जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए शुक्रवार सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ। 24.23 लाख से अधिक मतदाता 723 प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे। कुछ बूथों पर एजेंट को लेकर विवाद हुआ, जबकि कई केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लगीं।
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में नगर निगम चुनाव के लिए शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को मतदान शुरू हो गया। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में मतदाता अपने क्षेत्र के पार्षद चुनने के लिए सुबह 7 बजे से मतदान कर रहे हैं। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की आवाजाही शुरू हो गई और कई बूथों पर महिला एवं पुरुष मतदाताओं की कतारें नजर आईं। इस चुनाव में कुल 723 उम्मीदवार मैदान में हैं। 24 लाख 23 हजार से अधिक मतदाता यह तय करेंगे कि अगले कार्यकाल में उनके वार्ड का प्रतिनिधित्व किसके हाथ में होगा। मतदान के लिए जयपुर में कुल 2,256 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें से 652 बूथों को क्रिटिकल श्रेणी में रखा गया है।
वार्ड 114 में मतदान केंद्र पर विवाद
मतदान शुरू होते ही वार्ड नंबर 114 में धाभाई जी का खुर्रा स्थित कसेरियों की धर्मशाला में बनाए गए मतदान केंद्र पर विवाद सामने आया। यहां कांग्रेस प्रत्याशी के मतदान केंद्र के अंदर मौजूद होने पर निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थकों ने आपत्ति जताई।
विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने मौके पर मोर्चा संभाला। मतदान केंद्र पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया। चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस की निगरानी जारी है।
वार्ड 26 में एजेंट को लेकर कांग्रेस प्रत्याशी का हंगामा
जयपुर के वार्ड नंबर 26 में मंगलम सिटी गवर्मेंट स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर भी विवाद हुआ। कांग्रेस प्रत्याशी अनीता देवी ने बूथ पर कांग्रेस के एजेंट के नहीं बैठने को लेकर आपत्ति जताई और हंगामा किया।
कांग्रेस प्रत्याशी ने मतदान कराने पहुंचे कर्मचारियों पर सरकार से मिलीभगत का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले को लेकर बूथ पर कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा।
वार्ड 141 में कुछ देर बंद रही EVM
वार्ड नंबर 141 के बूथ संख्या 11 पर EVM मशीन कुछ समय के लिए बंद हो गई। इसके बाद मतदान केंद्र पर मौजूद मतदाताओं ने नाराजगी जताई। जानकारी के अनुसार, कुछ समय बाद मशीन को ठीक कर दिया गया और मतदान प्रक्रिया दोबारा शुरू हो गई।
इस बीच डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने वार्ड 141 में पेंशन कार्यालय के बूथ नंबर 10 पर मतदान किया। वोट डालने के बाद उन्होंने मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की।
दिया कुमारी ने कहा कि नगर निकाय चुनाव में मतदान करना नागरिकों का महत्वपूर्ण कर्तव्य है। उन्होंने मतदान को लोकतंत्र का उत्सव बताते हुए लोगों से इसमें भागीदारी निभाने की अपील की।
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भी डाला वोट
उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भी जयपुर नगर निगम चुनाव में मतदान किया। निर्दलीय प्रत्याशियों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ना लोकतंत्र का हिस्सा है और कोई भी चुनाव लड़ सकता है।
जयपुर के विभिन्न क्षेत्रों में राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के अलावा निर्दलीय और क्षेत्रीय दलों से जुड़े प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं। मतदाता अपने वार्ड के लिए उपलब्ध उम्मीदवारों में से अपना प्रतिनिधि चुन रहे हैं।
24.23 लाख से अधिक मतदाता करेंगे फैसला
जयपुर नगर निगम चुनाव में 24 लाख 23 हजार से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन मतदाताओं के वोट से 150 वार्डों के पार्षदों का चुनाव होगा।
