World Autism Awareness Day पर एक्सपर्ट्स ने ऑटिज्म के शुरुआती लक्षण और पहचान के महत्व पर जोर दिया है। ऑटिज्म एक न्यूरोडेवलपमेंट डिसऑर्डर है, जो बच्चों के कम्युनिकेशन, सामाजिक व्यवहार और रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित करता है। समय पर पहचान और थेरेपी से बच्चों की स्थिति में सुधार संभव है और विकास को सही दिशा दी जा सकती है।
ऑटिज्म के शुरुआती लक्षण: भारत में World Autism Awareness Day के अवसर पर बच्चों में ऑटिज्म के शुरुआती लक्षण और उनके प्रभाव पर एक्सपर्ट्स ने जानकारी साझा की है। डॉ अंकुर सेठी के अनुसार, अगर बच्चा आंखों में आंखें डालकर बात नहीं करता, नाम सुनने पर प्रतिक्रिया नहीं देता या दूसरों के साथ खेल में रुचि नहीं दिखाता, तो यह संकेत हो सकता है। शुरुआती पहचान न होने पर सही थेरेपी में देरी हो सकती है, इसलिए माता-पिता को सतर्क रहना और समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेना आवश्यक है।
ऑटिज्म क्या है
World Autism Awareness Day के मौके पर एक्सपर्ट बताते हैं कि ऑटिज्म एक न्यूरोडेवलपमेंट डिसऑर्डर है, जिसमें बच्चे का दिमाग सामान्य विकास से अलग तरीके से काम करता है। इससे उनके कम्युनिकेशन, सामाजिक व्यवहार और रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ता है। शुरुआती पहचान न होने पर सही ट्रीटमेंट में देरी हो सकती है, इसलिए माता-पिता को बच्चे के व्यवहार पर ध्यान देना जरूरी है।
शुरुआती लक्षण और संकेत
डॉ अंकुर सेठी, मैक्स हॉस्पिटल नोएडा, के अनुसार, अगर बच्चा आंखों में आंखें डालकर बात नहीं करता, अपने नाम पर प्रतिक्रिया नहीं देता, 2 साल से अधिक उम्र में कुछ बोलना शुरू नहीं करता या दूसरों के साथ खेलने में रुचि नहीं दिखाता, तो यह ऑटिज्म का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, एक ही चीज बार-बार बोलना या अचानक गुस्सा आना भी लक्षण हो सकते हैं।

इलाज और थेरेपी विकल्प
ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं, बल्कि डिसऑर्डर है, जिसे पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता। लेकिन शुरुआती पहचान और समय पर थेरेपी जैसे स्पीच थेरेपी, बिहेवियर थेरेपी और अन्य इंटरवेंशन से बच्चे की स्थिति में सुधार संभव है। जितनी जल्दी पहचान होगी, उतना बेहतर परिणाम मिलता है।
माता-पिता के लिए सुझाव
बच्चे के व्यवहार और इंटरैक्शन पर ध्यान दें। अगर कोई असामान्य व्यवहार दिखे, तो विशेषज्ञ से सलाह लें। बच्चे के साथ बातचीत बढ़ाएं और ऑटिज्म के किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें। समय पर इलाज और सही ट्रेनिंग से बच्चे का विकास बेहतर हो सकता है।











