धनतेरस के अवसर पर दरभंगा के बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। त्योहार को लेकर लोगों में खरीदारी का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और शहर के अलग-अलग बाजारों में सुबह से देर शाम तक ग्राहकों की भीड़ जुटी रही। ऑटोमोबाइल, सर्राफा, इलेक्ट्रॉनिक्स और बर्तन समेत कई कारोबारों में अच्छी बिक्री दर्ज की गई। व्यापारियों के अनुमान के मुताबिक, इस बार धनतेरस पर जिले में कुल कारोबार 300 करोड़ रुपये से अधिक रहा। इसमें सबसे बड़ा योगदान ऑटोमोबाइल और सर्राफा बाजार का रहा।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में करीब 200 से 225 करोड़ रुपये की बिक्री का अनुमान लगाया गया है, जबकि सर्राफा बाजार में 80 से 90 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। इन दोनों क्षेत्रों को मिलाकर ही करीब 280 से 315 करोड़ रुपये का व्यापार होने का अनुमान है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू सामान, बर्तन और अन्य उत्पादों की बिक्री भी हुई। इससे धनतेरस के दिन जिले का कुल कारोबार 300 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया।
धनतेरस पर वाहन खरीदना शुभ माना जाता है। इसी परंपरा के कारण इस बार भी दोपहिया और चारपहिया वाहनों के शोरूम में ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। लोगों ने बाइक, स्कूटी, कार और अन्य वाहनों की खरीदारी की। कई ग्राहकों ने त्योहार से पहले ही अपनी पसंद के वाहन की बुकिंग करा दी थी और धनतेरस के दिन शोरूम पहुंचकर डिलीवरी ली। वाहन कंपनियों और डीलरों की ओर से ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विशेष ऑफर और फाइनेंस की सुविधाएं भी दी गईं।
ऑटोमोबाइल कारोबारियों के अनुसार, इस बार ग्राहकों ने अलग-अलग बजट और जरूरतों के हिसाब से वाहन खरीदे। दोपहिया वाहनों की मांग के साथ कारों की खरीदारी भी अच्छी रही। परिवारों ने त्योहार के अवसर पर नई गाड़ी घर लाने को प्राथमिकता दी। ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में ग्राहक दरभंगा के शोरूम पहुंचे। धनतेरस के दिन वाहनों की डिलीवरी को लेकर शोरूम में विशेष व्यवस्था की गई थी।
सर्राफा बाजार में भी धनतेरस की रौनक देखते ही बनी। सोने और चांदी के आभूषणों के साथ सिक्कों की खरीदारी के लिए दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी। कई लोगों ने परंपरा के अनुसार सोने-चांदी के सिक्के खरीदे, जबकि कुछ ग्राहकों ने शादी-विवाह और पारिवारिक जरूरतों को ध्यान में रखकर आभूषणों की खरीदारी की। ज्वेलरी दुकानों में सुबह से ही ग्राहकों का आना शुरू हो गया था और देर शाम तक खरीदारी का सिलसिला जारी रहा।
सर्राफा कारोबारियों के मुताबिक, इस बार बाजार में सोने के साथ चांदी की खरीदारी को लेकर भी उत्साह रहा। छोटे बजट वाले ग्राहकों ने सिक्के और हल्के आभूषण पसंद किए, जबकि अधिक बजट वाले ग्राहकों ने सोने के गहनों की खरीदारी की। धनतेरस पर शुभ धातु खरीदने की परंपरा के कारण ग्राहकों ने कीमतों पर ध्यान देने के साथ अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार खरीदारी की।
त्योहार का असर इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में भी देखने को मिला। टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, मोबाइल फोन और अन्य घरेलू उपकरणों की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी। कई दुकानदारों ने त्योहार के अवसर पर छूट और आकर्षक योजनाएं दीं। इसके अलावा बर्तन बाजार में भी खरीदारी का माहौल रहा। पीतल, तांबा, स्टील और दूसरे धातुओं के बर्तनों की बिक्री हुई। लोगों ने अपनी परंपरा और बजट के अनुसार छोटे-बड़े बर्तन खरीदे।
धनतेरस को लेकर शहर के प्रमुख बाजारों में विशेष सजावट की गई थी। दुकानों को रंग-बिरंगी लाइटों और झालरों से सजाया गया था। बाजारों में बढ़ी भीड़ के कारण कई जगहों पर यातायात का दबाव भी देखने को मिला। दुकानदारों ने ग्राहकों की सुविधा के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था की थी। वहीं खरीदारी के लिए पहुंचे लोगों में त्योहार को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया।
व्यापारियों का मानना है कि धनतेरस पर हुई अच्छी बिक्री से स्थानीय कारोबार को मजबूती मिली है। त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के बाजार पहुंचने से दुकानदारों के साथ वाहन डीलरों, ज्वेलर्स और अन्य कारोबारियों को भी फायदा हुआ। धनतेरस के बाद दिवाली और छठ पूजा को लेकर भी बाजार में खरीदारी जारी रहने की उम्मीद है। कुल मिलाकर इस बार धनतेरस ने दरभंगा के कारोबारियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी और जिले के बाजारों में आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार दी।











