दाल तड़का भारतीय रसोई की एक पारंपरिक और पौष्टिक डिश है। यह दाल, मसालों और घी के तड़के से बनती है, जो स्वाद के साथ-साथ सेहत भी देती है। सादी सामग्री से बनने वाली दाल तड़का रोज़मर्रा के भोजन में ऊर्जा, पोषण और संतुलन बनाए रखने का काम करती है।
सामग्री
- अरहर दाल – 1 कप (या अरहर + मसूर आधा-आधा)
- पानी – 3 कप
- नमक – स्वाद अनुसार
- हल्दी – ½ छोटी चम्मच
- तड़के के लिए
- घी – 2 छोटी चम्मच
- जीरा – 1 छोटी चम्मच
- लहसुन – 6–8 कलियाँ (कटी हुई)
- हरी मिर्च – 1 (कटी हुई)
- सूखी लाल मिर्च – 1–2
- हींग – 1 चुटकी
- लाल मिर्च पाउडर – ½ छोटी चम्मच
- धनिया पत्ती – सजाने के लिए
बनाने की विधि
- दाल धोकर कुकर में दाल, पानी, नमक और हल्दी डालें। 3–4 सीटी में दाल अच्छी तरह गल जाए।
- दाल को मथनी से हल्का सा फेंट लें ताकि दाल स्मूद हो जाए।
- एक छोटे पैन में घी गरम करें।
- इसमें जीरा डालें, चटकने पर लहसुन, हरी मिर्च और सूखी लाल मिर्च डालें।
- लहसुन हल्का सुनहरा हो जाए तो हींग और लाल मिर्च पाउडर डालें।
- तुरंत यह तड़का उबली दाल में डालें और अच्छी तरह मिला दें।
- ऊपर से हरा धनिया डालकर गरमागरम परोसें।
परोसने के सुझाव
- जीरा राइस, सादा चावल या रोटी के साथ और प्याज़ का सलाद, अचार या घी की एक बूँद
दाल तड़का खाने के फायदे
प्रोटीन से भरपूर
दाल तड़का शरीर को आवश्यक प्रोटीन देती है, जो मांसपेशियों की मजबूती और कोशिकाओं की मरम्मत में मदद करता है।
पाचन के लिए लाभकारी
दाल में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत करता है और कब्ज की समस्या को दूर रखता है।
दिल के लिए अच्छी
नियमित रूप से दाल खाने से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है, जिससे हृदय स्वस्थ रहता है।
ऊर्जा बढ़ाने में सहायक
दाल तड़का शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देता है, जिससे थकान कम होती है।













