दरभंगा शहर में चोरों ने एक अपार्टमेंट की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक ही रात में दो फ्लैटों को निशाना बनाया। नगर थाना क्षेत्र के खानकाह चौक के पास सकमा पुल स्थित बी-इंक्लेव सोसाइटी में हुई इस वारदात में बैंक मैनेजर के फ्लैट से करीब 35 लाख रुपये के जेवरात और 25 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए गए। इसके अलावा पांचवीं मंजिल पर स्थित एक अन्य फ्लैट से भी लाखों रुपये के जेवरात और नकदी गायब होने की बात सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि चोर दोनों फ्लैटों की कुंडी काटने के लिए कटर का इस्तेमाल करने के बाद उसे घटनास्थल पर ही छोड़ गए। वहीं अपार्टमेंट में लगे सभी 16 सीसीटीवी कैमरे घटना के समय बंद पाए गए।
जानकारी के अनुसार, चोरी की पहली बड़ी वारदात अपार्टमेंट की दूसरी मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 202 में हुई। यहां बैंक मैनेजर ओम कुमार झा अपने परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि एक नवंबर की सुबह करीब छह बजे वह अपनी बेटी का जन्मदिन मनाने के लिए परिवार के साथ मधुबनी जिले के सरसोपाही गांव गए थे। परिवार के घर से बाहर होने की जानकारी का फायदा उठाकर चोरों ने बंद फ्लैट को निशाना बनाया।
दो नवंबर की सुबह करीब आठ बजे जब ओम कुमार झा अपने परिवार के साथ वापस लौटे तो फ्लैट की कुंडी कटी हुई मिली। घर के अंदर जाने पर देखा कि सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी में रखे कीमती जेवरात गायब थे। जांच करने पर पता चला कि करीब 35 लाख रुपये के जेवरात और 25 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए गए हैं। इसके बाद उन्होंने तत्काल डायल 112 पर फोन कर पुलिस को घटना की सूचना दी।
चोरों ने फ्लैट के दरवाजे की कुंडी काटने के लिए कटर का इस्तेमाल किया था। वारदात को अंजाम देने के बाद वे कटर को फ्लैट के अंदर ही छोड़कर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि चोरों ने कुंडी काटने के बाद उसे दोबारा इस तरह सीधा कर दिया था कि पहली नजर में दरवाजा बंद दिखाई दे। इससे बाहर से देखने पर तत्काल चोरी का पता लगाना मुश्किल हो सकता था।
मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इसी अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 501 में भी चोरी हुई है। इस फ्लैट में सरिता कुमारी रहती हैं। उनका फ्लैट पिछले 15 से 20 दिनों से बंद था। पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने मोबाइल फोन के माध्यम से उन्हें चोरी की जानकारी दी। इसके बाद उन्हें पता चला कि उनके फ्लैट को भी चोरों ने निशाना बनाया है। यहां से भी लाखों रुपये के जेवरात और नकदी चोरी होने की बात सामने आई है।
दोनों फ्लैटों में चोरी का तरीका लगभग एक जैसा बताया जा रहा है। चोरों ने बंद फ्लैटों की कुंडी काटकर अंदर प्रवेश किया और कीमती सामान लेकर फरार हो गए। इससे आशंका जताई जा रही है कि वारदात को अंजाम देने वाले लोगों ने अपार्टमेंट और वहां रहने वाले परिवारों की गतिविधियों पर पहले से नजर रखी होगी। हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है।
घटना की सूचना मिलने के बाद नगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस ने सोसाइटी के मैनेजर, सुरक्षा गार्ड और आसपास के फ्लैटों में रहने वाले लोगों से पूछताछ की। बाद में एफएसएल की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। टीम ने दोनों फ्लैटों की जांच कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। चोरी में इस्तेमाल किया गया कटर भी बरामद किया गया है।
इस घटना में अपार्टमेंट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। सोसाइटी में कुल 16 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इनमें से आठ कैमरे पहले से ही खराब या बंद थे। बताया गया कि वारदात के समय बाकी आठ कैमरे भी बंद पाए गए। ऐसे में चोरों की गतिविधियों को रिकॉर्ड करने वाला कोई कैमरा काम नहीं कर रहा था। पुलिस आसपास के दूसरे भवनों और सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके।
दोनों पीड़ित परिवारों की ओर से नगर थाना में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। बैंक मैनेजर ओम कुमार झा के आवेदन पर दो नवंबर को कांड संख्या 266/26 दर्ज की गई, जबकि सरिता कुमारी के आवेदन पर चार नवंबर को कांड संख्या 270/26 दर्ज हुई। नगर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार के अनुसार, दोनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
एक ही अपार्टमेंट की दो अलग-अलग मंजिलों पर चोरी की घटना सामने आने के बाद वहां रहने वाले लोगों में चिंता का माहौल है। लोगों के लिए यह बात भी परेशानी का कारण बनी हुई है कि जिस सोसाइटी में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, घटना के समय उनमें से एक भी कैमरा चालू नहीं था। पुलिस अब चोरों की पहचान करने के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि इस वारदात में कितने लोग शामिल थे और चोरी किए गए जेवरात व नकदी कहां ले जाए गए।











