद यह पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत की ओर आगे बढ़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल की खाड़ी में मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय न होने के कारण मध्य भारत जैसे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसून की गति थोड़ी धीमी रह सकती है।
अल नीनो का संभावित असर
वैज्ञानिक रिपोर्ट्स के अनुसार प्रशांत महासागर में अल नीनो (El Niño) बनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसका असर वैश्विक तापमान और वर्षा पैटर्न पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि यह अल नीनो मजबूत होता है, तो आने वाले महीनों में गर्मी और अधिक बढ़ सकती है और मानसून की बारिश में भी असंतुलन देखने को मिल सकता है।
अगले कुछ दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में दक्षिण भारत के राज्यों में भारी बारिश जारी रहेगी, जबकि पूर्वी भारत में आंधी-तूफान और बारिश की संभावना बनी रहेगी। उत्तर भारत में कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद है, लेकिन कई जगह गर्मी और लू का असर जारी रह सकता है।









