झारखंड में 9 को भारी बारिश के आसार12 सितंबर तक रांची में भी बरसेंगे बादल 30-40 km/h की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

झारखंड में 9 सितंबर को कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। रांची में 12 सितंबर तक बारिश के दौर जारी रहेंगे और 30-40 किमी प्रति घंटे की हवाएं चल सकती हैं।
झारखंड में 9 को भारी बारिश के आसार12 सितंबर तक रांची में भी बरसेंगे बादल 30-40 km/h की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
Photo Credit / Attribution: Google

झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य में अगले कई दिनों तक बादल छाए रहने और अलग-अलग इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 9 सितंबर को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि रांची समेत अन्य हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इस दौरान वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी है।

मौसम केंद्र रांची के अनुसार 7 से 10 सितंबर के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 9 सितंबर को बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है। इस दिन पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और हजारीबाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम में अचानक बदलाव के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

रांची की बात करें तो राजधानी में भी मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बदला हुआ रहेगा। IMD के रांची पूर्वानुमान में 9 सितंबर को सामान्य रूप से बादल छाए रहने के साथ कुछ दौर की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इस दिन रांची का न्यूनतम तापमान करीब 21 डिग्री और अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इसके साथ ही गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

रांची में 10 सितंबर को भी एक-दो दौर की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इस दौरान भी गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बताई है। इसके बाद 11 सितंबर को बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश के कुछ दौर हो सकते हैं, जबकि IMD के सात दिन के पूर्वानुमान में 12 सितंबर को भी बादल और बारिश या गरज के साथ मौसम खराब होने की संभावना बनी हुई है।

राज्य के अन्य हिस्सों में भी मौसम का असर दिखाई देगा। 9 सितंबर को पलामू और गढ़वा से लेकर चतरा, लातेहार और संताल परगना से सटे इलाकों तक कई जगहों पर बारिश हो सकती है। खासकर उत्तर-पश्चिम और मध्य झारखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव जैसी स्थिति बन सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को बारिश के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होगी।

मौसम विभाग के अनुसार 7 और 8 सितंबर को भी झारखंड में गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। इस दौरान कई जगहों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 9 सितंबर को भी यही स्थिति बनी रह सकती है। इसलिए खुले मैदान, खेत, सड़क किनारे पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास रहने से बचने की सलाह दी गई है।

बारिश के इस दौर का असर आम जनजीवन पर भी पड़ सकता है। तेज हवा के साथ बारिश होने पर सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। पेड़ या उनकी बड़ी शाखाएं गिरने, बिजली के तारों के टूटने और निचले इलाकों में पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है। ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले किसानों को विशेष सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि गरज-चमक के दौरान खुले खेत में रहना जोखिम भरा हो सकता है।

रांची और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बादल रहने के कारण तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है। IMD के पूर्वानुमान में 9 सितंबर को रांची का अधिकतम तापमान 27 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है, जो सामान्य गर्म दिनों की तुलना में मौसम को अपेक्षाकृत सुहावना बनाए रख सकता है। बारिश के दौर से दिन के तापमान में कमी आने की संभावना है।

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान में 10 सितंबर तक झारखंड में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने की बात कही गई है। इसके बाद 11 और 12 सितंबर को बारिश की तीव्रता में कुछ बदलाव हो सकता है, लेकिन रांची समेत कई हिस्सों में बादल और बारिश की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं होगी। रांची के लिए 12 सितंबर तक के पूर्वानुमान में बादल छाए रहने और बारिश या गरज-चमक की संभावना दर्ज की गई है।

मौसम खराब होने के दौरान लोगों को अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। बिजली चमकने या तेज गरज सुनाई देने पर पेड़ के नीचे खड़े होने के बजाय किसी सुरक्षित और पक्के स्थान पर रहना बेहतर होगा। खेतों में काम कर रहे लोगों को भी मौसम खराब होने पर काम रोककर सुरक्षित जगह पर जाने की सलाह दी जाती है। बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मर और खुले बिजली उपकरणों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है।

राज्य में बारिश का यह दौर खेती के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। जिन इलाकों में बारिश की कमी रही है, वहां यह पानी फसलों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। हालांकि जिन क्षेत्रों में पहले से पानी जमा है या नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, वहां अतिरिक्त बारिश परेशानी बढ़ा सकती है। किसानों को स्थानीय मौसम की स्थिति देखकर खेतों में काम करने और जलनिकासी की व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत होगी।

फिलहाल मौसम विभाग का पूर्वानुमान यही संकेत दे रहा है कि झारखंड में मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रहेगी। 9 सितंबर को कई जिलों में भारी बारिश की संभावना सबसे ज्यादा है, जबकि रांची में भी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। 12 सितंबर तक राजधानी और राज्य के दूसरे हिस्सों में मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान जरूरी सावधानी बरतने की जरूरत है।

Leave a comment