जयपुर में युवक की हत्या का आरोप, पहले डंडे से पीटा फिर कार से कुचला

जयपुर के कानोता में सैलरी के विवाद को लेकर युवक की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि शराब पार्टी के दौरान विवाद के बाद तीन युवकों ने रोहित सैनी को पीटा औ

जयपुर के कानोता में सैलरी के विवाद को लेकर युवक की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि शराब पार्टी के दौरान विवाद के बाद तीन युवकों ने रोहित सैनी को पीटा और फिर कार से कुचल दिया।

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के कानोता थाना क्षेत्र में सोमवार तड़के एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। आरोप है कि सैलरी के पैसों को लेकर हुए विवाद के बाद तीन युवकों ने पहले रोहित सैनी और उसके साथी के साथ मारपीट की। इसके बाद रोहित के सिर पर डंडे से हमला किया गया और जमीन पर गिरने के बाद दोनों युवकों पर कार चढ़ा दी गई। घटना में रोहित की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल है। घटना कानोता पुलिया के पास सोमवार तड़के करीब 3 बजे हुई। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी जिस कार से वहां पहुंचे थे, वह आगे खड़े एक ट्रक से टकरा गई। इसके बाद आरोपी कार छोड़कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने कार को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

कानोता पुलिया के पास सड़क किनारे मिले दोनों युवक

कानोता थाना पुलिस को राहगीरों से सूचना मिली थी कि पुलिया के पास बाइक सवार दो युवक दुर्घटनाग्रस्त होकर सड़क किनारे पड़े हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

पुलिस को दोनों युवक घायल और खून से लथपथ हालत में मिले। दोनों को एंबुलेंस की मदद से जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS Hospital) पहुंचाया गया।

पुलिस के अनुसार, अस्पताल में इलाज के दौरान 26 वर्षीय रोहित सैनी को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उसके साथी सुनील सैनी को अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

मृतक रोहित सैनी चौमूं क्षेत्र की दुल्हा सिंह की ढाणी का रहने वाला था।

रोहित प्रॉपर्टी कारोबारी के यहां करता था ड्राइवर की नौकरी

पुलिस के मुताबिक, रोहित पिछले करीब एक साल से कानोता-बस्सी इलाके में प्रॉपर्टी कारोबारी नरेश अग्रवाल के यहां ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था।

प्रॉपर्टी कारोबारी ने अपने कर्मचारियों के रहने के लिए कानोता में एक जगह उपलब्ध करा रखी थी। रोहित भी वहां 4-5 अन्य कर्मचारियों के साथ रहता था।

परिजनों के अनुसार, छुट्टी मिलने पर रोहित अपनी पत्नी और दो बेटों से मिलने अपने घर जाता था।

घटना के बाद पुलिस को घटनास्थल के पास एक कार ट्रक में घुसी हुई मिली। पुलिस ने कार की जांच की तो उसके मालिकाना संबंध प्रॉपर्टी कारोबारी नरेश अग्रवाल से जुड़े होने की जानकारी सामने आई।

अग्रवाल से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि घटना के समय कार सुरेंद्र यादव के पास थी। इसके बाद पुलिस ने मामले में सुरेंद्र और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच शुरू की।

भाई ने सैलरी के पैसों को लेकर विवाद का आरोप लगाया

रोहित के भाई अशोक ने आरोप लगाया कि उसके भाई की हत्या सैलरी के पैसों को लेकर हुए विवाद के बाद की गई।

अशोक के मुताबिक, रोहित प्रॉपर्टी कारोबारी नरेश अग्रवाल के यहां ड्राइवर था और अपनी बकाया सैलरी के पैसे मांग रहा था।

परिवार के अनुसार, रविवार रात करीब 8 बजे रोहित, सुरेंद्र, दीपा, राजेश और सुनील बालाजी ईंट-भट्टे के पास मिले थे। इस दौरान सुरेंद्र ने रोहित को 20 हजार रुपये दिए। इसके बाद सभी ने वहां शराब पी।

