झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन 13वें दिन भी जारी है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने पेपर लीक से इनकार करते हुए कहा कि सभी समस्याओं का समाधान बातचीत से किया जा सकता है।
रांची: झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। गुरुवार को प्रदर्शन का 13वां दिन रहा। बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्र भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। आंदोलन को राज्य के कई छात्र संगठनों का समर्थन भी मिल रहा है।
मंत्री इरफान अंसारी ने पेपर लीक के आरोपों को नकारा
झारखंड के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री इरफान अंसारी ने गुरुवार को छात्रों के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है और जो भी समस्याएं सामने आई हैं, उन्हें बातचीत के माध्यम से हल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि झारखंड में जहां भी अनियमितताएं सामने आईं, वहां सरकार ने कार्रवाई की है। मंत्री ने दावा किया कि राज्य सरकार ने दोषियों के खिलाफ कदम उठाए हैं और किसी भी मामले को नजरअंदाज नहीं किया गया।
परीक्षा रद्द करने की मांग पर मंत्री की प्रतिक्रिया
प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में JPSC परीक्षा को रद्द करना भी शामिल है। इस मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए इरफान अंसारी ने कहा कि परीक्षा रद्द करने से एक नया विवाद खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर परीक्षा रद्द की जाती है तो जो अभ्यर्थी सफल हुए हैं, वे भी आंदोलन शुरू कर सकते हैं और परीक्षा रद्द नहीं करने की मांग कर सकते हैं। मंत्री ने कहा कि हर व्यवस्था में कुछ कमियां हो सकती हैं, लेकिन उनका समाधान बातचीत और सुधार के जरिए किया जा सकता है। उन्होंने छात्रों से संवाद बनाए रखने की अपील की।
छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी
मंत्री के बयान के बावजूद प्रदर्शनकारी छात्रों का आंदोलन जारी है। पिछले करीब दो सप्ताह से छात्र रांची में धरना दे रहे हैं और अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है, क्योंकि यह युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला है। छात्रों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बारिश के बावजूद डटे रहे छात्र
प्रदर्शन स्थल पर खराब मौसम का भी छात्रों के उत्साह पर असर नहीं पड़ा। लगातार बारिश के बावजूद कई छात्र रातभर धरना स्थल पर मौजूद रहे। छात्र नेता देवेंद्र महतो भी अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। छात्र संगठनों के प्रतिनिधि भी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समर्थन दे रहे हैं।
सरकार और छात्रों के बीच बातचीत की पहल
इस बीच आंदोलन कर रहे छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल को झारखंड सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के लिए समय दिया गया है। गुरुवार को होने वाली इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। छात्रों को उम्मीद है कि बातचीत के माध्यम से उनकी मांगों पर सकारात्मक समाधान निकल सकता है। सरकार की ओर से भी संकेत दिए गए हैं कि संवाद के जरिए विवाद को खत्म करने की कोशिश की जाएगी।
छात्र संगठनों का बढ़ रहा समर्थन
JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब राज्य के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच रहा है। कई छात्र संगठनों ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में अपनी आवाज उठाई है। छात्र नेताओं का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में खामियों के कारण मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ता है।
झारखंड में रोजगार परीक्षाएं बनीं बड़ा मुद्दा
झारखंड में सरकारी नौकरियों की परीक्षाएं लंबे समय से युवाओं के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा रही हैं। राज्य के हजारों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी को लेकर नाराजगी जाहिर करते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने से युवाओं का भरोसा मजबूत होता है। वहीं, सरकार के लिए चुनौती यह है कि वह छात्रों की चिंताओं को दूर करते हुए परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखे।
आगे की राह पर नजर
अब सभी की नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बातचीत पर है। यदि बैठक में कोई सहमति बनती है तो आंदोलन खत्म होने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि, छात्रों ने साफ किया है कि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और जब तक ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक प्रदर्शन जारी रखेंगे।











