उत्तर पश्चिम रेलवे ने हिसार-खड़की और हिसार-तिरुपति स्पेशल ट्रेनों को स्थायी एक्सप्रेस ट्रेन का दर्जा देने का फैसला किया है। 25 और 26 जुलाई 2026 से नए नंबरों के साथ नियमित संचालन शुरू होगा, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
जयपुर: उत्तर पश्चिम रेलवे ने हिसार-तिरुपति एक्सप्रेस और हिसार-खड़की एक्सप्रेस को स्पेशल की जगह नियमित एक्सप्रेस ट्रेन के रूप में संचालित करने की घोषणा की है। नए ट्रेन नंबर, एलएचबी कोच और तय समय-सारिणी के साथ इन ट्रेनों का संचालन शुरू होने से खाटूश्यामजी, जयपुर, पुणे और तिरुपति जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
हिसार-खड़की और हिसार-तिरुपति ट्रेनें अब नियमित रूप से चलेंगी
उत्तर पश्चिम रेलवे ने लंबे समय से स्पेशल ट्रेन के रूप में संचालित हो रही हिसार-खड़की और हिसार-तिरुपति रेल सेवाओं को स्थायी एक्सप्रेस ट्रेनों में बदलने का फैसला किया है। रेलवे के इस निर्णय से हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। अब इन ट्रेनों के आगे से स्पेशल टैग हट जाएगा और इन्हें नए स्थायी ट्रेन नंबरों के साथ नियमित समय-सारिणी के अनुसार चलाया जाएगा। इससे यात्रियों को पहले से टिकट बुक कराने और यात्रा की योजना बनाने में आसानी होगी।
26 जुलाई से शुरू होगा नियमित संचालन
पहले 04725/04726 स्पेशल के रूप में चलने वाली हिसार-खड़की ट्रेन अब 22979/22980 हिसार-खड़की साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस के रूप में चलेगी। इसका नियमित संचालन 26 जुलाई 2026 से शुरू होगा। वहीं 04717/04718 स्पेशल के रूप में संचालित हिसार-तिरुपति ट्रेन अब 14723/14724 हिसार-तिरुपति एक्सप्रेस के नाम से 25 जुलाई 2026 से नियमित सेवा देगी। दोनों ट्रेनों का संचालन तय समय-सारिणी के अनुसार होगा, जिससे यात्रियों को बार-बार बदलते शेड्यूल की परेशानी नहीं होगी।
खाटूश्यामजी और तिरुपति श्रद्धालुओं को बड़ी राहत
दोनों ट्रेनों का ठहराव रींगस जंक्शन पर रहेगा, जो विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है। इससे हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के श्रद्धालुओं को सीधी रेल सुविधा मिलेगी। हिसार-तिरुपति एक्सप्रेस के नियमित संचालन से तिरुपति बालाजी जाने वाले यात्रियों के लिए भी यात्रा पहले से अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगी।
आधुनिक एलएचबी कोच से सफर होगा बेहतर
रेलवे के अनुसार हिसार-खड़की एक्सप्रेस में आधुनिक एलएचबी कोच लगाए जाएंगे, जबकि हिसार-तिरुपति एक्सप्रेस में भी भविष्य में एलएचबी रेक लगाने की तैयारी है। इन कोचों के इस्तेमाल से यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, आरामदायक और बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा। साथ ही नियमित ट्रेन होने से इसके संचालन को लेकर अनिश्चितता भी समाप्त हो जाएगी।
यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा
स्पेशल ट्रेन का दर्जा हटने के बाद यात्रियों को पहले से टिकट बुक कराने में आसानी होगी और किराए में भी राहत मिलने की संभावना है। नियमित संचालन के कारण यात्रा की बेहतर योजना बनाई जा सकेगी। खाटूश्यामजी, जयपुर, पुणे और तिरुपति जैसे प्रमुख धार्मिक और व्यावसायिक शहरों के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे लाखों श्रद्धालुओं, नौकरीपेशा लोगों और अन्य यात्रियों को लंबे समय तक लाभ मिलने की उम्मीद है।







