मुजफ्फरपुर में आम की भरपूर आवक, ₹100 में डेढ़ किलो मालदह-दशहरी से बाजार गुलजार

मुजफ्फरपुर की मंडियों में आम की आवक बढ़ने से कीमतों में गिरावट आई है। मालदह, दशहरी और जर्दालू आम ₹100 में करीब डेढ़ किलो तक बिक रहे हैं।

मुजफ्फरपुर की फल मंडियों में आम की आवक बढ़ने से कीमतों में गिरावट आई है। मालदह, दशहरी और जर्दालू जैसी किस्में ₹100 में करीब डेढ़ किलो तक बिक रही हैं, जिससे ग्राहकों और कारोबारियों दोनों को राहत मिली है।

Muzaffarpur: शाही लीची के सीजन के ढलान पर पहुंचने के साथ ही मुजफ्फरपुर के फल बाजारों में अब आम का दबदबा बढ़ गया है। विभिन्न राज्यों और स्थानीय बागानों से हो रही लगातार आवक के कारण आम की कीमतें आम लोगों की पहुंच में आ गई हैं। बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ने से फल कारोबारियों के चेहरे भी खिल उठे हैं।

मंडियों में बढ़ी आम की आवक, कीमतों में आई नरमी

मुजफ्फरपुर के प्रमुख फल बाजारों और मंडियों में इन दिनों आम की भरपूर आवक देखने को मिल रही है। जीरोमाइल, सरैयागंज टावर, कल्याणी चौक, सिकंदरपुर और बाजार समिति जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों पर आम की विभिन्न किस्मों से दुकानें सजी हुई हैं। लगातार बढ़ती सप्लाई के कारण कीमतों में कमी आई है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली है।

मुजफ्फरपुर में आम की भरपूर आवक, ₹100 में डेढ़ किलो मालदह-दशहरी से बाजार गुलजार

खुदरा बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाला आम करीब 100 रुपये में डेढ़ किलो तक उपलब्ध है। यानी प्रति किलो कीमत लगभग 65 से 70 रुपये के बीच पहुंच गई है। कुछ सप्ताह पहले तक यही आम अपेक्षाकृत महंगे दामों पर बिक रहा था, लेकिन आवक बढ़ने के बाद बाजार में संतुलन बना है।

व्यापारियों के अनुसार पश्चिम बंगाल, मालदा, दक्षिण भारत और बिहार के स्थानीय बागानों से लगातार आम की खेप पहुंच रही है। इसी कारण बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है और कीमतें नियंत्रण में हैं।

मालदह और जर्दालू की सबसे ज्यादा मांग

हालांकि बाजार में दशहरी, बंबई, गुलाब खास, बैंगनपल्ली और अन्य कई किस्मों के आम उपलब्ध हैं, लेकिन स्थानीय ग्राहकों की पहली पसंद अब भी मालदह बना हुआ है। कांटी और मीनापुर क्षेत्र से आने वाले मालदह आम की मांग सबसे अधिक देखी जा रही है।

इसके अलावा भागलपुर का प्रसिद्ध जर्दालू आम भी ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है। अपनी खास खुशबू और स्वाद के कारण जर्दालू बाजार में अलग पहचान रखता है। फल विक्रेताओं का कहना है कि मालदह और जर्दालू दोनों की बिक्री अन्य किस्मों की तुलना में अधिक हो रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगले एक-दो सप्ताह में स्थानीय बागानों से उत्पादन और बढ़ेगा, जिससे बाजार में आपूर्ति और मजबूत होगी। इसका असर कीमतों पर भी पड़ सकता है और आम और सस्ता हो सकता है।

लीची के बाद आम ने संभाली बाजार की कमान

पिछले कुछ सप्ताह तक मुजफ्फरपुर और वैशाली की प्रसिद्ध शाही लीची बाजार की सबसे लोकप्रिय फल बनी हुई थी। अब लीची का सीजन अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जिसके बाद आम ने फल बाजार की कमान संभाल ली है।

शाम के समय शहर के प्रमुख बाजारों में आम खरीदने वालों की भीड़ बढ़ रही है। परिवारों के साथ-साथ होटल और जूस विक्रेता भी बड़ी मात्रा में आम खरीद रहे हैं। इससे फल कारोबार में नई रौनक लौट आई है।

फल व्यापारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में आम की मांग लगातार बनी रहती है। इस बार अच्छी आवक और नियंत्रित कीमतों के कारण बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यदि मौसम अनुकूल रहा तो आने वाले दिनों में आम का कारोबार और तेज होने की उम्मीद है।

ग्राहकों के लिए यह समय पसंदीदा किस्मों का स्वाद लेने का है, क्योंकि बाजार में अच्छी गुणवत्ता के आम अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध हैं। वहीं कारोबारियों को भी उम्मीद है कि सीजन के चरम पर पहुंचने के साथ बिक्री और बढ़ेगी।

Leave a comment