बिहार में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार को पटना समेत कई जिलों में बारिश का दौर जारी है, जबकि मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। राज्य के 24 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में बने मौसम तंत्र के असर से बिहार के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 19 और 20 अगस्त को भी कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।
बारिश के बीच सबसे बड़ी चिंता यह है कि बिहार में अब तक मानसूनी बारिश सामान्य से काफी कम रही है। राज्य में अब तक करीब 387.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य तौर पर लगभग 687.7 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में सामान्य से करीब 41% कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश किसानों और जलस्रोतों के लिए राहत लेकर आ सकती है।
पटना में सोमवार को भी तेज बारिश हुई थी। करीब 40 मिनट की बारिश के दौरान राजधानी के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई। करबिगहिया इलाके में सड़क पर करीब तीन फीट तक पानी जमा होने की जानकारी सामने आई। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। मंगलवार को भी पटना में बादल छाए रहने और कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है। राजधानी के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सोमवार को भी बारिश दर्ज की गई। गया, जमुई, बेतिया, पूर्णिया, सुपौल, कटिहार, खगड़िया, मधेपुरा और किशनगंज समेत कई इलाकों में बारिश हुई। बारिश के बाद उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली, हालांकि कई जगहों पर सड़कों और निचले इलाकों में पानी जमा होने से परेशानी भी बढ़ी।
मौसम विभाग के अनुसार बिहार में अगले 48 घंटे के दौरान बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी और सक्रिय मानसूनी सिस्टम की वजह से प्रदेश के बड़े हिस्से में बादल बनने और बारिश होने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।
दक्षिण बिहार के कई जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। पटना, नालंदा, गया, रोहतास, औरंगाबाद, कैमूर, आरा और बक्सर में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
बारिश के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। ऐसे में कमजोर पेड़, बिजली के तार और खुले में रखी वस्तुओं को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है।
लगातार बारिश होने पर शहरों के निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या बढ़ सकती है। पटना सहित कई शहरों में पहले से जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव रहता है। थोड़े समय में तेज बारिश होने पर सड़कों पर पानी जमा हो जाता है और यातायात प्रभावित होने लगता है।
ग्रामीण इलाकों में इस बारिश को किसान राहत के तौर पर देख रहे हैं। बिहार में खरीफ फसलों के लिए मानसूनी बारिश बेहद महत्वपूर्ण है। धान की खेती के साथ-साथ मक्का और अन्य फसलों के लिए भी पर्याप्त बारिश की जरूरत होती है। लंबे समय से बारिश की कमी के कारण किसानों को सिंचाई पर निर्भर रहना पड़ रहा था। अब यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होती है तो खेती को फायदा मिल सकता है।
हालांकि, बहुत कम समय में अत्यधिक बारिश होने पर किसानों के लिए परेशानी भी पैदा हो सकती है। खेतों में पानी भरने, फसल डूबने और मिट्टी के कटाव का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए बारिश की मात्रा और उसके वितरण दोनों पर नजर रखना जरूरी है।
बिहार में मानसून की मौजूदा स्थिति देश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मौसम प्रणाली से भी जुड़ी हुई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, झारखंड और उत्तरी गंगीय पश्चिम बंगाल के आसपास बना दबाव क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और इसके प्रभाव से बिहार में बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं।
मौसम विभाग ने लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। तेज बारिश के दौरान छोटे नालों और बरसाती धाराओं में अचानक पानी बढ़ सकता है। ग्रामीण इलाकों में पुल-पुलिया पार करते समय भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। यदि आकाश में तेज गर्जना हो रही हो तो खुले खेत या मैदान में खड़े रहने से बचना चाहिए। सुरक्षित भवन के अंदर रहना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
पटना और आसपास के जिलों में बारिश के कारण तापमान में भी कुछ गिरावट आ सकती है। लगातार बादल छाए रहने से दिन के समय गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि बारिश रुकने के बाद उमस फिर बढ़ सकती है।
राज्य के उत्तर बिहार में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। अररिया, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, सुपौल और आसपास के क्षेत्रों में बादल और बारिश का दौर जारी रह सकता है। इन इलाकों में नदियों और निचले क्षेत्रों की स्थिति पर भी प्रशासन की नजर बनी रहनी जरूरी है।
दक्षिण बिहार के जिलों में तेज बारिश के साथ वज्रपात की संभावना को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट रहने की जरूरत है। मौसम विभाग की चेतावनी के दौरान स्कूल, कॉलेज और अन्य सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर स्थानीय प्रशासन अपने स्तर पर आवश्यक निर्णय ले सकता है।
बारिश से किसानों को राहत मिलने के बावजूद राज्य में कुल बारिश का आंकड़ा अभी सामान्य से काफी नीचे है। 41% की कमी को पूरा करने के लिए आने वाले दिनों में लगातार अच्छी बारिश की जरूरत होगी। यदि बारिश का वितरण बेहतर रहता है तो यह कमी धीरे-धीरे कम हो सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 19 और 20 अगस्त को बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इसके बाद भी बारिश की गतिविधियां पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है।
राजधानी पटना में बारिश के दौरान सबसे बड़ी चुनौती जलनिकासी और यातायात की रहती है। जिन इलाकों में पहले से जलजमाव की समस्या है, वहां तेज बारिश के बाद स्थिति बिगड़ सकती है। वाहन चालकों को पानी भरी सड़कों पर सावधानी से वाहन चलाने और अनजान जलभराव वाले रास्तों से बचने की जरूरत है।
रेल और सड़क यातायात पर भी भारी बारिश का असर पड़ सकता है। ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में सड़क पर पानी या मलबा आने से आवाजाही बाधित हो सकती है। यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।
बिहार में पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों के लिए बारिश राहत लेकर आई है। राजधानी सहित कई जिलों में बारिश के बाद तापमान में गिरावट और मौसम सुहावना हुआ है। हालांकि, तेज बारिश के कारण शहरों में जलजमाव और ट्रैफिक की समस्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
फिलहाल मौसम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि राज्य में मानसून की गतिविधियां फिर बढ़ी हैं। लंबे समय से बारिश की कमी झेल रहे बिहार के लिए यह अच्छी खबर है, लेकिन भारी बारिश वाले जिलों में सावधानी भी उतनी ही जरूरी है।
बिहार में फिलहाल बारिश का दौर जारी रहने वाला है। पटना समेत कई जिलों में बारिश हो रही है और पूरे प्रदेश में मौसम को लेकर अलर्ट है। 24 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि 19-20 अगस्त को भी कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना है। राज्य में अब तक सामान्य से 41% कम बारिश दर्ज हुई है, इसलिए आने वाली बारिश खेती और जलस्रोतों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लोगों को वज्रपात, जलजमाव और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।