चुनाव मैदान में भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों के अलावा क्षेत्रीय दलों, निर्दलीय उम्मीदवारों और विभिन्न संगठनों से जुड़े प्रत्याशी भी शामिल हैं। इसलिए कई वार्डों में मुकाबला बहुकोणीय है, जबकि कुछ वार्डों में मुख्य राजनीतिक दलों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है।
10 वार्डों में भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला
जयपुर नगर निगम के 16 वार्ड ऐसे हैं जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला बताया गया है। वहीं चार वार्डों में 10 से अधिक उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
इस तरह अलग-अलग वार्डों में चुनावी मुकाबले की तस्वीर अलग है। कहीं दो प्रमुख दलों के उम्मीदवार आमने-सामने हैं तो कहीं निर्दलीय और अन्य दलों के प्रत्याशियों ने मुकाबले को बहुकोणीय बनाया है।
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50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के आरक्षण में 50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इससे बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवार भी चुनावी मुकाबले का हिस्सा हैं।
नगर निगम चुनाव में स्थानीय मुद्दों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। मतदान से एक दिन पहले बुधवार को प्रचार के अंतिम दौर में उम्मीदवारों ने मतदाताओं तक पहुंचने के लिए जनसंपर्क, रैलियों, नुक्कड़ सभाओं और घर-घर जाकर प्रचार किया।
सड़क, सीवर और सफाई जैसे मुद्दे प्रमुख
प्रचार के अंतिम दिन प्रत्याशियों ने अपने-अपने वार्डों से जुड़े स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। अलग-अलग इलाकों में सड़क और सीवर से लेकर सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण और आवारा पशु जैसे मुद्दों पर मतदाताओं से समर्थन मांगा गया।
नगर निगम चुनाव सीधे तौर पर स्थानीय नागरिक सुविधाओं से जुड़े होते हैं। ऐसे में उम्मीदवारों ने अपने वार्ड की समस्याओं और उनके समाधान को चुनाव प्रचार का प्रमुख आधार बनाया।
झोटवाड़ा में मतदाताओं के बीच पहुंचे प्रत्याशी
झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में भी सुबह से मतदान प्रक्रिया जारी रही। वार्ड नंबर 27 में महात्मा गांधी सीनियर सेकेंडरी स्कूल बाढ़ पितावास स्थित मतदान केंद्र पर मतदाता वोट डालने पहुंचे।
इसी बूथ पर भाजपा प्रत्याशी शंकर लाल यादव मतदाताओं से समर्थन मांगते नजर आए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने मतदाताओं के पैर पकड़कर वोट मांगे।
वार्ड 80 में कम मतदान रुझान
आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 80 में सुबह के शुरुआती घंटों में मतदान केंद्र पर अपेक्षाकृत कम संख्या में मतदाता पहुंचते दिखाई दिए। इस वार्ड में भाजपा की दलजीत कौर और कांग्रेस की हीना वाधवानी उम्मीदवार हैं।
हालांकि, मतदान का अंतिम प्रतिशत दिनभर में मतदाताओं की भागीदारी के आधार पर स्पष्ट होगा। शुरुआती घंटों की स्थिति को पूरे दिन के मतदान रुझान का अंतिम संकेत नहीं माना जा सकता।
क्रिटिकल बूथों पर सुरक्षा पर नजर
जयपुर में मतदान के लिए बनाए गए 2,256 बूथों में 652 को क्रिटिकल बूथ की श्रेणी में रखा गया है। मतदान के दौरान इन केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जा रही है।
वार्ड 114 और वार्ड 26 में शुरुआती विवादों के बाद पुलिस और प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। अधिकारियों का प्रयास है कि मतदान प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो।
14 सितंबर को आएंगे चुनाव परिणाम
जयपुर नगर निगम चुनाव के नतीजे 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे। इसके बाद महापौर और उप महापौर के चुनाव की प्रक्रिया होगी।
फिलहाल 150 वार्डों में मतदान जारी है और 723 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य मतदाताओं के हाथ में है। दिन बढ़ने के साथ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या और मतदान प्रतिशत में बदलाव आने की संभावना है। चुनाव के दौरान सामने आए बूथ विवाद, EVM की तकनीकी समस्या और विभिन्न क्षेत्रों में मतदाताओं की भागीदारी पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।








