चंडीगढ़ में CBI अधिकारी बनकर 13 लाख की ठगी, जानें कैसे जाल में फंसे वायुसेना के रिटायर्ड अधिकारी?

चंडीगढ़ में फर्जी CBI अधिकारी बनकर ठगों ने वायुसेना के रिटायर्ड अधिकारी से 13 लाख रुपये ठग लिए। जानें कैसे हुआ यह फर्जीवाड़ा और ठगों ने कैसे रचा जाल

चंडीगढ़ में एक हाई-टेक ठगी का मामला सामने आया है, जहां 79 वर्षीय एक रिटायर्ड वायुसेना अधिकारी साइबर ठगों के शिकार हो गए। खुद को CBI और मुंबई पुलिस का अधिकारी बताने वाले इन जालसाजों ने गिरफ्तारी का डर दिखाकर पीड़ित से 13 लाख रुपये ऐंठ लिए। यह घटना साइबर फ्रॉड के बढ़ते खतरों को दर्शाती है और हमें सतर्क रहने का संकेत देती है।

कैसे जाल में फंसे वायुसेना के रिटायर्ड अधिकारी?

यह मामला 13 जनवरी को शुरू हुआ जब रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी सुरिंदर कुमार को एक फोन कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एक टेलीकॉम कंपनी का अधिकारी बताया और कहा कि उनका फोन नंबर छह घंटे के लिए बंद किया जा रहा है। कुमार ने जब कस्टमर केयर से संपर्क किया, तो उन्हें एक अन्य नंबर पर कॉल करने के लिए कहा गया।

चंडीगढ़ में CBI अधिकारी बनकर 13 लाख की ठगी, जानें कैसे जाल में फंसे वायुसेना के रिटायर्ड अधिकारी?

इस बार फोन उठाने वाले ने खुद को CBI अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस में आया है और उन पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

डराने के लिए ‘फर्जी पुलिस’ का इस्तेमाल

ठगों ने अपने जाल को और मजबूत करने के लिए मुंबई पुलिस अधिकारी बनकर बुजुर्ग से बात की। उन्होंने गिरफ्तारी की धमकी दी और बताया कि बचने के लिए उन्हें तुरंत पैसे ट्रांसफर करने होंगे। बुजुर्ग इस धमकी से इतने घबरा गए कि उन्होंने तुरंत 13 लाख रुपये ठगों के अकाउंट में भेज दिए। कुछ दिनों बाद जब उन्हें संदेह हुआ, तो 21 फरवरी को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

ऐसे हाई-टेक स्कैम से कैसे बचें? अपनाएं ये 5 तरीके

चंडीगढ़ में CBI अधिकारी बनकर 13 लाख की ठगी, जानें कैसे जाल में फंसे वायुसेना के रिटायर्ड अधिकारी?

1. पहचान की पुष्टि करें: अगर कोई खुद को CBI, पुलिस या अन्य सरकारी अधिकारी बताता है, तो आधिकारिक हेल्पलाइन पर कॉल करके उसकी पहचान सत्यापित करें।
2. गोपनीय जानकारी साझा न करें: बैंक डिटेल, आधार नंबर, OTP या कोई अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
3. कोई भी सरकारी अधिकारी पैसे नहीं मांगता: ध्यान रखें कि सरकारी एजेंसियां फोन पर कभी भी पैसे की मांग नहीं करतीं। अगर ऐसा होता है, तो यह निश्चित रूप से ठगी है।
4. संदिग्ध लिंक और कॉल से बचें: किसी भी अनजान नंबर, ईमेल या मैसेज में मिले लिंक पर क्लिक न करें। ये फिशिंग हमले हो सकते हैं।
5. संदेह होने पर तुरंत रिपोर्ट करें: ऐसी किसी भी संदिग्ध कॉल या धोखाधड़ी की तुरंत रिपोर्ट करें। आप लोकल पुलिस, साइबर क्राइम सेल या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर सकते हैं।

यह घटना एक चेतावनी है कि साइबर अपराधी अब नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए सतर्क रहें, जागरूक रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करें ताकि आप और आपके करीबी इस तरह के स्कैम से बच सकें।

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