दरभंगा में पटना हाईकोर्ट बेंच की मांग तेज, सांसद ने राज्यपाल से की मुलाकात

दरभंगा में पटना हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग तेज हो गई है। सांसद गोपाल जी ठाकुर ने राज्यपाल से मुलाकात कर उत्तर बिहार के लोगों की समस्या रखी।
दरभंगा में पटना हाईकोर्ट बेंच की मांग तेज, सांसद ने राज्यपाल से की मुलाकात
Photo Credit / Attribution: Google

दरभंगा में पटना हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। दरभंगा के सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने इस मांग को लेकर बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मुलाकात की और उन्हें आग्रह पत्र सौंपा। सांसद ने राज्यपाल के सामने उत्तर बिहार के लोगों को हाईकोर्ट से जुड़े मामलों के लिए पटना आने-जाने में होने वाली परेशानियों का मुद्दा रखा। उन्होंने कहा कि दरभंगा में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित होने से उत्तर बिहार के लोगों को न्यायिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करने से राहत मिल सकती है।

सांसद का कहना है कि उत्तर बिहार के कई जिलों से पटना की दूरी काफी अधिक है। हाईकोर्ट से संबंधित मामलों के लिए लोगों को कई बार चार से छह-सात घंटे तक की यात्रा करनी पड़ती है। इससे न सिर्फ उनका समय खर्च होता है, बल्कि आने-जाने, ठहरने और अन्य जरूरी खर्चों के कारण आर्थिक बोझ भी बढ़ता है। ऐसे में दरभंगा में पटना हाईकोर्ट की बेंच स्थापित होने से मिथिला, तिरहुत और कोसी क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को पहले भी केंद्र सरकार के स्तर पर उठाया है। लोकसभा सत्र के दौरान उन्होंने केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के साथ इस विषय पर विस्तार से चर्चा की थी। अब राज्यपाल से मुलाकात कर उन्होंने मांग को आगे बढ़ाने का आग्रह किया है। सांसद के मुताबिक उत्तर बिहार के करोड़ों लोगों के हित में दरभंगा में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की जरूरत है।

दरभंगा को हाईकोर्ट बेंच का केंद्र बनाने की मांग लंबे समय से अलग-अलग स्तरों पर उठती रही है। समर्थकों का तर्क है कि उत्तर बिहार के लोगों को न्याय के लिए पटना तक पहुंचने में काफी समय और धन खर्च करना पड़ता है। खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बार-बार पटना की यात्रा करना मुश्किल होता है। अगर दरभंगा में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित होती है तो आसपास के जिलों के लोगों के लिए न्यायिक सेवाओं तक पहुंच आसान हो सकती है।

सांसद ने राज्यपाल को सौंपे आग्रह पत्र में हाईकोर्ट बेंच के अलावा दरभंगा से जुड़े कई अन्य मुद्दों को भी उठाया। इनमें दरभंगा के दोनों विश्वविद्यालयों को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने, महिला प्रौद्योगिकी संस्थान (WIT) को केंद्र सरकार के अधीन संचालित करने और दूरस्थ शिक्षा केंद्र में फिर से पठन-पाठन शुरू करने जैसे विषय शामिल हैं।

सांसद की राज्यपाल से मुलाकात के बाद हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज होने की संभावना है। इस मांग के समर्थकों का मानना है कि दरभंगा उत्तर बिहार के लिए प्रमुख प्रशासनिक, शैक्षणिक और चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। ऐसे में यहां उच्च न्यायिक व्यवस्था की सुविधा मिलने से क्षेत्र के विकास को भी गति मिल सकती है।

हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग केवल दरभंगा तक सीमित नहीं मानी जा रही है। इसके पीछे उत्तर बिहार के बड़े भौगोलिक क्षेत्र की जरूरतों को आधार बनाया जा रहा है। दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और आसपास के क्षेत्रों से लोगों को न्यायिक मामलों में पटना जाना पड़ सकता है। समर्थकों का कहना है कि क्षेत्रीय स्तर पर हाईकोर्ट की बेंच होने से इन जिलों के लोगों की पहुंच आसान होगी।

दरभंगा सांसद का कहना है कि इस मांग को केंद्र और राज्य स्तर पर लगातार उठाया जाता रहेगा। उनका जोर इस बात पर है कि उत्तर बिहार की आबादी को न्यायिक सेवाओं के लिए राजधानी पर पूरी तरह निर्भर न रहना पड़े। दरभंगा में बेंच बनने से लोगों को यात्रा में लगने वाला समय कम होगा और मुकदमों की पैरवी के लिए आने-जाने की परेशानी भी घट सकती है।

हालांकि हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने का फैसला केवल राजनीतिक मांग के आधार पर नहीं होता और इसके लिए संवैधानिक तथा प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन जरूरी होता है। ऐसे में सांसद की राज्यपाल से मुलाकात को इस मांग को संस्थागत स्तर पर आगे बढ़ाने की एक महत्वपूर्ण कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

फिलहाल सांसद गोपाल जी ठाकुर ने राज्यपाल के सामने दरभंगा में पटना हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग को प्रमुखता से रखा है। इससे पहले वह केंद्रीय कानून मंत्री के सामने भी यह विषय उठा चुके हैं। अब देखना होगा कि इस मांग पर आगे राज्य और केंद्र सरकार के स्तर पर क्या पहल होती है।

दरभंगा में हाईकोर्ट बेंच की मांग के पीछे मुख्य उद्देश्य उत्तर बिहार के लोगों को न्यायिक सेवाओं के करीब लाना बताया जा रहा है। यदि इस दिशा में आगे कोई ठोस निर्णय होता है तो इसका असर दरभंगा के साथ आसपास के कई जिलों के लोगों पर पड़ सकता है। फिलहाल सांसद की राज्यपाल से मुलाकात के बाद इस मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है।

Leave a comment