दिल्ली नगर निगम (MCD) की 12 वार्ड कमेटियों के चुनाव आज से शुरू हो गए हैं। इन चुनावों में विभिन्न जोन की वार्ड कमेटियों के चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन पद के लिए मतदान हो रहा है।
नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) की 12 वार्ड कमेटियों के चुनाव को लेकर राजधानी की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। वार्ड कमेटियों के चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन पदों के लिए मतदान प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। चुनाव के शुरुआती नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बढ़त हासिल की है, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) की रणनीति में बदलाव देखने को मिला है।
नजफगढ़ जोन में आम आदमी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के नाम वापस ले लिए, जिसके बाद भाजपा के तीनों प्रत्याशी निर्विरोध विजयी घोषित हो गए। इस घटनाक्रम ने दिल्ली नगर निगम की अंदरूनी राजनीति को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है।
नजफगढ़ जोन में BJP के तीनों उम्मीदवार जीते
नजफगढ़ वार्ड कमेटी चुनाव में आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने नामांकन वापस लेने का फैसला किया। इसके बाद भाजपा उम्मीदवारों के लिए जीत का रास्ता साफ हो गया। नजफगढ़ जोन में भाजपा के:
- जयवीर सिंह राणा — चेयरमैन पद
- सुषमा राठी — डिप्टी चेयरमैन पद
- शशि यादव — स्थायी समिति सदस्य पद
पर जीत दर्ज करने में सफल रहे। AAP के तीन पार्षदों ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से उन्होंने भाजपा उम्मीदवारों का समर्थन किया है। हालांकि, इस फैसले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
दक्षिण जोन में BJP को मिली सफलता
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दक्षिण जोन में भी भाजपा ने चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन दोनों पदों पर जीत हासिल की। चेयरमैन पद पर भाजपा उम्मीदवार धर्मवीर सिंह विजयी रहे। उन्हें कुल 12 वोट मिले, जबकि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को 10 वोट प्राप्त हुए। वहीं, डिप्टी चेयरमैन पद पर भाजपा की ममता यादव ने जीत दर्ज की। उन्हें भी 12 वोट मिले, जबकि AAP उम्मीदवार को 10 वोट मिले।
इस मुकाबले में कांग्रेस पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण रही, क्योंकि कई सीटों पर जीत के लिए भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों को अतिरिक्त समर्थन की जरूरत थी।
12 वार्ड कमेटियों में हो रहा चुनाव
दिल्ली नगर निगम की कुल 12 वार्ड कमेटियों में चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन पद के लिए चुनाव आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें से आठ वार्ड कमेटियों में भाजपा के पास बहुमत है, जबकि चार वार्ड कमेटियों में आम आदमी पार्टी का दबदबा है। इसके बावजूद दोनों प्रमुख दलों ने कई सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। भाजपा और आम आदमी पार्टी ने 11-11 वार्ड कमेटियों में उम्मीदवार खड़े किए हैं।
कई जोनों में दिलचस्प मुकाबले के संकेत
चुनाव में सबसे ज्यादा नजर रोहिणी, सिटी एसपी, दक्षिणी और दक्षिणी जोन पर बनी हुई है। रोहिणी और दक्षिणी जोन में भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों को जीत के लिए कांग्रेस पार्षदों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में कांग्रेस का रुख चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
वहीं, सिटी एसपी जोन में भाजपा ने सीमित संख्या में पार्षद होने के बावजूद उम्मीदवार उतारकर आम आदमी पार्टी को चुनौती दी है। यहां का मुकाबला भी काफी दिलचस्प माना जा रहा है। दिल्ली नगर निगम चुनावों में कांग्रेस की भूमिका इस बार महत्वपूर्ण हो गई है। कई वार्ड कमेटियों में उसके पार्षद निर्णायक स्थिति में हैं।
कांग्रेस नेताओं ने चुनाव बहिष्कार की बात कही है, लेकिन कुछ पार्षदों के व्यक्तिगत स्तर पर मतदान में हिस्सा लेने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में अंतिम परिणामों पर कांग्रेस के फैसले का असर पड़ सकता है।








