एआई समिट 2026 में मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान, 7 साल में 10 लाख करोड़ रुपये निवेश करेगी जियो

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में मुकेश अंबानी ने जियो के जरिए 7 साल में 10 लाख करोड़ रुपये निवेश का ऐलान किया। सस्ती एआई और सॉवरिन कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर।

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी ने सात वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये निवेश का ऐलान किया। उन्होंने सस्ती एआई, सॉवरिन कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर और हर नागरिक तक तकनीक पहुंचाने पर जोर दिया।

India AI Impact Summit 2026 में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि एआई का सबसे अच्छा दौर अभी आना बाकी है और यह तकनीक दुनिया में ‘सुपर अबंडेंस’ यानी भरपूर उपलब्धता और समृद्धि का नया युग ला सकती है। अंबानी के मुताबिक एआई सिर्फ एक तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि यह आर्थिक और सामाजिक ढांचे को भी बदलने की क्षमता रखता है।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया एआई को लेकर एक अहम मोड़ पर खड़ी है। आने वाले समय में यह तय करेगा कि एआई कुछ गिने-चुने लोगों के नियंत्रण में रहेगी या फिर यह सबके लिए समान अवसर पैदा करेगी।

एआई का भविष्य किस दिशा में

मुकेश अंबानी ने अपने संबोधन में साफ कहा कि एआई के सामने दो रास्ते हैं। पहला रास्ता वह है जहां एआई महंगी होगी, सीमित होगी और डेटा कुछ लोगों के हाथ में केंद्रित रहेगा। ऐसे मॉडल में ताकत कुछ बड़ी कंपनियों या देशों तक सिमट सकती है।

दूसरा रास्ता वह है जहां एआई सस्ती, सुलभ और सभी के लिए उपलब्ध होगी। इस मॉडल में एआई का फायदा समाज के हर वर्ग को मिलेगा। उन्होंने संकेत दिया कि भारत को दूसरे रास्ते को चुनना चाहिए, जहां तकनीक का लोकतंत्रीकरण हो और हर नागरिक को इसका लाभ मिले।

7 साल में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश

अंबानी ने ऐलान किया कि जियो और रिलायंस इस साल से अगले सात वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निवेश केवल वैल्यूएशन बढ़ाने या दिखावे के लिए नहीं है। यह निवेश राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से किया जाएगा।

एआई समिट 2026 में मुकेश अंबानी का बड़ा ऐलान, 7 साल में 10 लाख करोड़ रुपये निवेश करेगी जियो

उन्होंने कहा कि यह पूंजी धैर्य और अनुशासन के साथ लगाई जाएगी। इसका मकसद भारत को एआई के क्षेत्र में मजबूत बनाना है ताकि देश तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बन सके।

सॉवरिन कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी

मुकेश अंबानी ने कहा कि एआई के विकास में सबसे बड़ी चुनौती टैलेंट की कमी नहीं है। भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। असली समस्या कंप्यूटिंग यानी कंप्यूट की ऊंची लागत है।

उन्होंने बताया कि जियो इंटेलिजेंस भारत का सॉवरिन कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगा। इसके तहत गीगावॉट स्तर के बड़े डेटा सेंटर बनाए जाएंगे। यह इंफ्रास्ट्रक्चर देश में एआई आधारित सेवाओं को सस्ती और तेज बनाने में मदद करेगा।

उनका कहना था कि जब तक कंप्यूट सस्ता नहीं होगा, तब तक एआई का व्यापक उपयोग संभव नहीं है। इसलिए रिलायंस इस दिशा में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है।

इंटरनेट से इंटेलिजेंस तक की यात्रा

अंबानी ने याद दिलाया कि जियो ने भारत को इंटरनेट क्रांति से जोड़ा था। मोबाइल डेटा को सस्ता बनाकर डिजिटल कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव किया गया था। अब वही मॉडल एआई के क्षेत्र में अपनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जियो भारत को इंटरनेट के दौर से इंटेलिजेंस के दौर में लेकर जाएगा। जिस तरह मोबाइल डेटा आम लोगों की पहुंच में आया, उसी तरह एआई को भी आम नागरिक तक पहुंचाया जाएगा।

हर नागरिक तक पहुंचेगी एआई की ताकत

मुकेश अंबानी ने कहा कि एआई की ताकत हर नागरिक, अर्थव्यवस्था के हर सेक्टर और समाज के हर हिस्से तक पहुंचाई जाएगी। उनका दावा है कि जियो यह काम उसी भरोसे और बड़े पैमाने पर करेगा, जैसा उसने टेलीकॉम सेक्टर में किया था।

उन्होंने दोहराया कि एआई सेवाएं बेहद सस्ती होंगी। इसका उद्देश्य यह है कि छोटे व्यवसाय, स्टार्टअप, किसान, छात्र और उद्योग सभी इस तकनीक का लाभ उठा सकें। अंबानी के अनुसार यदि एआई सस्ती और सुलभ होगी तो इससे देश में नई नौकरियां, नई कंपनियां और नए अवसर पैदा होंगे।

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