Haldwani Temple Purification Row: खरगे के आरोप पर अमित मालवीय का पलटवार, रैली के मंच से नारेबाजी का वीडियो किया शेयर

Haldwani Temple Purification Row: हल्द्वानी मंदिर शुद्धिकरण विवाद पर मल्लिकार्जुन खरगे के आरोपों पर अमित मालवीय ने पलटवार किया है। उन्होंने रैली के मंच से हुई

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी में अपनी ‘विजय शंखनाद रैली’ के बाद रामलीला मैदान में कराए गए ‘शुद्धिकरण हवन’ का मुद्दा राज्यसभा में उठाया।

नई दिल्ली: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस की एक रैली के बाद कथित तौर पर हुए ‘शुद्धिकरण हवन’ को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन इस मुद्दे को राज्यसभा में उठाया था। अब बीजेपी नेता अमित मालवीय ने खरगे के आरोपों पर पलटवार करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है और पूरे घटनाक्रम को अलग संदर्भ में पेश किया है।

यह विवाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को हुई कांग्रेस की ‘विजय शंखनाद’ रैली के बाद शुरू हुआ। कांग्रेस का आरोप है कि रैली के बाद उस मंच का ‘शुद्धिकरण’ कराया गया, जहां खरगे ने भाषण दिया था। खरगे ने इसे अपने अपमान और सामाजिक भेदभाव से जोड़ते हुए संसद में सवाल उठाया।

राज्यसभा में खरगे ने उठाया मामला

मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में कहा कि हल्द्वानी में जिस स्थान पर उन्होंने कांग्रेस की रैली को संबोधित किया था, वहां बाद में ‘शुद्धिकरण हवन’ कराया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या लोकतंत्र में इस तरह की घटनाओं को स्वीकार किया जा सकता है। खरगे ने कहा कि उनका उद्देश्य इस मामले का राजनीतिकरण करना नहीं है, लेकिन जिस तरह मंच का शुद्धिकरण किया गया, उससे उन्हें अपमानित महसूस हुआ। उन्होंने इसे सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों से जोड़ते हुए सरकार से सवाल किया।

मामला सामने आने के बाद सदन में सरकार की ओर से प्रतिक्रिया दी गई। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि घटना की जांच कराई जाएगी और यदि किसी की गलती सामने आती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

अमित मालवीय ने शेयर किया वीडियो

बीजेपी नेता और पार्टी की आईटी टीम के प्रभारी अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए खरगे के आरोपों का जवाब दिया। मालवीय के मुताबिक, वीडियो में कांग्रेस की रैली के मंच से ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे लगाए जाने का दावा किया गया है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर परिसर है और वहां मौजूद ट्रस्ट तथा अन्य लोगों ने कथित नारेबाजी पर आपत्ति जताई थी। उनके अनुसार, इसी वजह से बाद में मंच पर हवन किया गया।

अमित मालवीय ने अपने पोस्ट में कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह पूरे मामले को जाति के मुद्दे से जोड़कर राजनीतिक विवाद पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम को धार्मिक और सामाजिक तनाव बढ़ाने के बजाय तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाली घटनाओं और उसके संदर्भ को लेकर स्वतंत्र रूप से सभी दावों की पुष्टि किया जाना जरूरी है। राजनीतिक दलों के आरोपों को उनके संबंधित दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

बीजेपी ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई

राज्यसभा में सरकार ने घटना की जांच कराने की बात कही थी। जेपी नड्डा ने कहा कि बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती और यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राज्यसभा के सभापति राधाकृष्णन ने भी मामले पर चिंता जताते हुए जांच की आवश्यकता बताई। उन्होंने अस्पृश्यता को अपराध बताते हुए घटना की गंभीरता पर जोर दिया।

8 अगस्त को हुआ था कार्यक्रम

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विवादित घटनाक्रम 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की ‘विजय शंखनाद’ रैली के बाद सामने आया। कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत पार्टी के अन्य नेताओं ने हिस्सा लिया था। रैली समाप्त होने के बाद श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास की ओर से कथित तौर पर ‘शुद्धि हवन’ आयोजित किया गया। इसी कार्रवाई को लेकर खरगे ने संसद में सवाल उठाया। इसके बाद बीजेपी और कांग्रेस नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।

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