हरियाणा के नूंह जिले में किसानों ने पहली बार ड्रैगन फ्रूट की व्यावसायिक खेती शुरू की है। बागवानी विभाग के सहयोग से शुरू हुई यह पहल किसानों की आय बढ़ाने के साथ उन्हें लंबे समय तक बेहतर मुनाफा कमाने का अवसर दे सकती है।
Dragon Fruit Farming:हरियाणा के नूंह जिले में Dragon Fruit Farming किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर उभर रही है। पारंपरिक फसलों के साथ अब किसान अधिक मुनाफा देने वाली बागवानी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। ड्रैगन फ्रूट की खेती से लंबे समय तक उत्पादन मिलने की संभावना है, जिससे किसानों की आय और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।
नूंह में पहली बार शुरू हुई ड्रैगन फ्रूट की खेती
हरियाणा के नूंह जिले में किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक और लाभकारी फसलों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। टमाटर और प्याज जैसी फसलों के लिए पहचान रखने वाले इस क्षेत्र में पहली बार ड्रैगन फ्रूट की व्यावसायिक खेती शुरू हुई है। जिले के मुबारकपुर और बड़ोजी गांवों के किसानों ने एक-एक एकड़ भूमि पर इसकी खेती शुरू की है। इस नई पहल से आसपास के गांवों के किसानों में भी उत्साह बढ़ा है और कई किसान इस खेती को अपनाने की तैयारी कर रहे हैं।

ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए जिला बागवानी विभाग भी किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सलाह उपलब्ध करा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसानों को सही प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध हो, तो यह खेती भविष्य में बेहतर आय का मजबूत स्रोत बन सकती है।
शुरुआती लागत ज्यादा, लेकिन लंबे समय तक होगा फायदा
मुबारकपुर निवासी किसान जियाउलहक ने बताया कि उन्होंने पलवल जिले में अपने रिश्तेदार के खेत में ड्रैगन फ्रूट की खेती देखी थी। वहां से प्रेरणा लेकर उन्होंने फरवरी 2024 में अपने खेत में इसकी शुरुआत की। एक एकड़ में ड्रैगन फ्रूट का बाग लगाने में उन्हें करीब छह से सात लाख रुपये का खर्च आया।
हालांकि शुरुआती निवेश अपेक्षाकृत अधिक है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक बार पौधे पूरी तरह तैयार हो जाएं तो उनसे लगभग 20 से 25 वर्षों तक लगातार उत्पादन लिया जा सकता है। इससे किसानों को हर साल नई फसल लगाने की जरूरत नहीं पड़ती और लंबे समय तक अच्छी आय मिलने की संभावना बनी रहती है।
जियाउलहक के अनुसार पहले वर्ष उत्पादन सीमित रहा था, लेकिन इस बार पौधों पर अच्छी संख्या में फल आए हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस सीजन में कई लाख रुपये की आमदनी हो सकती है। उनकी सफलता को देखकर आसपास के कई किसान भी ड्रैगन फ्रूट की खेती अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।
किसानों की आय बढ़ाने में मददगार बन सकती है नई पहल
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रैगन फ्रूट की बाजार में लगातार मांग बढ़ रही है। होटल, सुपरमार्केट, फल मंडियों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इसकी अच्छी कीमत मिलती है। यही वजह है कि यह फल किसानों के लिए नकदी फसल के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
बागवानी विभाग का उद्देश्य किसानों को ऐसी फसलों की ओर प्रोत्साहित करना है, जिनसे कम क्षेत्र में अधिक आय प्राप्त की जा सके। यदि नूंह जिले में यह प्रयोग सफल रहता है तो आने वाले वर्षों में जिले के अन्य हिस्सों में भी इसका विस्तार किया जा सकता है। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
स्वास्थ्य के लिए भी माना जाता है फायदेमंद
ड्रैगन फ्रूट केवल किसानों के लिए कमाई का साधन ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी एक पौष्टिक फल माना जाता है। इसमें विटामिन, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे खून की कमी दूर करने, पाचन तंत्र को बेहतर बनाने, प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ाने और हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा मोटापा नियंत्रित रखने और ब्लड शुगर संतुलित रखने में भी इसे उपयोगी माना जाता है।
बदलते समय के साथ किसान अब ऐसी फसलों को अपनाने की ओर बढ़ रहे हैं जो लंबे समय तक स्थिर आय दे सकें। नूंह में शुरू हुई ड्रैगन फ्रूट की खेती इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है। यदि किसानों को तकनीकी सहायता, बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलता रहा तो यह खेती आने वाले वर्षों में क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को नई पहचान दे सकती है।











