गया: गयाजी रेलवे स्टेशन पर नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। रेलवे स्टेशन पर जांच के दौरान करीब 22 लाख रुपए कीमत की अफीम जब्त की गई है। मामले में झारखंड के रहने वाले एक कथित तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के पास से बरामद नशीले पदार्थ को जब्त करने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
यह कार्रवाई 'ऑपरेशन नारकोश' के तहत की गई। अभियान का उद्देश्य रेलवे के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाना और तस्करी से जुड़े नेटवर्क का पता लगाना है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उसके संपर्क में रहने वाले अन्य लोगों और पूरे गिरोह से जुड़े सदस्यों की तलाश में जुटी है।
बताया जा रहा है कि रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध गतिविधियों को लेकर सुरक्षा बलों की ओर से लगातार निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान जांच के क्रम में एक व्यक्ति पर संदेह हुआ। सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोककर पूछताछ की और सामान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से अफीम बरामद होने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
बरामद अफीम की अनुमानित कीमत करीब 22 लाख रुपए बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अफीम कहां से लेकर आया था और इसे कहां पहुंचाना था।
पूछताछ में आरोपी से तस्करी के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता करना चाहती हैं कि क्या वह अकेले ही नशीले पदार्थ की तस्करी कर रहा था या उसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है।
पुलिस के अनुसार, रेलवे स्टेशन नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले प्रमुख मार्गों में शामिल हो सकते हैं। अलग-अलग राज्यों से आने-जाने वाली ट्रेनों के कारण तस्करों के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचना आसान हो सकता है। इसी को देखते हुए रेलवे स्टेशनों पर विशेष निगरानी और तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं।
गयाजी रेलवे स्टेशन पर हुई इस कार्रवाई को भी इसी अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। सुरक्षा बलों की टीम संदिग्ध यात्रियों और उनके सामान की जांच कर रही थी। इसी दौरान कथित तस्कर पुलिस की नजर में आया और तलाशी के बाद उसके पास से अफीम बरामद हुई।
आरोपी के झारखंड से जुड़े होने की जानकारी सामने आने के बाद जांच एजेंसियां उसके स्थानीय संपर्कों की भी जानकारी जुटा रही हैं। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह गया क्यों आया था और उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे।
पुलिस उसके मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर सकती है। कॉल डिटेल और संपर्क में रहे लोगों की जानकारी से तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। जांच एजेंसियां आरोपी की यात्रा से जुड़े विवरण भी खंगाल सकती हैं।
अफीम की बरामदगी के बाद पुलिस ने नशीले पदार्थ को जब्त कर लिया है। बरामद सामग्री की मात्रा और उसकी प्रकृति की आधिकारिक जांच के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
जांच एजेंसियों का फोकस अब इस बात पर है कि बरामद अफीम की सप्लाई कहां की जानी थी। यदि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है तो पूछताछ के आधार पर उसके अन्य सहयोगियों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी पहले कभी नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल रहा है या नहीं। उसके खिलाफ दूसरे राज्यों में दर्ज मामलों की जानकारी भी जुटाई जा सकती है। पुराने आपराधिक रिकॉर्ड सामने आने पर जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
रेलवे स्टेशन पर नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखती हैं। संदिग्ध सामान, संदिग्ध व्यवहार और तस्करी के संभावित तरीकों को देखते हुए तलाशी की जाती है। गयाजी में हुई कार्रवाई इसी सतर्कता का परिणाम बताई जा रही है।
'ऑपरेशन नारकोश' के तहत चल रही कार्रवाई में रेलवे मार्गों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अभियान के दौरान नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले लोगों को पकड़ने के साथ-साथ उनके नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश भी की जा रही है।
अफीम जैसे नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद जांच खत्म नहीं होती। पुलिस आमतौर पर यह पता लगाने का प्रयास करती है कि नशीला पदार्थ किस स्रोत से आया, इसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था और इसके लिए कौन-कौन लोग काम कर रहे थे।
गयाजी रेलवे स्टेशन से बरामदगी के बाद भी पुलिस का यही फोकस है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर संभावित सप्लायर और खरीदार तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। यदि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान होती है तो उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की जा सकती है।
घटना के बाद रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी निगरानी बढ़ाई गई है। रेलवे सुरक्षा बल और अन्य संबंधित एजेंसियां संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। यात्रियों और उनके सामान की जांच के दौरान किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती तस्करी के पूरे नेटवर्क को उजागर करना है। केवल एक तस्कर को पकड़ने से नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन पूरी तरह खत्म नहीं होती। इसलिए आरोपी से पूछताछ के जरिए नेटवर्क के अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा सकता है कि आरोपी किस ट्रेन से गयाजी पहुंचा था और उसके पास टिकट या यात्रा से जुड़े कौन से दस्तावेज थे। इन जानकारियों से उसकी यात्रा का पूरा रूट समझने में मदद मिल सकती है।
पुलिस आरोपी के सामान और उसके पास मौजूद अन्य वस्तुओं की भी जांच कर रही है। किसी अन्य व्यक्ति का संपर्क नंबर, दस्तावेज या ऐसी सामग्री जो तस्करी नेटवर्क से जुड़ी हो, मिलने पर उसे जांच में शामिल किया जा सकता है।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गयाजी रेलवे स्टेशन पर हुई यह कार्रवाई रेलवे के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान की अहम कड़ी मानी जा रही है। करीब 22 लाख रुपए की अफीम बरामद होने के बाद अब एजेंसियों की नजर उस नेटवर्क पर है, जिसके जरिए यह नशीला पदार्थ एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा रहा था।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उसके सहयोगियों और संभावित सप्लायर की जानकारी जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और अफीम की अंतिम डिलीवरी कहां होनी थी।
फिलहाल गयाजी रेलवे स्टेशन पर नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान एक कथित तस्कर को गिरफ्तार कर करीब 22 लाख रुपए मूल्य की अफीम जब्त की गई है। 'ऑपरेशन नारकोश' के तहत हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।