शराब पीने के दौरान रोहित ने सुरेंद्र से बाकी बकाया रकम देने के लिए कहा। आरोप है कि सुरेंद्र ने जवाब दिया कि नरेश की ओर से फिलहाल इतने ही पैसे भेजे गए हैं।

इसी बात को लेकर रोहित और सुरेंद्र के बीच विवाद हो गया। परिवार का आरोप है कि विवाद के दौरान सुरेंद्र ने रोहित को धमकी भी दी।

रात 1 बजे फोन कर पेट्रोल पंप पर बुलाने का आरोप

परिजनों के मुताबिक, विवाद के बाद रोहित और सुनील फ्लैट पर सोने चले गए। रात करीब 1 बजे सुरेंद्र ने रोहित के मोबाइल पर फोन किया।

आरोप है कि फोन पर गाली-गलौज करने के बाद सुरेंद्र ने रोहित को कानोता पुलिया के पास स्थित पेट्रोल पंप के नजदीक बुलाया।

करीब 2:45 बजे रोहित और सुनील बाइक से वहां पहुंचे। परिवार के अनुसार, वहां सुरेंद्र, दीपा और राजेश पहले से मौजूद थे।

तीनों ने गाली-गलौज के बाद मारपीट शुरू की

मृतक के भाई अशोक के अनुसार, वहां पहुंचने के बाद रोहित और सुनील के साथ तीनों आरोपियों ने गाली-गलौज की।

परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने रोहित को धमकी देते हुए कहा कि नरेश के खिलाफ कुछ भी कहने पर वे उसकी बात नहीं सुनेंगे। इसके बाद तीनों ने रोहित और सुनील के साथ मारपीट शुरू कर दी।

इसी दौरान सुरेंद्र ने कार से डंडा निकाला और कथित तौर पर रोहित के सिर पर वार कर दिया। सिर पर चोट लगने के बाद रोहित जमीन पर गिर गया।

इसके बाद आरोप है कि आरोपियों ने कार से रोहित और सुनील को कुचल दिया। घटना के बाद दोनों घायल सड़क पर पड़े रहे।

भागते समय ट्रक से टकराई कार

रोहित और सुनील को कार से कुचलने के बाद आरोपी मौके से निकलने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उनकी कार आगे खड़े ट्रक से टकरा गई।

टक्कर के बाद आरोपी कार छोड़कर मौके से फरार हो गए। बाद में पास में चाय की दुकान चलाने वाले एक व्यक्ति ने घटना की सूचना पुलिस को दी।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को अस्पताल भेजा और दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में लिया।

परिजनों ने थाने के बाहर किया प्रदर्शन

रोहित की मौत की जानकारी मिलने के बाद उसके परिजन कानोता थाने पहुंचे। परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक रामलाल शर्मा भी मौके पर पहुंचे। परिवार ने पुलिस से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया

कानोता थाना पुलिस ने मामले में हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल से संबंधित साक्ष्यों को जुटाया है और कार को जब्त किया है।

पुलिस अब घटना के क्रम, आरोपियों की भूमिका, कार की स्थिति और मृतक तथा आरोपियों के बीच हुए विवाद से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

पुलिस के लिए यह भी महत्वपूर्ण है कि घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों, चाय की दुकान वाले व्यक्ति और अन्य संभावित प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर घटना का पूरा क्रम सामने लाया जाए।

सैलरी विवाद से हत्या तक पहुंचा मामला

परिवार के आरोपों के मुताबिक, घटना की शुरुआत बकाया सैलरी के पैसों को लेकर हुए विवाद से हुई थी। इसके बाद शराब पार्टी के दौरान विवाद बढ़ा और फिर कथित तौर पर मारपीट तथा कार से कुचलने की घटना हुई।

हालांकि, सैलरी विवाद, आरोपियों की भूमिका और हत्या के पूरे घटनाक्रम से जुड़े आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही होगी।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। वहीं, घायल सुनील सैनी का अस्पताल में उपचार जारी है। मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच से सामने आने वाले अन्य साक्ष्य भी आगे की कार्रवाई में महत्वपूर्ण होंगे।

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