बिहार विधान परिषद के दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने जीत दर्ज कर कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और निवर्तमान विधान पार्षद डॉ. मदन मोहन झा को पराजित कर यह सीट अपने नाम कर ली। इस चुनाव में सुरेश प्रसाद राय को शिक्षकों का समर्थन मिला और मतगणना के अंतिम नतीजों में वह अपने प्रतिद्वंद्वी से आगे रहे। इस जीत के साथ जन सुराज पार्टी ने बिहार विधान परिषद में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। चुनाव परिणाम को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि मुकाबले में कांग्रेस के अनुभवी नेता मदन मोहन झा भी मैदान में थे।
मतगणना के अंतिम आंकड़ों के अनुसार सुरेश प्रसाद राय को 2,593 मत मिले, जबकि मदन मोहन झा को 2,269 मत प्राप्त हुए। इस तरह सुरेश प्रसाद राय ने 324 मतों के अंतर से जीत हासिल की। शुरुआती मतगणना के दौरान भी सुरेश राय ने बढ़त बनाई हुई थी, लेकिन वरीयता आधारित मतगणना के कारण अंतिम नतीजे तक पहुंचने में समय लगा। पहली वरीयता के मतों में किसी उम्मीदवार को निर्धारित जीत का कोटा नहीं मिलने के बाद नियमों के अनुसार आगे की गणना और मतों के हस्तांतरण की प्रक्रिया अपनाई गई। अंततः सुरेश प्रसाद राय ने आवश्यक बढ़त हासिल कर जीत दर्ज की।
इस निर्वाचन क्षेत्र में माकपा समर्थित उम्मीदवार रामदेव राय तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें 1,498 मत प्राप्त हुए। वहीं जदयू के उम्मीदवार घनश्याम राय को 812 मत मिले और वह चौथे स्थान पर रहे। राजद उम्मीदवार कुमार राउत को 126 मत प्राप्त हुए। चुनाव में कई उम्मीदवारों के मैदान में होने के कारण मतों का बंटवारा भी चर्चा का विषय रहा। अंतिम परिणाम ने साफ कर दिया कि इस बार दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं ने निवर्तमान विधान पार्षद के बजाय सुरेश प्रसाद राय को अपना समर्थन दिया।
सुरेश प्रसाद राय लंबे समय से शिक्षक संगठनों और माध्यमिक शिक्षकों से जुड़े रहे हैं। वह पहले भी इस निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। वर्ष 2020 के विधान परिषद चुनाव में उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी। इस बार चुनाव से पहले वह जन सुराज पार्टी में शामिल हुए और पार्टी ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया। चुनाव परिणाम ने उनके राजनीतिक सफर को नई दिशा दी है। उनकी जीत के बाद समर्थकों में उत्साह देखा गया और इसे पार्टी के संगठनात्मक विस्तार के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
दूसरी ओर मदन मोहन झा की हार कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक झटका है। वह बिहार कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निवर्तमान विधान पार्षद थे। इस चुनाव में उनकी कोशिश अपनी सीट बचाने और लगातार तीसरी बार जीत हासिल करने की थी, लेकिन अंतिम परिणाम उनके पक्ष में नहीं आया। कांग्रेस के लिए यह नतीजा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दरभंगा और आसपास के जिलों में शिक्षक मतदाताओं के बीच पार्टी की स्थिति पर इसका असर पड़ सकता है।
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय समेत संबंधित क्षेत्र के पंजीकृत शिक्षक मतदाता मतदान करते हैं। इस सीट का चुनाव शिक्षकों के हितों, शैक्षणिक समस्याओं और शिक्षक संगठनों की भूमिका के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। सुरेश प्रसाद राय की जीत के बाद अब शिक्षकों की अपेक्षाएं भी उनसे जुड़ेंगी। चुनाव के दौरान उठाए गए मुद्दों पर काम करना और शिक्षकों की समस्याओं को विधान परिषद में उठाना उनके सामने प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा।








