चुनाव आयोग द्वारा दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन सम्मेलन–2026 शुक्रवार को संपन्न हो गया, जिसमें दिल्ली डिक्लेरेशन को अपनाया गया।
नई दिल्ली: चुनाव आयोग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन सम्मेलन-2026 शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में ‘दिल्ली डिक्लेरेशन’ पारित किया गया, जिसमें चुनाव प्रबंधन के पांच मुख्य क्षेत्रों पर वैश्विक सहमति बनी। इन पांच महत्वपूर्ण बिंदुओं में शामिल हैं: फोटो युक्त शुद्ध मतदाता सूची बनाना, प्रशिक्षण (Training), तकनीकी विकास, अनुसंधान और इलेक्शन मैनेजमेंट।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि दिल्ली डिक्लेरेशन को सभी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय चुनाव प्रबंधन निकायों ने स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिनिधियों ने इन पांच मुख्य क्षेत्रों में संयुक्त रूप से काम करने का संकल्प लिया है और समय-समय पर इनकी प्रगति की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत इस वर्ष दिसंबर में 3, 4 और 5 तारीख को दिल्ली में पुनः बैठक करने का प्रस्ताव रखा गया है।
42 अंतरराष्ट्रीय और 70 से अधिक राष्ट्रीय संस्थाएं शामिल
सम्मेलन में 42 अंतरराष्ट्रीय चुनाव प्रबंधन संस्थाओं के प्रतिनिधि, देश के 70 से अधिक राष्ट्रीय संस्थाओं के विशेषज्ञ और सभी राज्यों के सीईओ एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस सम्मेलन में कई देशों ने शुद्ध मतदाता सूची तैयार करने और प्रत्येक मतदाता को फोटो पहचान पत्र प्रदान करने पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि “कानून के अनुसार सभी मतदाताओं की शुद्ध मतदाता सूची किसी भी लोकतंत्र की आधारशिला है। यह सुनिश्चित करना कि सभी मतदाता अपनी पहचान के साथ मतदान कर सकें, लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है।”
तकनीकी प्लेटफॉर्म और ई-प्रबंधन
सम्मेलन में यह निर्णय लिया गया कि चुनाव प्रबंधन में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना आवश्यक है। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग ने अंतरराष्ट्रीय चुनाव प्रबंधन निकायों को ‘ईसीआईनेट’ ऐप जैसी प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म विकसित करने में सहयोग की पेशकश की है। इसके माध्यम से चुनाव प्रबंधन अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि आयोग विभिन्न देशों के अधिकारियों के लिए ट्रेनिंग और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा, ताकि चुनाव प्रबंधन के सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया जा सके और सभी देशों में डिजिटल और तकनीकी क्षमता को बढ़ाया जा सके।

पांच मुख्य बिंदुओं पर वैश्विक सहमति
दिल्ली डिक्लेरेशन के तहत जिन पांच बिंदुओं पर सहमति बनी, वे निम्नलिखित हैं:
- शुद्ध मतदाता सूची (Clean Voter List): सभी मतदाताओं की सूची पूरी तरह अद्यतन और सत्यापित हो।
- फोटो पहचान पत्र (Voter Photo ID): प्रत्येक मतदाता को फोटो पहचान पत्र प्रदान किया जाए।
- प्रशिक्षण (Training): चुनाव अधिकारियों और स्टाफ के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम।
- तकनीक (Technology): डिजिटल प्लेटफॉर्म और एआई आधारित टूल का उपयोग, जैसे ईसीआईनेट ऐप।
- अनुसंधान और इलेक्शन मैनेजमेंट (Research & Election Management): चुनाव संचालन, डाटा विश्लेषण और प्रबंधन में नवाचार।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि इन पांच बिंदुओं पर सहमति लोकतंत्र को मजबूत बनाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सम्मेलन ने यह भी स्पष्ट किया कि इंटरनेशनल चुनाव प्रबंधन निकाय भारत के चुनाव आयोग के सहयोग से अपने देशों में भी टेक्नोलॉजी आधारित मतदान, प्रशिक्षण और शोध को अपनाने में सक्षम होंगे। यह कदम वैश्विक लोकतंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सम्मेलन में शामिल प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि शुद्ध मतदाता सूची और फोटो पहचान पत्र को लागू करना लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में धोखाधड़ी और गड़बड़ी को रोकने में मदद करेगा।










