594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण से प्रयागराज से मेरठ की दूरी अब 6–7 घंटे कम समय में तय होगी। नई कनेक्टिविटी से यात्रा तेज होगी और कई शहरों को सीधा लाभ मिलेगा।
Prayagraj: गंगा एक्सप्रेसवे लोकार्पण और तेज कनेक्टिविटी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के साथ प्रयागराज से मेरठ तक यात्रा आसान हो गई है। यह एक्सप्रेसवे सोरांव क्षेत्र से शुरू होकर कई शहरों को जोड़ता है और दिल्ली-कोलकाता हाईवे से भी कनेक्ट होता है। नई सड़क परियोजना के चलते अब यह दूरी 13–14 घंटे के बजाय केवल 6–7 घंटे में तय की जा सकेगी, जिससे समय और यात्रा दोनों में बड़ी राहत मिलेगी।
प्रयागराज में भी दिखा गंगा एक्सप्रेसवे लोकार्पण का उत्साह
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण का साक्षी प्रयागराज भी बना। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं में शामिल है। प्रयागराज जिले के सोरांव क्षेत्र स्थित जूड़ापुर दांदू गांव से इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत हो रही है, जहां स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यहां आयोजित समारोह में हरदोई में हुए मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने इस परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए।
परियोजना की संरचना और कनेक्टिविटी व्यवस्था
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह ने एक्सप्रेसवे की संरचना और उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। इस मार्ग पर प्रयागराज और मेरठ में मुख्य टोल प्लाजा बनाए गए हैं, जबकि विभिन्न शहरों को जोड़ने के लिए कई रैंप टोल प्लाजा भी विकसित किए गए हैं। हालांकि, अभी तक टोल टैक्स से संबंधित अंतिम दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं।
यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधे जुड़ा हुआ है, जिससे यातायात और अधिक सुगम होगा। इसके अलावा, कोखराज-हंडिया बाईपास के माध्यम से भी इस मार्ग पर प्रवेश की सुविधा उपलब्ध होगी। जौनपुर, भदोही और प्रतापगढ़ जैसे जिलों से आने वाले वाहन भी इसी मार्ग का उपयोग कर सकेंगे।
यात्रा समय में बड़ी कमी, क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
गंगा एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी विशेषता यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी है। प्रयागराज से मेरठ की दूरी, जो पहले 13 से 14 घंटे में तय होती थी, अब लगभग 6 से 7 घंटे में पूरी की जा सकेगी। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
इस परियोजना के शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक और आर्थिक विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण निवेश और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।









