इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में एक नया नाम तेजी से सुर्खियों में आया है—सनराइजर्स हैदराबाद के युवा तेज गेंदबाज Praful Hinge। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपने डेब्यू मुकाबले में ही उन्होंने पहले ओवर में 3 विकेट लेकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: सनराइजर्स हैदराबाद के युवा तेज गेंदबाज प्रफुल्ल हिंगे ने अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान खींच लिया है। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने पहले ही ओवर में तीन बड़े विकेट लेकर इतिहास रच दिया। इस दौरान उन्होंने वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरैल और हुआन डी प्रीटोरियस को पवेलियन भेजा, और खास बात यह रही कि ये तीनों बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल सके।
उनकी इस घातक गेंदबाजी की बदौलत सनराइजर्स हैदराबाद ने मुकाबले में दमदार जीत दर्ज की। टीम का अगला मैच 25 अप्रैल को फिर से राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेला जाएगा। यह मुकाबला जियोहॉटस्टार और स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर प्रसारित किया जाएगा।
डेब्यू ओवर में ही रचा इतिहास
राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच में Praful Hinge ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने उन्हें रातों-रात चर्चा में ला दिया। अपने पहले ही ओवर में उन्होंने तीन अहम विकेट झटके, जिनमें शामिल थे:
- वैभव सूर्यवंशी
- ध्रुव जुरेल
- हुआन डी प्रीटोरियस
खास बात यह रही कि ये तीनों बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल पाए और पवेलियन लौट गए। इस प्रदर्शन ने उन्हें IPL 2026 की सबसे बड़ी खोजों में से एक बना दिया।
परिवार की मेहनत से मिली प्रेरणा
एक इंटरव्यू में Praful Hinge ने अपने संघर्ष और प्रेरणा के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उनके क्रिकेटर बनने के पीछे उनके पिता और बड़ी बहन का सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने बताया कि उनके पिता हर दिन समय पर ऑफिस जाने के लिए मेहनत करते थे, भले ही ट्रेन छूट जाए या मुश्किलें आएं। वहीं उनकी बहन देर रात तक पढ़ाई करती थी और लगातार मेहनत करती रहती थी।
इन दोनों को देखकर उनके मन में भी कुछ बड़ा करने की प्रेरणा जागी। Praful Hinge का शुरुआती जीवन आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उनके पास क्रिकेट की कोई प्रोफेशनल जानकारी नहीं थी।
- वह टेनिस बॉल क्रिकेट खेलते थे
- जहां मौका मिलता, मैच खेलने चले जाते थे
- शुरुआत में उन्हें कई बार ट्रायल से बाहर कर दिया गया
पहली बार जब वह ट्रायल देने पहुंचे, तो उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि अभी उनकी उम्र कम है। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
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ब्लू जर्सी पहनना था सपना
जब वह 13 साल के हुए, तो दोबारा ट्रायल के लिए पहुंचे। इस बार उन्होंने मेहनत और लगन से चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया। शुरुआत में उनके पिता को लगा था कि वह कुछ समय बाद क्रिकेट छोड़ देंगे, लेकिन Praful Hinge के इरादे मजबूत थे। उन्होंने साफ कहा कि उनका सपना भारतीय टीम की जर्सी पहनना है, चाहे रास्ता कितना भी कठिन क्यों न हो।
प्रफुल ने बताया कि शुरुआती दिनों में उन्हें घरेलू क्रिकेट सिस्टम की ज्यादा जानकारी नहीं थी। लेकिन उनके मन में एक ही सपना था—भारतीय टीम के लिए खेलना।
- उन्हें सिर्फ इतना पता था कि देश के लिए खेलना है
- क्रिकेट की पूरी प्रक्रिया बाद में समझ आई
- उसी के बाद उन्होंने अपनी ट्रेनिंग को गंभीरता से लिया
यह सपना ही उनकी मेहनत का सबसे बड़ा कारण बना। Praful Hinge ने बताया कि 2016 में उन्होंने अंडर-16 और अंडर-19 स्तर के मुकाबलों में हिस्सा लेना शुरू किया। धीरे-धीरे उनके प्रदर्शन में सुधार हुआ और उन्होंने अपनी गेंदबाजी से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। उनकी गति, लाइन-लेंथ और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई।









