पटना/पूर्णिया: Patna और Purnia सहित बिहार के कई हिस्सों में शुक्रवार को बारिश का दौर जारी है। सुबह से कई इलाकों में रुक-रुककर वर्षा होने से मौसम सुहावना हो गया है, लेकिन नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने किशनगंज और पश्चिम चंपारण सहित कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
नेपाल के तराई और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही तेज बारिश का असर अब बिहार की प्रमुख नदियों पर भी दिखाई देने लगा है। कोसी, गंडक और कमला नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए वाल्मीकिनगर बराज से 36 फाटक खोल दिए गए हैं, ताकि अतिरिक्त पानी को नियंत्रित तरीके से छोड़ा जा सके और बांध पर दबाव कम किया जा सके।
Valmikinagar Barrage से पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। बाढ़ नियंत्रण विभाग और जिला प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं। संवेदनशील तटबंधों पर इंजीनियरों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
पटना में सुबह से हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी, जबकि लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। वहीं पूर्णिया में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। धान की खेती कर रहे किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश से रोपाई के काम में तेजी आएगी।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान बिहार के उत्तर और उत्तर-पूर्वी जिलों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी वर्षा तथा तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की है।
जल संसाधन विभाग ने सभी संबंधित जिलों के अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। राहत एवं बचाव दलों को भी तैयार रखा गया है ताकि बाढ़ जैसी स्थिति बनने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। नावों, राहत सामग्री और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि नेपाल में होने वाली बारिश का सीधा प्रभाव बिहार की कई नदियों पर पड़ता है। यदि अगले कुछ दिनों तक नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा जारी रहती है तो नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है। इसलिए लगातार निगरानी और समय पर चेतावनी जारी करना बेहद आवश्यक है।
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, बच्चों को नदी के पास नहीं जाने देने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन विभाग से संपर्क करने की अपील की है। साथ ही अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह भी दी गई है।
फिलहाल बिहार के कई जिलों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। पटना और पूर्णिया में बारिश जारी है, किशनगंज और पश्चिम चंपारण में भारी वर्षा का अलर्ट है, जबकि नेपाल में लगातार बारिश के कारण कोसी, गंडक और कमला नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।









