अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को चेतावनी दी। उन्होंने शांति समझौते में देरी पर तेज सैन्य कार्रवाई की संभावना जताई और पाकिस्तान से ईरान पर दबाव बनाने को कहा।
America: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को कड़ा संदेश भेजा है। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगामी राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले उठाया गया। वेंस ने पाकिस्तान के मध्यस्थों से बातचीत में साफ किया कि अमेरिका ईरान के साथ लंबे समय तक इंतजार नहीं कर सकता और यदि शांति समझौता नहीं होता है तो सैन्य कार्रवाई तेज होगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेंस ने पाकिस्तान से कहा कि अमेरिका की शर्तों के बिना सीजफायर संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर तेहरान की ओर से कोई डील नहीं आती है तो अमेरिका को मजबूरन कठोर सैन्य कदम उठाने होंगे। इस बातचीत के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने पाकिस्तान से ईरान पर दबाव बनाने की अपील भी की।
पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिश
पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ बनने का प्रस्ताव रखा है। बीते सप्ताह ही पाकिस्तान ने ईरान को 15 सूत्रीय शांति योजना भेजी थी। इस योजना में संघर्ष रोकने और वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश की गई थी। हालांकि, ईरान ने फिलहाल इस योजना को खारिज कर दिया है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए चीन से समर्थन मांगने ईरान पहुंचे थे। उनका मकसद इस्लामाबाद को क्षेत्रीय शांति प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करना था। इस बीच, अमेरिका की ओर से पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश भेजा गया कि समय तेजी से निकल रहा है और इंतजार की गुंजाइश कम है।

ट्रंप ने ईरान को दी बड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में ईरान को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी जारी है और अगले दो से तीन हफ्तों में बड़े हमले किए जाएंगे। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने सभी लक्ष्य जल्द पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, 'हम ईरान को वापस पाषाण युग में ले जाने के लिए तैयार हैं, जहां वे वास्तव में थे।' इस बयान से साफ है कि अमेरिका किसी भी तरह की विलंब या निष्क्रियता को स्वीकार नहीं करेगा और सैन्य दबाव बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है।
मध्य पूर्व में बढ़ती तनाव की स्थिति
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका और ईरान के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिकी प्रशासन का रुख साफ है कि वह ईरान पर अपने सैन्य दबाव को बढ़ाकर किसी भी प्रकार की समझौता प्रक्रिया में मजबूती लाना चाहता है। वहीं, पाकिस्तान का मध्यस्थता प्रयास फिलहाल सीमित सफलता हासिल कर पाया है।
अमेरिका की सैन्य तैयारी
अमेरिका ने ईरान के आसपास अपनी सेनाओं और ठिकानों को मजबूत किया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस और राष्ट्रपति ट्रंप दोनों ने इस बात पर जोर दिया है कि अमेरिका किसी भी तरह की उकसावे के बिना अपनी रक्षा और रणनीतिक हितों की रक्षा करेगा। सैन्य तैयारी और ऑपरेशन की योजना इस बात का संकेत है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ ठोस और तेज़ कदम उठाने के लिए तैयार है।









