होक्काइडो में 6.2 तीव्रता का भूकंप, भूस्खलन और आफ्टरशॉक्स का खतरा बरकरार

Hokkaido में 6.2 तीव्रता का भूकंप, भूस्खलन और चट्टान गिरने का खतरा। एजेंसियों ने आने वाले हफ्तों में और झटकों की चेतावनी दी, हालांकि सुनामी का खतरा नहीं है। 

जापान के Hokkaido में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया। झटकों के बाद भूस्खलन और चट्टान गिरने का खतरा बढ़ गया है। एजेंसियों ने आने वाले हफ्तों में और भूकंप आने की चेतावनी दी है, हालांकि सुनामी का खतरा नहीं है। 

 Hokkaido: जापान में एक बार फिर धरती कांपी है। सोमवार तड़के Hokkaido में आए 6.2 तीव्रता के भूकंप ने लोगों को झकझोर दिया। यह हाल के दिनों में क्षेत्र में आया सबसे शक्तिशाली झटका माना जा रहा है। भूकंप की पुष्टि Japan Meteorological Agency और United States Geological Survey ने की है।

कब और कहां आया भूकंप?

जापान की मौसम एजेंसी के अनुसार, यह भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 5:23 बजे आया। इसका केंद्र होक्काइडो के दक्षिणी हिस्से में जमीन से लगभग 83 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।
शुरुआत में इसकी तीव्रता 6.1 आंकी गई थी, जिसे बाद में संशोधित कर 6.2 कर दिया गया।

हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी भी तरह की सुनामी चेतावनी जारी नहीं की गई है।

आने वाले हफ्तों में बढ़ सकता है खतरा

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह झटका अकेला नहीं हो सकता। Japan Meteorological Agency ने संकेत दिया है कि आने वाले हफ्तों में इसी तीव्रता के और भूकंप (आफ्टरशॉक्स) आ सकते हैं।

ऐसी स्थिति में लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

भूस्खलन और चट्टान गिरने का खतरा

United States Geological Survey के मुताबिक, इस भूकंप से बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की आशंका कम है, क्योंकि प्रभावित क्षेत्र में आबादी अपेक्षाकृत कम है।

लेकिन जापानी अधिकारियों ने चेताया है कि जिन इलाकों में तेज झटके महसूस किए गए हैं, वहां चट्टानें गिरने और भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

हालिया भूकंपों ने बढ़ाई चिंता

यह भूकंप ऐसे समय में आया है, जब जापान पहले से ही भूकंपीय गतिविधियों को लेकर सतर्क है। हाल ही में उत्तरी इवाते प्रांत के तट पर 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसके बाद बड़े भूकंप की आशंका जताई गई थी।

उस घटना के दौरान Tokyo में ऊंची इमारतें हिलने लगी थीं और कई लोग घायल हुए थे। साथ ही, लगभग 80 सेंटीमीटर ऊंची सुनामी लहरें भी तटीय क्षेत्रों से टकराई थीं।

जापान में भूकंप क्यों आते हैं?

जापान दुनिया के सबसे भूकंप-प्रवण देशों में से एक है। इसका मुख्य कारण इसकी भौगोलिक स्थिति है।
यह देश Pacific Ring of Fire पर स्थित है, जहां पृथ्वी की कई टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं।

जापान चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों—पैसिफिक, फिलीपीन, यूरेशियन और नॉर्थ अमेरिकन प्लेट—के जंक्शन पर स्थित है। यही कारण है कि यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं और कभी-कभी ये बेहद विनाशकारी भी हो सकते हैं।

प्रशासन की तैयारी और सलाह

जापानी प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहें।

  • भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें
  • इमरजेंसी किट तैयार रखें
  • आधिकारिक अलर्ट और निर्देशों पर ध्यान दें

जापान अपनी उन्नत आपदा प्रबंधन प्रणाली के लिए जाना जाता है, जिसके कारण ऐसे खतरों से निपटने में देश काफी हद तक सक्षम है।

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