दिल्ली के जनकपुरी इलाके में खुले गड्ढे में बाइक गिरने से 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। इस हादसे को लेकर कांग्रेस ने दिल्ली जल बोर्ड और सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पार्टी ने मुआवजा, मंत्री के इस्तीफे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
दिल्ली जनकपुरी हादसा: राजधानी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में गुरुवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 25 वर्षीय युवक कमल की मौत हो गई, जब वह रोहिणी से अपने घर लौट रहा था। दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए खुले और बिना बैरिकेडिंग वाले गड्ढे में उसकी बाइक गिर गई। शुक्रवार सुबह शव मिलने के बाद मामला सामने आया। घटना के बाद कांग्रेस ने सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा बताया और मुआवजे, इस्तीफे व जांच की मांग उठाई।
खुले गड्ढे ने ली जान
हादसा गुरुवार रात का है, जब रोहिणी से लौट रहा कमल जनकपुरी के कैलाशपुरी इलाके में अपने घर की ओर जा रहा था। रास्ते में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गहरे गड्ढे में उसकी बाइक गिर गई। न तो वहां कोई बैरिकेडिंग थी और न ही चेतावनी बोर्ड।
परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद पूरी रात वे पुलिस थानों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन सुबह जाकर गड्ढे से शव और बाइक बरामद हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पहले भी इस गड्ढे को लेकर शिकायतें की गई थीं।

कांग्रेस का हमला, मंत्री से इस्तीफे की मांग
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने इस घटना को सरकारी लापरवाही का नतीजा बताया। उन्होंने मृतक के परिवार को तुरंत एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और जनकपुरी के विधायक व मंत्री आशीष सूद से इस्तीफा लेने की मांग की।
देवेंद्र यादव ने कहा कि अगर सड़क पर उचित बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत होते, तो एक युवा की जान बच सकती थी। उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ‘विकसित दिल्ली’ के दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं।
सड़क सुरक्षा पर फिर सवाल
कांग्रेस ने आंकड़े गिनाते हुए कहा कि पिछले साल दिल्ली में पानी भरे गड्ढों और नालों में दर्जनों लोगों की मौत हुई, जबकि सड़क हादसों में हजारों जानें गईं। पार्टी का आरोप है कि बड़ी परियोजनाओं की घोषणाएं होती हैं, लेकिन निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से जिम्मेदार अधिकारियों को बर्खास्त करने और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग भी की है। पार्टी का कहना है कि पहले हुए हादसों से कोई सबक नहीं लिया गया।












